संसद में दावा – लेबर कोड लागू, लेकिन SAIL में अब भी पुराने कानूनों से चल रहा काम? संसद के जवाब ने खड़े किए बड़े सवाल!
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- भारत सरकार ने संसद में स्पष्ट रूप से कहा है कि देश के चारों नए Labour Codes प्रभावी हो चुके हैं और जिन प्रावधानों के लिए अलग से नियम (Rules) अधिसूचित करने की आवश्यकता नहीं है, वे पहले से लागू माने जाएंगे।
- लेकिन दूसरी ओर देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात कंपनी SAIL (Steel Authority of India Limited) में जमीनी स्तर पर अब भी अधिकांश व्यवस्थाएं पुराने श्रम कानूनों के अनुसार ही संचालित हो रही हैं।
- ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि यदि नया लेबर कोड लागू हो चुका है, तो उसका असर SAIL जैसे केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों में अभी तक क्यों दिखाई नहीं दे रहा?
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇

संसद में सरकार ने क्या कहा?
👉राज्यसभा में 6 अगस्त 2026 को पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि सरकार ने Code on Wages, Industrial Relations Code, Code on Social Security तथा Occupational Safety, Health and Working Conditions (OSH&WC) Code को 21 नवंबर 2025 से प्रभावी किया है। साथ ही केंद्र सरकार के नियम (Central Rules) भी 8 मई 2026 को अधिसूचित किए जा चुके हैं।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन प्रावधानों के लिए अलग से नियम बनाने की आवश्यकता नहीं है, वे पहले से लागू हैं।
राज्यों की भूमिका भी अहम, इसलिए पूरी तस्वीर एक जैसी नहीं
👉सरकार ने अपने जवाब में यह भी कहा कि ‘Labour’ समवर्ती (Concurrent) विषय है। इसलिए केंद्र के साथ-साथ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को भी अपने-अपने नियम (Rules) बनाने होते हैं। अधिकांश राज्यों ने नियम तैयार या प्रकाशित कर दिए हैं, जबकि कुछ राज्य अभी भी इस प्रक्रिया में हैं।
👉संक्रमण काल (Transition Period) के दौरान पुराने कानूनों के तहत जारी नियम, अधिसूचनाएं और व्यवस्थाएं तब तक लागू रहेंगी, जब तक वे नए Labour Codes के प्रावधानों से असंगत नहीं हैं।
फिर SAIL में अभी भी पुराने श्रम कानून क्यों दिख रहे हैं?
👉यहीं से सबसे बड़ा सवाल शुरू होता है। SAIL में आज भी कंपनी में अधिकांश प्रक्रियाएं पुराने श्रम कानूनों, सेवा नियमों (Service Rules), Standing Orders, औद्योगिक समझौतों (Settlements) और पहले से लागू व्यवस्थाओं के अनुसार ही संचालित हो रही हैं।
👉यदि सरकार का दावा है कि Labour Codes लागू हो चुके हैं, तो कर्मचारियों के दैनिक कार्य, औद्योगिक संबंध, अनुशासनात्मक प्रक्रियाएं, ठेका श्रमिकों से जुड़े नियम और अन्य श्रम संबंधी व्यवस्थाओं में व्यापक बदलाव अभी तक स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहे हैं।
कानून और जमीनी क्रियान्वयन के बीच अंतर
👉श्रम विशेषज्ञों के अनुसार किसी कानून का लागू होना और उसका पूर्ण क्रियान्वयन (Implementation) दो अलग-अलग चरण होते हैं। कई मामलों में नए कानून लागू होने के बाद भी संस्थानों को अपने आंतरिक नियम, HR Policy, Standing Orders, Service Conditions, Software Systems और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में बदलाव करने पड़ते हैं। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक कर्मचारियों को पुराने ढांचे के अनुसार काम होता हुआ दिखाई दे सकता है। यही कारण है कि संसद में सरकार द्वारा Labour Codes लागू होने की बात कहे जाने के बावजूद SAIL सहित कई संस्थानों में उसका प्रत्यक्ष प्रभाव अभी सीमित दिखाई दे रहा है।
कर्मचारियों के बीच उठ रहे हैं कई सवाल
👉संसद में दिए गए जवाब के बाद कर्मचारियों के बीच कई सवाल चर्चा का विषय बने हुए हैं—
- यदि Labour Codes लागू हैं, तो SAIL में उनकी अधिसूचना या आंतरिक आदेश कब जारी होंगे?
- क्या कंपनी अपने Service Rules और Standing Orders में संशोधन करेगी?
- कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों पर नए Labour Codes के कौन-कौन से प्रावधान लागू होंगे?
- क्या भविष्य में HR नीतियों और औद्योगिक संबंधों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं?
👉इन सवालों पर अभी तक SAIL की ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
अगली खबर पढ़े 👉 SAIL में हर तीन महीने पर यूनियनों से अनिवार्य बैठक हो, इस्पात मंत्रालय जारी करे आदेश: बीएकेएस की बड़ी मांग
रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।


Really impressed with the selection of slots available. It feels like a real casino from the comfort of my home. Love phjilibet178!
If you love slots then you gotta try this. The graphics are amazing and the bonuses keep coming. I am having a blast at dragon99slot!
The interface is so smooth and I had no trouble accessing my account. Definitely the best way to play! Check it out at jilibossloginapp
Just what I was looking for. Easy navigation and very responsive on all my devices. I’ll be coming back to bd7c7775 for sure