200 गुम मोबाइल लौटाकर दुर्ग पुलिस ने जीता लोगों का भरोसा, 60 लाख रुपये की संपत्ति पहुंची वास्तविक मालिकों तक
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- दुर्ग पुलिस ने सोशल पुलिसिंग की दिशा में एक बार फिर उल्लेखनीय पहल करते हुए 200 गुम मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को वापस सौंपे हैं।
- लगभग 60 लाख रुपये मूल्य के इन मोबाइल फोन की बरामदगी साइबर तकनीक, तकनीकी विश्लेषण और विभिन्न राज्यों की पुलिस के समन्वित प्रयासों से संभव हो सकी।
- पुलिस नियंत्रण कक्ष, सेक्टर-06 दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों को उनके मोबाइल लौटाए, जिससे लोगों ने दुर्ग पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
दुर्ग पुलिस की सोशल पुलिसिंग पहल को मिली नई मजबूती
👉दुर्ग पुलिस के सतत तकनीकी एवं मैदानी प्रयासों से जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुम हुए 200 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को विधिवत सुपुर्द किया गया।पुलिस नियंत्रण कक्ष, सेक्टर-06 दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग द्वारा लगभग 60 लाख रुपये मूल्य के बरामद मोबाइल संबंधित नागरिकों को वितरित किए गए।
👉साइबर सेल एवं जिले के समस्त थाना-चौकी पुलिस की समन्वित कार्यवाही, तकनीकी विश्लेषण एवं अंतरराज्यीय समन्वय के माध्यम से बड़ी संख्या में गुम मोबाइल खोजने में सफलता प्राप्त हुई।
👉दुर्ग पुलिस सोशल पुलिसिंग की भावना के अनुरूप आम नागरिकों की खोई हुई संपत्ति वापस दिलाकर पुलिस एवं जनता के बीच विश्वास, सहयोग एवं सकारात्मक संबंधों को निरंतर सुदृढ़ कर रही है।
👉कार्यक्रम के दौरान मोबाइल प्राप्त करने वाले नागरिकों ने अपने खोए हुए मोबाइल वापस मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए दुर्ग पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया। कई नागरिकों ने बताया कि उन्हें अपने मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद लगभग समाप्त हो चुकी थी, किन्तु दुर्ग पुलिस के निरंतर प्रयासों से उनकी महत्वपूर्ण संपत्ति पुनः प्राप्त हो सकी।
कार्यक्रम में 200 मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को किए गए सुपुर्द
👉दुर्ग पुलिस द्वारा आम नागरिकों की गुम हुई संपत्ति को उनके वास्तविक स्वामियों तक वापस पहुंचाने के उद्देश्य से लगातार विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में आज दिनांक 01 अगस्त 2026 को पुलिस नियंत्रण कक्ष, सेक्टर-06, दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, दुर्ग द्वारा जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुम हुए एवं साइबर तकनीकी सहायता से बरामद किए गए 200 मोबाइल फोन, जिनकी अनुमानित कुल कीमत लगभग 60 लाख रुपये है, उनके वास्तविक स्वामियों को विधिवत सुपुर्द किए गए।
CEIR पोर्टल और तकनीकी ट्रैकिंग से मिली सफलता
👉गुम मोबाइल की सूचना प्राप्त होने के पश्चात जिले की साइबर सेल एवं संबंधित थाना पुलिस द्वारा प्रत्येक प्रकरण का तकनीकी विश्लेषण किया गया। सीईआईआर (CEIR) पोर्टल, तकनीकी ट्रैकिंग, विभिन्न दूरसंचार सेवा प्रदाताओं से समन्वय तथा अन्य राज्यों एवं जिलों की पुलिस इकाइयों के सहयोग से मोबाइल फोनों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित बरामद किया गया। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत सभी मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को वापस सौंपे गए।
मोबाइल वापस मिलने पर नागरिकों ने जताया आभार
👉कार्यक्रम के दौरान मोबाइल प्राप्त करने वाले नागरिकों ने अपने खोए हुए मोबाइल वापस मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए दुर्ग पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया। कई नागरिकों ने बताया कि उन्हें अपने मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद लगभग समाप्त हो चुकी थी, किन्तु दुर्ग पुलिस के निरंतर प्रयासों से उनकी महत्वपूर्ण संपत्ति पुनः प्राप्त हो सकी।
सोशल पुलिसिंग को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
👉दुर्ग पुलिस द्वारा संचालित यह अभियान केवल गुम संपत्ति की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि सोशल पुलिसिंग की अवधारणा को सशक्त बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है। आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान, पारदर्शी कार्यप्रणाली एवं संवेदनशील पुलिसिंग के माध्यम से पुलिस एवं नागरिकों के बीच विश्वास को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। दुर्ग पुलिस भविष्य में भी इसी प्रकार आम नागरिकों की सहायता एवं जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए निरंतर प्रभावी कार्यवाही करती रहेगी।
सराहनीय कार्य
👉उक्त कार्यवाही में जिला साइबर सेल, समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों, विवेचना अधिकारियों तथा मोबाइल रिकवरी अभियान में संलग्न समस्त पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही। सभी के समन्वित प्रयास, तकनीकी दक्षता एवं सतत फॉलोअप के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में गुम मोबाइल बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाया जा सका।
दुर्ग पुलिस की अपील
👉दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि मोबाइल गुम होने अथवा चोरी होने की स्थिति में तत्काल संबंधित थाना, साइबर सेल अथवा CEIR पोर्टल के माध्यम से सूचना दर्ज कराएं। समय पर सूचना एवं आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने से मोबाइल की शीघ्र ट्रैकिंग एवं बरामदगी की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही अपने मोबाइल की सुरक्षा के लिए स्क्रीन लॉक, पासवर्ड, बायोमेट्रिक सुरक्षा एवं आवश्यक सुरक्षा सुविधाओं का उपयोग अवश्य करें।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

