LPG को लेकर बड़ी राहत: होर्मुज संकट थमते ही सरकार ने हटाईं कमर्शियल LPG पर लगी पाबंदियां, जानिए क्या बदलेगा
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- वेस्ट एशिया में पैदा हुए तनाव और होर्मुज जलमार्ग को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच गैस सप्लाई को लेकर उद्योग जगत की चिंता अब काफी हद तक खत्म होती नजर आ रही है।
- केंद्र सरकार ने इंडस्ट्रियल और कमर्शियल LPG उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत देते हुए नॉन-डोमेस्टिक पैक्ड LPG की सप्लाई पर लगी सेक्टर-वाइज पाबंदियां हटा दी हैं।
- इसके साथ ही गैस सप्लाई व्यवस्था को फिर से संकट से पहले वाली स्थिति में बहाल करने का फैसला लिया गया है।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇

केंद्र सरकार ने हटाईं कमर्शियल LPG पर लगी पाबंदियां
👉पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नॉन-डोमेस्टिक पैक्ड LPG की सप्लाई पर लागू सभी सेक्टर-वाइज प्रतिबंध वापस लेने का निर्णय लिया है। मंत्रालय के इस फैसले के बाद इंडस्ट्रियल और कमर्शियल उपभोक्ताओं को पहले की तरह गैस उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है जब वेस्ट एशिया में बने तनाव के कम होने और होर्मुज जलमार्ग से सप्लाई चेन के सामान्य होने के संकेत मिले हैं। इसी के साथ गैस वितरण व्यवस्था को भी धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौटाया जा रहा है।
इंडस्ट्रियल और कमर्शियल सेक्टर को मिलेगी बड़ी राहत
👉संकट के दौरान संभावित सप्लाई बाधित होने की आशंका को देखते हुए सरकार ने एहतियात के तौर पर कमर्शियल और इंडस्ट्रियल LPG की सप्लाई को नियंत्रित किया था। अब हालात सामान्य होने के बाद उद्योगों को फिर से राहत मिलने लगी है। इस फैसले का सीधा लाभ व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े क्षेत्रों को मिलेगा। रायपुर के इंडस्ट्रियल एरिया से लेकर इंदौर, भोपाल और बिलासपुर के कमर्शियल हब तक गैस की कमी के कारण प्रभावित उत्पादन और व्यावसायिक गतिविधियों को दोबारा गति मिलने की उम्मीद है। वहीं रेस्टोरेंट, होटल और छोटे उद्योगों को भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की उपलब्धता पहले की तुलना में आसान होगी।
बल्क LPG सप्लाई पर भी सरकार ने दी राहत
👉संकट के समय बल्क LPG की सप्लाई पर भी प्रतिबंध लगाए गए थे। अब पेट्रोलियम मंत्रालय ने इसमें भी राहत देते हुए नई व्यवस्था लागू की है। मंत्रालय के आदेश के अनुसार अब बल्क LPG उपभोक्ताओं को संकट से पहले की उनकी खपत का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा उपलब्ध कराया जाएगा। यह फैसला उन बड़े उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है जिनका संचालन नियमित बल्क LPG सप्लाई पर निर्भर करता है।
C3-C4 गैस स्ट्रीम को फिर से इंडस्ट्रियल उपयोग की मंजूरी
👉मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने के दौरान सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत C3-C4 गैस स्ट्रीम के उपयोग को केवल LPG उत्पादन तक सीमित कर दिया था। इस निर्णय के चलते पेट्रोकेमिकल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों की सप्लाई चेन प्रभावित हुई थी। अब आयात बढ़ने और देश में पर्याप्त LPG उपलब्ध होने के बाद सरकार ने C3-C4 गैस स्ट्रीम को दोबारा इंडस्ट्रियल उपयोग के लिए खोलने का फैसला किया है, जिससे संबंधित उद्योगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
घरेलू LPG सिलेंडर पर क्या पड़ेगा असर?
👉कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सेक्टर को राहत मिलने के बीच आम उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल बना हुआ है कि कहीं इसका असर घरेलू गैस सिलेंडर की उपलब्धता पर तो नहीं पड़ेगा। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इंडस्ट्रियल सेक्टर को दी गई इस राहत का घरेलू LPG आपूर्ति पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। मंत्रालय के अनुसार घरेलू उपयोग के लिए प्रतिदिन कम से कम 40 हजार मीट्रिक टन LPG का उत्पादन बनाए रखा जाएगा, जिससे घरों में गैस सिलेंडर की उपलब्धता और आपूर्ति पहले की तरह जारी रहेगी।
क्या है C3-C4 स्ट्रीम और क्यों है यह अहम?
👉रिफाइनरी में क्रूड ऑयल की प्रोसेसिंग के दौरान कई प्रकार की गैसें निकलती हैं। इनमें प्रोपेन (C3) और ब्यूटेन (C4) का मिश्रण ही LPG के रूप में उपयोग किया जाता है। यही गैस पेट्रोकेमिकल उद्योगों में भी विभिन्न उत्पादों के निर्माण के लिए इस्तेमाल होती है। संकट के दौरान सरकार ने उद्योगों को C3-C4 गैस की आपूर्ति रोककर इसे केवल घरेलू LPG उत्पादन के लिए उपयोग करने का निर्देश दिया था, ताकि देश में रसोई गैस की उपलब्धता प्रभावित न हो। अब हालात सामान्य होने के बाद इस गैस स्ट्रीम को दोबारा औद्योगिक उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

