SAIL बोनस विवाद पहुंचा CAT दिल्ली, प्रबंधन और सरकार को नोटिस जारी… कर्मचारियों के लिए PRP फॉर्मूला लागू करने की मांग तेज!
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- सेल कर्मचारियों के बोनस विवाद ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है।
- आरएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ (RAKS) द्वारा एएसपीएलआईएस बोनस फॉर्मूले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कैट दिल्ली ने सेल प्रबंधन, एनजेसीएस कनवेनर, इस्पात सचिव और श्रम सचिव को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
- यूनियन का आरोप है कि कर्मचारियों पर बहुमत आधारित और विवादित बोनस फॉर्मूला एकतरफा तरीके से थोपा जा रहा है, जबकि इसे लेकर कई यूनियनों की सहमति भी नहीं थी।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
एएसपीएलआईएस फॉर्मूला के खिलाफ CAT दिल्ली में दायर हुई याचिका!
👉आरएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने गलत तथा बहुमत आधारित एएसपीएलआईएस फॉर्मुला लागू करने और प्रत्येक वर्ष एकतरफा तरीके से कर्मियों के खाते में बोनस राशि भेजने के विरुद्ध कैट दिल्ली में मुकदमा दायर किया है। सोमवार 25 मई को हुई सुनवाई के बाद कैट ने सेल प्रबंधन, एनजेसीएस कनवेनर, इस्पात सचिव तथा श्रम सचिव को नोटिस भेजकर 4 सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
यूनियन अध्यक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
👉आरएकेएस यूनियन के अध्यक्ष श्री सुधीर कुमार श्रीवास्तव के अनुसार सेल प्रबंधन सेल कर्मचारियों के शोषण के लिए नित्य नए नए हथकंडे अपना रही है। सेल चेयरमैन तथा निदेशक कार्मिक खुद अपने लिए पीबीटी का 5 प्रतिशत पीआरपी के रूप में लेते हैं, जबकि कर्मचारियों को अत्यंत जटिल तथा गलत फॉर्मूले के आधार पर 25 से 30 हजार रुपए कर्मचारियों के खाते में भेज दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ एनजेसीएस के संविधान में स्पष्ट रूप से लिखा है कि बहुमत के आधार पर कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा तथा सभी समझौते आपसी सहमति के आधार पर ही किए जाएंगे, लेकिन दूसरी तरफ सेल प्रबंधन द्वारा सभी समझौते बाहरी तथा गैर निर्वाचित यूनियन नेताओं को साथ लेकर बहुमत आधार पर लागू किए जा रहे हैं।
बोनस फॉर्मूले को लेकर उठे सवाल!
👉यूनियन का कहना है कि बोनस फॉर्मूले को न तो सीधे उत्पादन से लिंक किया गया है और न ही मुनाफे से जोड़ा गया है। वहीं सेल के अधिशासी निदेशक लिखित रूप में खुद स्वीकार कर रहे हैं कि बोनस फॉर्मूला बहुमत आधारित लागू किया गया है। दूसरी ओर निदेशक कार्मिक भी एनजेसीएस मिनट्स के माध्यम से स्वीकार कर रहे हैं कि उपरोक्त बोनस फॉर्मूला किसी भी यूनियन को मंजूर नहीं है। इसके बावजूद सेल मैनेजमेंट उसी फॉर्मूले के आधार पर प्रत्येक वर्ष एकतरफा तरीके से कर्मियों के बैंक खातों में बोनस राशि भेज रही है।
कर्मचारियों के लिए PRP फॉर्मूला लागू करने की मांग
👉यूनियन ने अपनी याचिका में मांग की है कि वर्तमान बोनस फॉर्मूले को रद्द कर कर्मचारियों के लिए भी पीआरपी फॉर्मूला लागू किया जाए। साथ ही पीआरपी बोनस फॉर्मूले को वर्ष 2021 से प्रभावी करते हुए पिछले सभी वर्षों का एरियर भुगतान भी कर्मचारियों को दिया जाए।
किन यूनियनों ने किया हस्ताक्षर, कौन रहा विरोध में
👉एएसपीएलआईएस फॉर्मूला में हस्ताक्षर करने वाली यूनियनें
- भारतीय मजदूर संघ
- इंटक
- हिंद मजदूर सभा
👉हस्ताक्षर नहीं करने वाली यूनियनें
- एटक
- सीटू
यूनियन का बयान-
👉सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि प्रबंधन और एनजेसीएस यूनियन प्रतिनिधियों की जुगलबंदी ने सेल कर्मचारियों के शोषण का स्तर और बढ़ा दिया है। हस्ताक्षर करने वाली तथा हस्ताक्षर नहीं करने वाली सभी यूनियनें गंभीर चुप्पी धारण कर मैनेजमेंट के मनोबल को बढ़ा रही हैं। अब न्यायालय पर ही भरोसा है।
— सुधीर कुमार श्रीवास्तव
अध्यक्ष, आरएकेएस राउरकेला
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

