ऑपरेशन सिंदूर के 6 शहीदों के नाम पहली बार सार्वजनिक, आर्मी वॉर मेमोरियल के ‘रोल ऑफ ऑनर’ में किया गया शामिल
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- भारत के ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए छह वर्दीधारी जवानों के नाम पहली बार आधिकारिक रूप से सार्वजनिक किए गए हैं।
- इन सभी शहीदों के नाम अब आर्मी वॉर मेमोरियल की आधिकारिक वेबसाइट पर वर्ष 2025 के ‘रोल ऑफ ऑनर’ में शामिल किए गए हैं।
- परंपरा के अनुसार, इन वीर जवानों के नाम नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल में स्मारक ईंटों (Commemorative Bricks) पर भी अंकित किए जाएंगे।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
आर्मी और एयरफोर्स के छह जवानों के नाम शामिल
👉जारी सूची में भारतीय सेना के पांच जवानों और भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी का नाम शामिल है। इनमें सूबेदार मेजर पवन कुमार, राइफलमैन सुनील कुमार, लांस नायक दिनेश कुमार, अग्निवीर मूड मुरली नायक, हवलदार सुनील कुमार सिंह तथा भारतीय वायुसेना के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार शामिल हैं।
दो शहीदों को मिला वीरता सम्मान
👉इन छह शहीदों में से दो को मरणोपरांत वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। राइफलमैन सुनील कुमार को मरणोपरांत वीर चक्र प्रदान किया गया, जबकि सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को वायु पदक (Vayu Medal) से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 8 जून को राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह (Defence Investiture Ceremony) के दौरान राइफलमैन सुनील कुमार के माता-पिता को मरणोपरांत वीर चक्र प्रदान किया था।
पहली बार सार्वजनिक हुई शहीदों की पहचान
👉ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए इन छह जवानों की पहचान पहली बार आधिकारिक रूप से सार्वजनिक की गई है। इनके नाम वर्ष 2025 के आर्मी वॉर मेमोरियल के ‘रोल ऑफ ऑनर’ में दर्ज किए गए हैं, जो वर्षभर में विभिन्न सैन्य अभियानों में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों का आधिकारिक रिकॉर्ड होता है।
क्या था ऑपरेशन सिंदूर?
👉22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकी ढांचे को निशाना बनाते हुए ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। भारत के अनुसार, इस अभियान में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जिनमें यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदस्सिर अहमद जैसे हाई-वैल्यू टारगेट भी शामिल थे।
भारत सरकार का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ, जिसके पश्चात पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) ने भारतीय DGMO से संपर्क किया। इसके बाद दोनों देशों के बीच 10 मई 2025 से थल, वायु और समुद्र में सभी सैन्य कार्रवाइयों और गोलीबारी को रोकने पर सहमति बनी।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

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