BSP के LDCP किल्न-3 ने फिर पकड़ी रफ्तार, जीरो हार्म के साथ पूरा हुआ बड़ा कैपिटल रिपेयर
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के लाइम एवं डोलो कैल्सिनेशन प्लांट (LDCP) में किल्न-3 का सफल पुनःप्रचालन मंगलवार को विधिवत रूप से किया गया।
- लंबे समय तक चले कैपिटल रिपेयर कार्य के सफल समापन के बाद संयंत्र ने एक बार फिर उत्पादन शुरू कर दिया है।
- खास बात यह रही कि पूरे रिपेयर कार्य को “जीरो हार्म” के लक्ष्य के साथ बिना किसी दुर्घटना या चोट के पूरा किया गया, जिसे संयंत्र की सुरक्षा संस्कृति और तकनीकी दक्षता की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ पुनःप्रचालन
👉किल्न-3 के कैपिटल रिपेयर को सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपरांत पुनःप्रचालन कार्यक्रम दिनांक 02 जून को विधिवत रूप से किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) द्वारा किल्न को उत्पादन में प्रारंभ किया गया। समारोह में CGM I/c (Services), CGM I/c (M&U), CGM(Mechanical) , CGM (SMS-2), CGM (RED),CGM(Contract Cell), CGM(OHP), CGM(Shops), CGM(EMD),तथा CGM (SMS-3) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
महाप्रबंधक प्रभारी (RMP-2 एवं RMP-3) श्री वी. के. ओगले ने अतिथियों का स्वागत किया तथा कार्यक्रम के समापन पर सभी वरिष्ठ अधिकारियों, गणमान्य अतिथियों और सहयोगी एजेंसियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
तकनीकी चुनौतियों के बीच समय पर पूरा हुआ कार्य
कार्यक्रम के दौरान प्रबंधक (RMP-3) श्री विनय कुमार पवार ने कैपिटल रिपेयर से संबंधित एक तकनीकी प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि रिपेयर कार्य के दौरान कई महत्वपूर्ण तकनीकी चुनौतियों का सामना किया गया, जिनका सफलतापूर्वक समाधान करते हुए किल्न में आवश्यक संशोधन किए गए। इस रिपेयर अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में लगभग 1000 टन रिफ्रैक्टरी ईंटों का निष्कासन और पुनःस्थापन शामिल रहा। यह कार्य रिफ्रैक्टरी इंजीनियरिंग विभाग (RED) द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करते हुए पूरा किया गया।
पहली बार अपनाई गई आधुनिक Mechanized Debricking तकनीक
👉इस कैपिटल रिपेयर की एक और विशेष उपलब्धि यह रही कि पहली बार किल्न में Mechanized Debricking तकनीक का उपयोग किया गया। पारंपरिक मैनुअल प्रक्रिया की तुलना में यह तकनीक अधिक सुरक्षित, तेज और प्रभावी मानी जाती है। इससे कार्यस्थल पर जोखिम कम हुआ और रिपेयर प्रक्रिया को निर्धारित समय के भीतर पूरा करने में मदद मिली। विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की आधुनिक तकनीकों का उपयोग भविष्य में संयंत्र की रखरखाव गतिविधियों को और अधिक सुरक्षित एवं उत्पादक बना सकता है।
सुरक्षा और स्वामित्व भाव पर दिया गया विशेष जोर
👉अपने संबोधन में कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) ने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों से संयंत्र के प्रति स्वामित्व भाव विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा केवल एक नियम नहीं बल्कि कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा होनी चाहिए। उन्होंने इस महत्वपूर्ण परियोजना को “जीरो हार्म” के साथ सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए सभी संबंधित विभागों, कर्मचारियों और सहयोगी एजेंसियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि टीमवर्क, अनुशासन और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है।
बढ़ेगी उत्पादन क्षमता और परिचालन विश्वसनीयता
👉वरिष्ठ अधिकारियों ने इस सफलता को मजबूत सुरक्षा संस्कृति, प्रभावी परियोजना प्रबंधन और तकनीकी विशेषज्ञता का परिणाम बताया। उनका मानना है कि किल्न-3 के सफल पुनःप्रचालन से लाइम एवं डोलो कैल्सिनेशन प्लांट की परिचालन क्षमता, विश्वसनीयता और उत्पादकता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के बड़े कैपिटल रिपेयर कार्य न केवल उपकरणों की आयु बढ़ाते हैं बल्कि उत्पादन प्रक्रिया को अधिक स्थिर और कुशल भी बनाते हैं, जिससे भविष्य में संयंत्र की समग्र प्रदर्शन क्षमता को मजबूती मिलेगी।
अगली खबर पढ़े 👉 BSP स्क्रैप चोरी कांड में दो और आरोपी गिरफ्तार, अब तक 8 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में!
रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

