नकली सोने का बड़ा खेल! 19.32 लाख की ठगी करने वाला अंतरराज्यीय गिरोह बेनकाब! 6 आरोपी गिरफ्तार
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- पाटन में ज्वेलर्स को असली सोने का भरोसा दिलाकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का दुर्ग पुलिस ने पर्दाफाश किया है।
- गिरोह के सदस्य पहले असली सोना गिरवी रखकर ज्वेलर्स का विश्वास जीतते थे और फिर नकली सोने की पत्तियां देकर बड़ी रकम हासिल कर फरार हो जाते थे।
- पाटन में 19.32 लाख रुपये की ठगी के मामले की जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
- आरोपियों के कब्जे से 23 नकली और एक असली सोने की पत्ती समेत कई सामान बरामद किए गए हैं।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
नकली सोने की पत्तियां देकर 19.32 लाख की ठगी
👉दिनांक 24.09.2026 को थाना पाटन क्षेत्र के पुराना बाजार स्थित लक्ष्मी ज्वेलर्स में ज्वेलर्स व्यापारी आनंद सोनी के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ओमी सिंह एवं लाखन सिंह ज्वेलर्स की दुकान पर पहुंचे और 18 नग सोने की पत्तियां, जिनका कुल वजन लगभग 180 ग्राम था, उन्हें असली सोना बताकर गिरवी रखा। इसके बदले आरोपियों ने 15 लाख 93 हजार रुपये प्राप्त किए।
इसी दौरान आरोपियों ने दुकान से 03 नग सोने की अंगूठियां, वजन 18.910 ग्राम तथा चांदी की 01 जोड़ी पायल, वजन 176.590 ग्राम, कुल कीमत लगभग 3 लाख 39 हजार रुपये, उधारी में प्राप्त की। आरोपियों ने एक सप्ताह के भीतर ब्याज सहित रकम वापस करने का विश्वास दिलाया, लेकिन निर्धारित समय पर रकम वापस नहीं की।
जांच में खुला नकली सोने का राज
👉समय पर रकम वापस नहीं करने पर ज्वेलर्स को संदेह हुआ। इसके बाद गिरवी रखी गई सोने की पत्तियों की जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि पत्तियों में लगभग 10 प्रतिशत सोना और 90 प्रतिशत अन्य धातु थी। इस तरह आरोपियों द्वारा ज्वेलर्स के साथ कुल 19 लाख 32 हजार रुपये की धोखाधड़ी किए जाने की पुष्टि हुई। मामले में थाना पाटन में अपराध क्रमांक 347/2026, धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की।
पहले असली सोना, फिर नकली सोने से बड़ी ठगी
👉आरोपी राजस्थान के अलवर क्षेत्र से जुड़े हैं और अलग-अलग इलाकों में घूमकर ज्वेलर्स व्यापारियों को निशाना बनाते थे। गिरोह के सदस्य शुरुआत में चटाई बेचने के बहाने कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में घूमते थे। इसी दौरान वे स्थानीय ज्वेलर्स से संपर्क स्थापित करते और धीरे-धीरे उनका विश्वास हासिल करते थे। विश्वास मजबूत करने के लिए आरोपी पहले असली सोने की अंगूठी अथवा अन्य आभूषण गिरवी रखकर समय पर लेन-देन पूरा करते थे। इससे ज्वेलर्स को उनके ऊपर भरोसा हो जाता था।
इसके बाद आरोपी दोबारा दुकान पर पहुंचते और असली सोने के साथ नकली सोने की पत्तियां मिलाकर बड़ी रकम प्राप्त करते थे। इन नकली पत्तियों पर सोने की पॉलिश होने के कारण शुरुआती स्तर पर उनके नकली होने की पहचान करना मुश्किल होता था।
ठगी की रकम छिपाने के लिए इस्तेमाल करते थे गुप्त थैली
👉जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ठगी की रकम को सुरक्षित तरीके से छिपाकर ले जाने के लिए कमर में बांधने योग्य विशेष कपड़े की गुप्त थैली का इस्तेमाल करते थे। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान ऐसी 06 गुप्त कपड़े की थैलियां भी बरामद की हैं।
दुर्ग पुलिस ने ज्वेलर्स एसोसिएशन को किया अलर्ट
👉घटना की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने केवल पाटन तक जांच सीमित नहीं रखी। पुलिस द्वारा दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव एवं रायपुर के ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के ज्वेलर्स व्यापारियों तथा ज्वेलर्स एसोसिएशन से संपर्क किया गया। पुलिस ने गिरोह के अपराध करने के तरीके की जानकारी साझा करते हुए व्यापारियों को इस तरह की ठगी से सतर्क रहने के लिए कहा।
अर्जुन्दा में 25 लाख की ठगी की कोशिश और पुलिस की कार्रवाई
👉इसी दौरान बालोद जिले के अर्जुन्दा क्षेत्र से पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध व्यक्ति एक अन्य ज्वेलर्स व्यापारी के यहां नकली सोना गिरवी रखकर लगभग 25 लाख रुपये प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई की और संदिग्धों को पकड़ लिया।पूछताछ और प्राप्त सुरागों के आधार पर पुलिस को पता चला कि गिरोह के अन्य सदस्य राजनांदगांव शहर में किराये के मकान में रह रहे थे।
ट्रेन से फरार हो रहे थे आरोपी, RPF नागपुर की मदद से पकड़े गए
👉पुलिस टीम के पहुंचने से पहले गिरोह के कुछ सदस्य ट्रेन से फरार हो चुके थे। इसके बाद पुलिस ने CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी सुरागों के आधार पर फरार आरोपियों की तलाश शुरू की। इस कार्रवाई में RPF नागपुर का सहयोग लिया गया। पुलिस और RPF के समन्वय से ट्रेन से फरार हो रहे दो महिला और दो पुरुष आरोपियों को पकड़ लिया गया। इस तरह पूरी कार्रवाई में गिरोह के कुल 06 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब आरोपियों की दुर्ग, पाटन, राजनांदगांव, अर्जुन्दा एवं गुंडरदेही सहित आसपास के क्षेत्रों में आवाजाही और इसी तरीके से की गई अन्य घटनाओं अथवा प्रयासों के संबंध में विस्तृत जांच कर रही है।
गिरफ्तार किए गए 6 आरोपी कौन हैं?
