जिस अस्पताल में हुआ जन्म, अब उसी के बने सर्वोच्च मेडिकल प्रमुख: सेक्टर-9 अस्पताल के हेड ऑफ मेडिकल बने डॉ. उदय कुमार
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- भिलाई के जेएलएन अस्पताल की कमान अब ऐसे चिकित्सक के हाथों में है, जिनका इस संस्थान से रिश्ता सिर्फ पेशेवर नहीं बल्कि भावनात्मक भी है।
- सेक्टर-9 अस्पताल में जन्म लेने वाले वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. उदय कुमार को जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र (जेएलएन अस्पताल) का मुख्य चिकित्सा अधिकारी (Chief Medical Officer) एवं हेड ऑफ मेडिकल नियुक्त किया गया है।
- चिकित्सा अधिकारी से लेकर अस्पताल के सर्वोच्च चिकित्सा नेतृत्व तक का उनका 32 वर्षों का सफर समर्पण, उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा और मानवीय संवेदनाओं की प्रेरक मिसाल बन गया है।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
जन्मभूमि ही बनी कर्मभूमि, अब मिली सबसे बड़ी जिम्मेदारी
👉भिलाई इस्पात संयंत्र के सेक्टर-9 स्थित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र (जेएलएन अस्पताल) में जन्मे डॉ. उदय कुमार का इस अस्पताल से जुड़ाव बचपन से ही रहा है। उनके पिता भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत थे। प्रारंभिक शिक्षा से लेकर 11वीं तक की पढ़ाई उन्होंने बीएसपी के सेक्टर-6 स्थित विद्यालयों से की। इसके बाद कल्याण कॉलेज से बीएससी प्रथम वर्ष की पढ़ाई पूरी की और पीएमटी में चयनित होकर रायपुर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस एवं एमएस की डिग्री प्राप्त की।
वर्ष 1994 में उन्होंने सेक्टर-9 अस्पताल के बर्न विभाग में चिकित्सा अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं शुरू कीं। तीन दशक से अधिक समय तक लगातार चिकित्सा सेवा देने के बाद अब उन्हें अस्पताल का मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं हेड ऑफ मेडिकल बनाया गया है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन का गौरवपूर्ण क्षण है, बल्कि अस्पताल के इतिहास में भी एक विशेष अध्याय मानी जा रही है।
चिकित्सा अधिकारी से हेड ऑफ मेडिकल तक का प्रेरणादायी सफर
👉डॉ. उदय कुमार ने अपने पूरे करियर में मरीजों की सेवा, प्रशासनिक दक्षता और चिकित्सा गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। वर्ष 2013 में उन्हें बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग का विभागाध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद उन्होंने विभाग में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए, जिनकी बदौलत भिलाई का बर्न विभाग मध्य भारत के प्रमुख बर्न उपचार केंद्रों में शामिल हो गया।
उनके नेतृत्व में गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के उपचार के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार हुआ और अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं को नई पहचान मिली।
मध्य भारत का पहला और सेल का पहला स्किन बैंक स्थापित कराने का श्रेय
👉डॉ. उदय कुमार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक भिलाई इस्पात संयंत्र के बर्न विभाग में मध्य भारत का पहला तथा सेल (SAIL) का पहला स्किन बैंक स्थापित कराना रहा।
इस स्किन बैंक के माध्यम से अब तक सैकड़ों गंभीर रूप से झुलसे मरीजों का सफल उपचार किया जा चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार स्किन बैंक की उपलब्धता ने कई गंभीर मरीजों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी उपलब्धि ने सेक्टर-9 अस्पताल को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान भी दिलाई।
मरीजों के बीच लोकप्रिय, संवेदनशील चिकित्सक की पहचान
👉डॉ. उदय कुमार केवल एक कुशल सर्जन ही नहीं बल्कि मरीजों के प्रति अपनी संवेदनशीलता और सहज व्यवहार के लिए भी जाने जाते हैं। गंभीर रूप से जले मरीजों के उपचार में उनकी विशेषज्ञता इतनी चर्चित रही है कि कई मरीजों के परिजन उनके सफल उपचार के बाद मंदिरों में कथा-यज्ञ कराते हैं और दरगाहों पर चादर चढ़ाकर आभार व्यक्त करते हैं। यही विश्वास और मानवीय जुड़ाव उन्हें आम लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय बनाता है।
32 वर्षों से चिकित्सा सेवा के साथ समाजसेवा भी जारी
👉अस्पताल की जिम्मेदारियों के साथ-साथ डॉ. उदय कुमार पिछले 32 वर्षों से लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित करते आ रहे हैं। उन्होंने झिरिया पारा और रूआबांदा बस्ती को गोद लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में विकास का सफल मॉडल तैयार किया। सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी यह प्रतिबद्धता उन्हें केवल चिकित्सक नहीं बल्कि समाजसेवी के रूप में भी अलग पहचान दिलाती है।
अभिनय के क्षेत्र में भी बनाई अलग पहचान
👉चिकित्सा सेवा के अलावा डॉ. उदय कुमार ने अभिनय के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उन्होंने बॉलीवुड की हिंदी फिल्म ‘रमाई’ में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसे दर्शकों ने काफी सराहा।
नई जिम्मेदारी पर डॉ. उदय कुमार ने जताया भावुक आभार
“मध्य भारत के पुराने तथा प्रतिष्ठित 860 बिस्तरों वाले जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र का मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं हेड ऑफ मेडिकल बनने का सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ है। कई डॉक्टरों ने सेक्टर-9 अस्पताल में कार्य किया, लेकिन इस ऊंचाई तक पहुंचने का अवसर कम लोगों को मिलता है और यह सौभाग्य मुझे मिला। जिस अस्पताल में मेरा जन्म हुआ, उसी अस्पताल में सर्वोच्च पद पर कार्य करना मेरे लिए बेहद भावुक और गौरव का विषय है। जन्मभूमि और कर्मभूमि एक ही होना ईश्वर का विशेष आशीर्वाद है। मैं अपने सभी वरिष्ठों, साथियों, स्वर्गीय माता-पिता के आशीर्वाद और ईश्वर की कृपा के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।”
जेएलएन अस्पताल को नई दिशा मिलने की उम्मीद
👉अस्पताल परिवार, भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों और शहरवासियों को विश्वास है कि डॉ. उदय कुमार के नेतृत्व में सेक्टर-9 स्थित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं, बेहतर चिकित्सा प्रबंधन और मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाएं उपलब्ध कराने के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेगा। चिकित्सा अधिकारी से मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं हेड ऑफ मेडिकल तक का उनका यह सफर न केवल युवा चिकित्सकों के लिए प्रेरणास्रोत है, बल्कि यह भी साबित करता है कि समर्पण, सेवा और उत्कृष्ट कार्य ही किसी व्यक्ति को उसकी सबसे बड़ी पहचान दिलाते हैं।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

