BSP में करोड़ों की चोरी के बीच RFID पर उठे सवाल! सांसद विजय बघेल बोले- कर्मचारियों पर नहीं, सुरक्षा खामियों पर हो फोकस
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में करोड़ों रुपये मूल्य की स्क्रैप चोरी का मामला सामने आने के बाद संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्था और प्रस्तावित RFID निगरानी प्रणाली को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
- दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद विजय बघेल ने इस पूरे प्रकरण को केवल चोरी की घटना नहीं बल्कि संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक जवाबदेही और प्रबंधन की प्राथमिकताओं से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
- सांसद ने कहा कि जब संयंत्र में सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे और CISF जैसी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है, तब इतने बड़े पैमाने पर चोरी होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
करोड़ों की चोरी के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल!
👉सांसद विजय बघेल ने कहा कि हाल ही में सामने आए चोरी के मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्था में कहीं न कहीं गंभीर खामियां मौजूद हैं। उन्होंने घटना की जानकारी मिलते ही दुर्ग पुलिस अधीक्षक से चर्चा कर पूरे मामले की जानकारी ली तथा चोरी के गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस प्रशासन की सराहना भी की।
उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला सामान्य चोरी का नहीं लगता और इसकी गहन जांच आवश्यक है। इतने बड़े पैमाने पर हुई चोरी के पीछे पूरे नेटवर्क और संभावित मिलीभगत की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि वास्तविक दोषियों तक पहुंचा जा सके।
RFID व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग!
👉सांसद विजय बघेल ने विशेष रूप से प्रस्तावित RFID व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हालिया चोरी की घटना ने यह साबित कर दिया है कि समस्या कर्मचारियों की निगरानी बढ़ाने की नहीं बल्कि संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने की है। उन्होंने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों ने वर्षों की मेहनत, अनुशासन और उत्कृष्ट कार्य संस्कृति के बल पर संयंत्र को देश में सर्वाधिक प्रधानमंत्री ट्रॉफियां दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे कर्मचारियों पर अतिरिक्त निगरानी और नियंत्रणात्मक व्यवस्थाएं लागू करना उचित नहीं माना जा सकता। सांसद का कहना है कि प्रबंधन को कर्मचारियों को संदेह की दृष्टि से देखने के बजाय चोरी रोकने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और संयंत्र की संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर ध्यान देना चाहिए।
कर्मचारियों पर दबाव, लेकिन सुरक्षा पर सवाल कायम
👉विजय बघेल ने कहा कि एक ओर लागत नियंत्रण के नाम पर कर्मचारियों और अधिकारियों पर लगातार कार्य का दबाव बढ़ाया जा रहा है, ठेका श्रमिकों की संख्या कम की जा रही है और विभिन्न सुविधाओं में कटौती की जा रही है, वहीं दूसरी ओर संयंत्र की संपत्तियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में अपेक्षित कठोरता दिखाई नहीं दे रही है।उन्होंने कहा कि यदि करोड़ों रुपये की सामग्री चोरी हो सकती है तो प्रबंधन को सबसे पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था में चूक कहां हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
BSP की सुरक्षा और उत्पादन पर हो प्राथमिक फोकस
👉सांसद ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र देश की महत्वपूर्ण औद्योगिक धरोहर है। प्रबंधन की प्राथमिकता उत्पादन क्षमता बढ़ाने, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने की होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संयंत्र की संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रबंधन की नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी है। यदि सुरक्षा तंत्र में कहीं भी कमजोरी है तो उसे दूर किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
CBI और CVC जांच की मांग, संसद में भी उठेगा मुद्दा
👉सांसद विजय बघेल ने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए वे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) को भी पत्र लिखेंगे। उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा सत्र में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने मांग की कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कर सभी दोषियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, चाहे वे किसी भी पद, प्रभाव या स्तर से जुड़े हों। सांसद ने कहा कि देश की इस महत्वपूर्ण सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

