रायपुर: डीएसपी से 5 लाख की ठगी! रकम दोगुनी करने के झांसे में आए पुलिस अधिकारी, वकील समेत तीन पर मामला दर्ज
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- रायपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस मुख्यालय में पदस्थ एक उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) कथित तौर पर रकम दोगुनी करने के झांसे में आकर 5 लाख रुपये की ठगी का शिकार हो गए।
- शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने पेशे से वकील नरेश नाम के एक व्यक्ति समेत तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
डीएसपी की पहचान का उठाया कथित फायदा
👉पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता पुलिस मुख्यालय रायपुर में उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी पहचान पिछले लगभग दो वर्षों से नरेश से थी, जो स्वयं को वकील और फाइनेंस कारोबार से जुड़ा बताता था शिकायत के मुताबिक डीएसपी की पत्नी के नाम पर एक पेट्रोल पंप है, जिसकी क्रेडिट लिमिट लगभग 40 लाख रुपये तक है। डीएसपी इस लिमिट को बढ़ाना चाहते थे। इसी दौरान नरेश ने भरोसा दिलाया कि वह इस काम में मदद कर सकता है। बाद में आरोपी ने कथित रूप से डीएसपी को 5 लाख रुपये नकद देने पर बैंक खाते में 10 लाख रुपये ट्रांसफर कराने का भरोसा दिया।
कई जगह बुलाकर बदलता रहा लोकेशन
👉शिकायत के अनुसार 25 जून को आरोपी ने डीएसपी को फोन कर कमल विहार स्थित एक अस्पताल के पास बुलाया। डीएसपी नकदी लेकर वहां पहुंचे, लेकिन आरोपी ने किसी कारण का हवाला देते हुए स्थान बदल दिया और उन्हें अभनपुर रोड बुला लिया। वहां भी बातचीत पूरी नहीं हो सकी, जिसके बाद रात में दोबारा मिलने की बात तय हुई।
कार में रखा सूटकेस, लौटे तो गायब थे 5 लाख रुपये
👉पुलिस के अनुसार रात करीब 9 बजे आरोपी ने डीएसपी को नेताजी चौक, कटोरा तालाब बुलाया। वहां नरेश अपने दो साथियों के साथ पहुंचा और तीनों डीएसपी की कार में बैठकर इलेवन ग्राउंड पहुंचे। इसी दौरान आरोपी के बुलाने पर कुछ अन्य लोग भी वहां पहुंचे और आपस में विवाद करने लगे। शिकायत में डीएसपी ने बताया कि उन्होंने कार में बैठे आरोपियों को यह जानकारी दी थी कि उनकी कार में रखे सूटकेस में 5 लाख रुपये हैं और वे बाहर जाकर विवाद की स्थिति देख रहे हैं। कुछ देर बाद जब डीएसपी वापस कार के पास पहुंचे तो कार में मोबाइल, दस्तावेज और अन्य सामान सुरक्षित था, लेकिन सूटकेस में रखे 5 लाख रुपये गायब थे। साथ ही आरोपी भी मौके से फरार हो चुके थे।
सिविल लाइन थाने में दर्ज हुई एफआईआर
👉घटना के बाद डीएसपी ने तत्काल सिविल लाइन थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने नरेश समेत तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले ने खड़े किए कई सवाल
👉यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि शिकायतकर्ता स्वयं पुलिस विभाग में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपियों ने पूरी साजिश किस तरह रची और घटना में किन-किन लोगों की भूमिका रही।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

