सेक्टर-9 अस्पताल के निजीकरण के विरोध में बीएकेएस का आंदोलन तेज, 29 जून को ब्लैक बैज और 30 जून को होगा प्रदर्शन
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के प्रमुख चिकित्सा संस्थान जेएलएन अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (सेक्टर-9 अस्पताल) के संभावित निजीकरण के मुद्दे पर बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ (बीएकेएस) ने अपना विरोध तेज कर दिया है।
- यूनियन ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल का निजीकरण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और इसके खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।
- इसी क्रम में 29 जून को कर्मचारियों द्वारा ब्लैक बैज लगाकर कार्य करने तथा 30 जून को सेक्टर-9 अस्पताल के सामने विराट विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की गई है।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
निजीकरण के विरोध में सभी स्टेक होल्डर्स को भेजा गया पत्र
👉बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने निदेशक प्रभारी भिलाई इस्पात संयंत्र सहित सेल से जुड़े सभी स्टेक होल्डर्स को पत्र लिखकर सेक्टर-9 अस्पताल के निजीकरण के विरुद्ध बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। यूनियन के अनुसार आंदोलन की शुरुआत 30 जून को जेएलएन अस्पताल सेक्टर-9 के सामने आयोजित विराट प्रदर्शन से की जाएगी।
जेएलएन अस्पताल को बताया कर्मचारियों और आश्रितों की जीवनरेखा
👉यूनियन का कहना है कि जेएलएन हॉस्पिटल एंड रिसर्च अनुसंधान, भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों तथा उनके आश्रितों के लिए एक जीवनरेखा के समान है। बीएकेएस का दावा है कि पूर्व में सरकारी संस्थानों के निजीकरण के अनुभव अच्छे नहीं रहे हैं। यूनियन ने उदाहरण देते हुए कहा कि बीएसपी की जमीन एवं भवनों में संचालित निजी विद्यालयों के कारण धीरे-धीरे बीएसपी द्वारा संचालित अधिकांश विद्यालय या तो बंद हो गए हैं अथवा बेहद खराब स्थिति में संचालित हो रहे हैं। इसका प्रभाव कर्मचारियों पर पड़ा है, जिन्हें अब अपने बच्चों की शिक्षा के लिए अधिक शुल्क वहन करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं के महंगे होने की आशंका
👉बीएकेएस का कहना है कि यदि जेएलएन हॉस्पिटल एंड रिसर्च अनुसंधान, भिलाई का निजीकरण किया जाता है तो शिक्षा के बाद स्वास्थ्य सेवाएं भी महंगी हो जाएंगी तथा उपचार की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। यूनियन के अनुसार निजी संस्थान मुख्य रूप से लाभ कमाने के उद्देश्य से कार्य करते हैं, जिससे बीएसपी कर्मियों, उनके आश्रितों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
अस्पताल की वर्तमान स्थिति के लिए प्रबंधन की नीतियों को ठहराया जिम्मेदार
👉यूनियन ने कहा कि एक समय जेएलएन हॉस्पिटल एंड रिसर्च अनुसंधान, भिलाई न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि मध्य भारत में अपनी सेवाओं, चिकित्सा गुणवत्ता और दवाओं की गुणवत्ता के लिए अग्रणी संस्थानों में गिना जाता था। बीएकेएस का आरोप है कि गलत प्रबंधन और नीतियों के कारण अस्पताल की गुणवत्ता में गिरावट आई है, जिसे बेहतर प्रबंधन और नीति सुधारों के माध्यम से सुधारा जा सकता है।
संसाधनों की कमी नहीं, भर्ती की आवश्यकता
👉बीएकेएस ने कहा कि जेएलएन अस्पताल के पास उच्च गुणवत्ता वाले चिकित्सक, पैरा मेडिकल स्टाफ, फार्मासिस्ट, नर्सिंग स्टाफ, अत्याधुनिक मशीनें और विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। आवश्यकता केवल चिकित्सकों और मेडिकल कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की है। यूनियन का आरोप है कि मेडिकल विभाग से सेवानिवृत्त होने वाले चिकित्सकों और कर्मचारियों के स्थान पर उचित अनुपात में नई भर्तियां नहीं की गईं। बीएकेएस का कहना है कि यदि सेल प्रबंधन उच्च गुणवत्ता वाले चिकित्सक, पारामेडिकल स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ, लैब तकनीकी विशेषज्ञ और फार्मासिस्ट की भर्ती उचित अनुपात में करता, तो अस्पताल का संचालन अपने स्वयं के संसाधनों से प्रभावी ढंग से किया जा सकता था।
आंदोलन की रूपरेखा
दिनांक : 29 जून 2026
समय : सुबह 6:00 बजे से 30 जून 2026 रात्रि 10:00 बजे तक बीएसपी कर्मचारी सभी विभागों में ब्लैक बैज लगाकर कार्य करेंगे।
दिनांक : 30 जून 2026
समय : शाम 6:15 बजे से 7:30 बजे तक
जेएलएन हॉस्पिटल एंड रिसर्च अनुसंधान, भिलाई के सामने शांतिपूर्ण ढंग से विराट विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
बीएकेएस अध्यक्ष अमर सिंह का बयान
👉बीएकेएस अध्यक्ष अमर सिंह ने कहा कि सेल या उसकी कोई भी यूनिट किसी अधिकारी, नेता या राजनीतिक दल की पैतृक संपत्ति नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र के लाखों-करोड़ों करदाताओं और नागरिकों की संपत्ति है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों से जुड़े 40 से अधिक मुद्दे लंबित हैं, लेकिन सेल प्रबंधन इन समस्याओं के समाधान के बजाय कर्मचारियों के भविष्य को प्रभावित करने वाले निर्णयों पर ध्यान दे रहा है।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

