बैंक कर्मचारियों की 3 दिन की हड़ताल टली! छुट्टियों की मांग पर बनेगी हाई लेवल कमेटी, 5-Day Working की मांग पर बातचीत जारी!
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है।
- 28, 29 और 30 सितंबर को प्रस्तावित तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल फिलहाल टाल दी गई है।
- हड़ताल टलने से आम ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि लगातार तीन दिन बैंक बंद रहने से कैश, चेक क्लियरेंस, बैंकिंग ट्रांजैक्शन और अन्य सेवाओं पर असर पड़ सकता था।
- रविवार देर रात हुई अहम बैठक के बाद हड़ताल टालने का फैसला लिया गया।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
रविवार देर रात बैठक के बाद टली बैंक हड़ताल
👉इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच रविवार देर रात बैठक हुई। इसी बैठक में बैंक कर्मचारियों की छुट्टियों से जुड़ी मांग पर एक कमेटी बनाने को लेकर सहमति बनी। इसके बाद 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल को फिलहाल टाल दिया गया। इस फैसले के बाद सोमवार से बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, कर्मचारियों की 5-Day Working समेत अन्य मांगों पर बातचीत आगे भी जारी रहने की संभावना है।
हड़ताल में शामिल होने वाली थीं 7 बड़ी बैंक यूनियनें
👉प्रस्तावित हड़ताल में देश की सात प्रमुख बैंक यूनियनों के शामिल होने की बात कही गई थी। इनमें—
- AIBEA
- AIBOC
- NCBE
- AIBOA
- BEFI
- INBEF
- INBOC शामिल हैं।
👉इन यूनियनों से बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी और अधिकारी जुड़े हुए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित हड़ताल में करीब 90% से अधिक बैंक कर्मचारियों के शामिल होने की संभावना जताई गई थी। ऐसे में हड़ताल होने पर देशभर में बैंकिंग सेवाओं पर व्यापक असर पड़ सकता था।
5-Day Working की मांग पर अभी भी बनी हुई है स्थिति
👉बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में हफ्ते में सिर्फ पांच दिन काम और दो दिन साप्ताहिक अवकाश यानी 5-Day Working लागू करना शामिल है। हालांकि, बैंक कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल से ठीक पहले सामने आई मीडिया रिपोर्टों में वित्त मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से कहा गया कि सरकार ने बैंकों में पांच दिन काम करने का कोई औपचारिक वादा नहीं किया था।
बताया गया कि सैलरी रिवीजन से जुड़ी बातचीत के दौरान भी इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बनी थी। मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, 5-Day Working की मांग बैंक कर्मचारी यूनियनों की ओर से उठाई गई थी। इसलिए हड़ताल टलने के बावजूद 5-Day Working का मुद्दा अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
छुट्टियों की मांग पर बनेगी हाई लेवल कमेटी
👉रविवार की बैठक में सबसे अहम बात छुट्टियों से संबंधित मांग को लेकर सामने आई। बैंक कर्मचारियों की छुट्टियों और कार्यदिवस से जुड़े मुद्दों पर विचार करने के लिए हाई लेवल कमेटी बनाए जाने पर सहमति बनी है।
इस कमेटी के जरिए संबंधित मांगों पर आगे चर्चा और विचार किया जाएगा। इससे बैंकिंग सेक्टर में लंबे समय से चल रही छुट्टियों और कार्यदिवस से जुड़ी बहस को संस्थागत तरीके से आगे बढ़ाने का रास्ता खुल सकता है।
PLI को लेकर भी सरकार और बैंक यूनियनों में मतभेद
👉बैंक कर्मचारियों की मांगों का मुद्दा सिर्फ 5-Day Working तक सीमित नहीं है। Performance Linked Incentive (PLI) को लेकर भी बैंक यूनियनों और सरकार के बीच मतभेद की स्थिति बनी हुई है।
रिपोर्टों के अनुसार, अधिकारियों के लिए PLI से जुड़ा नया नियम लागू किया गया है। इसमें स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए प्रदर्शन के आधार पर इंसेंटिव की व्यवस्था की गई है। अच्छे प्रदर्शन की स्थिति में यह इंसेंटिव 365 दिनों की बेसिक सैलरी के बराबर तक होने की बात कही गई है। बैंक यूनियनें इस व्यवस्था को लेकर भी अपनी आपत्ति जता रही हैं।
हड़ताल टलने से ग्राहकों को मिली बड़ी राहत
👉अगर 28, 29 और 30 सितंबर को बैंक हड़ताल होती, तो लगातार तीन दिनों तक बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित होने की आशंका थी। इसके अलावा महीने के अंतिम दिनों में बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ने से ग्राहकों, कारोबारियों और संस्थानों को भी परेशानी हो सकती थी।
अब हड़ताल टलने के बाद ग्राहकों को राहत मिली है। हालांकि, बैंकिंग सेवाओं में सामान्य स्थिति बनाए रखने के लिए आने वाले दिनों में यूनियनों और बैंक प्रबंधन के बीच बातचीत महत्वपूर्ण रहेगी।
10 साल बाद रविवार को क्यों खुले थे बैंक?
👉इस पूरे घटनाक्रम की एक दिलचस्प कड़ी यह भी है कि प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए वित्त मंत्रालय के निर्देश पर रविवार को बैंक खोले गए थे। बताया जा रहा है कि देश में करीब 10 साल बाद रविवार को आम ग्राहकों के लिए बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इससे पहले 2016 में नोटबंदी के दौरान रविवार को बैंक खोले गए थे।
उस समय 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बदलने, जमा करने और नकदी निकालने के लिए बड़ी संख्या में लोग बैंक शाखाओं में पहुंचे थे। ग्राहकों की भारी भीड़ को देखते हुए सरकार ने रविवार को भी बैंक शाखाएं खुली रखने का फैसला लिया था।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल तीन दिन की प्रस्तावित बैंक हड़ताल टल गई है, लेकिन बैंक कर्मचारियों की 5-Day Working, छुट्टियों और PLI से जुड़ी मांगों पर चर्चा आगे भी जारी रह सकती है।
सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम अब प्रस्तावित हाई लेवल कमेटी की प्रक्रिया और उसकी सिफारिशों से जुड़ा होगा। यदि कमेटी के जरिए कर्मचारियों की मांगों पर कोई सहमति बनती है, तो बैंकिंग सेक्टर के कामकाज के पैटर्न में आगे बदलाव की संभावना पर चर्चा तेज हो सकती है।
यानी फिलहाल बैंक हड़ताल से ग्राहकों को राहत जरूर मिली है, लेकिन 5-Day Working का मुद्दा अभी खत्म नहीं हुआ है।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