👉पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं—
- श्याम सिंह उर्फ लाखन नायक, उम्र 31 वर्ष, निवासी ग्राम कठुमर, वार्ड क्रमांक 05, होदवाली मोहल्ला, थाना कठुमर, जिला अलवर, राजस्थान।
- गोविन्द नायक उर्फ गिरीराज, उम्र 39 वर्ष, निवासी ग्राम पोस्ट कठुमर, थाना कठुमर, जिला अलवर, राजस्थान।
- प्रहलाद नायक, उम्र 65 वर्ष, निवासी चैनपुरा, थाना खेरली, तहसील कठुमर, जिला अलवर, राजस्थान।
- अर्जुन नायक, उम्र 28 वर्ष, निवासी थाना चैनपुर, थाना खेरली, तहसील कठुमर, जिला अलवर, राजस्थान।
- राजबती नायक, उम्र 61 वर्ष, निवासी चैनपुर, थाना खेरली, तहसील कठुमर, जिला अलवर, राजस्थान।
- मंजू नायक, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम रेटी, थाना कठुमर, पोस्ट ऑफिस कठुमर, जिला अलवर, राजस्थान।
आरोपियों से क्या-क्या बरामद हुआ?
👉पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्न सामग्री बरामद की है—
- 23 नग सोने की पॉलिश की हुई नकली सोने की पत्तियां।
- 01 नग असली सोने की पत्ती।
- कुल 24 नग सोने की पत्तियां, प्रत्येक लगभग 10 ग्राम, कुल वजन लगभग 240 ग्राम।
- 01 मोटर साइकिल पैशन प्रो, क्रमांक CG-04-KV-0246।
- नगदी रकम ₹16,190/-।
- कमर में बांधने वाली गुप्त कपड़े की 06 नग थैलियां।
- धर्मचंद रिखवचंद जैन ज्वेलर्स दुकान का कोरा बिल।
- आधार कार्ड एवं एटीएम कार्ड।
- हथौड़ी, पेचकस एवं स्क्रूड्राइवर।
- वाहन का बिक्री पत्र।
पुलिस टीम के समन्वय से मिली बड़ी सफलता
👉इस पूरे प्रकरण में आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी और बरामदगी की कार्रवाई में थाना पाटन पुलिस टीम एवं संबंधित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं फरार आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी में RPF नागपुर से प्राप्त समन्वय एवं सहयोग भी अहम रहा, जिसके माध्यम से ट्रेन से फरार हो रहे आरोपियों को पकड़ा जा सका।
ज्वेलर्स व्यापारियों के लिए दुर्ग पुलिस की अहम अपील
👉दुर्ग पुलिस ने ज्वेलर्स व्यापारियों से अपील की है कि सोना अथवा अन्य कीमती धातु गिरवी रखते समय उसकी शुद्धता की वैज्ञानिक एवं प्रमाणित जांच अवश्य कराएं। पुलिस ने कहा है कि बड़ी रकम का लेन-देन पर्याप्त सत्यापन के बाद ही किया जाए। किसी व्यक्ति की गतिविधि संदिग्ध पाए जाने या नकली सोने से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी मिलने पर तत्काल नजदीकी थाना अथवा पुलिस को सूचना दें। दुर्ग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अंतरराज्यीय एवं संगठित अपराधों के विरुद्ध सतत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
अगली खबर पढ़े 👉 भिलाई में 7 अक्टूबर को गूंजेगा स्वामी विवेकानंद का संदेश, ‘मानव-उत्कर्ष’ पर जुटेंगे देश के प्रख्यात वक्ता..
रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

