BSP में करोड़ों के लोहा चोरी कांड में एक और गिरफ्तारी, क्रेन चालक रविन्द्र साहू पुलिस के शिकंजे में

– DIGITAL BHILAI NEWS –

  • भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से करोड़ों रुपये के लोहा स्क्रैप की संगठित चोरी मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
  • इस बहुचर्चित मामले में अब एक और अहम गिरफ्तारी हुई है।
  • पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने क्रेन चालक रविन्द्र साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
  • पुलिस जांच में सामने आया है कि चोरी के इस पूरे नेटवर्क में रविन्द्र साहू की महत्वपूर्ण भूमिका थी और वह मुख्य फरार आरोपी संजय सिंह के निर्देश पर काम कर रहा था।
  • आइए विस्तार से जानते है 👇

क्रेन से लोड होता था चोरी का लोहा

👉पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी संजय सिंह के इशारे पर BSP परिसर से चोरी किए गए लोहे को फ्लू डस्ट परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों में क्रेन की मदद से लोड किया जाता था। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी रविन्द्र साहू ने इस पूरे खेल में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है। जांच एजेंसियों का मानना है कि चोरी के इस नेटवर्क को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा था, जिसमें कई लोगों की मिलीभगत की आशंका है।

👉पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि सभी आरोपीगण संगठित रूप से पिछले 4-5 माह से भिलाई स्टील प्लांट से लोहे की चोरी कर रहे थे।


अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार

👉करोड़ों रुपये के इस चर्चित मामले में पुलिस अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इससे पहले की कार्रवाई में पुलिस ने लगभग 250 टन संदिग्ध लोहा, कई भारी वाहन और अन्य सामग्री समेत करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपये मूल्य का मशरूका जब्त किया था। यह कार्रवाई भिलाई क्षेत्र में सामने आए सबसे बड़े औद्योगिक चोरी मामलों में से एक मानी जा रही है।

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मुखबिर की सूचना पर हुआ था बड़ा खुलासा!

दिनांक 26.05.2026 को मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर ग्राम अकलोरडीह खदान पारा में स्थित ए.के. ट्रेडर्स प्लाट नंबर 18 ए/05 एच.आई.ए. हथखोज भिलाई फैब्रीकेशन वर्क्स एंड स्क्रैप डीलर परिसर की जांच की गई। जांच के दौरान हाईवा वाहन क्रमांक CG 04 QT 8797 में लोहे की प्लेट कटिंग एवं लोहे की बीम फ्लू डस्ट के साथ भरी हुई मिली। वहीं ट्रक क्रमांक CG 10 R 2004 में लोहे की प्लेट कटिंग भरी हुई पाई गई।

👉इसके अतिरिक्त एक खाली हाईवा वाहन क्रमांक CG 08 AW 1475 भी मौके पर खड़ा मिला, जिसके बारे में पाया गया कि वह अपनी लोहे की प्लेट एवं बीम खाली कर चुका था। स्थल पर लोहे की प्लेट, बीम कटिंग और फ्लू डस्ट के मिश्रण के बड़े ढेर मिले, जबकि दूसरे ढेर में लोहे की प्लेट एवं बीम कटिंग अलग से रखी हुई पाई गई।


भारी मशीनों और वाहनों का हो रहा था उपयोग!

👉पुलिस को मौके से एक खाली ट्रक क्रमांक CG 07 MB 2455, टाटा 1109 वाहन क्रमांक CG 07 CA 6977, एक टाटा एस वाहन क्रमांक CG 04 JB 9616 भी मिला। इसके अलावा लोहा उठाने और लोड करने के लिए उपयोग में लाया जाने वाला एक जेसीबी क्रमांक CG 08 AY 8496, एक हाईड्रा क्रमांक CG 07 CW 8063 तथा एक बिना नंबर की चेन माउंटिंग मशीन भी बरामद की गई।

जांच के दौरान यह भी पाया गया कि डस्ट छानने के लिए पांच लोहे की मशीनें लगाई गई थीं, जिनका उपयोग चेन माउंटिंग मशीन, जेसीबी और हाईड्रा के माध्यम से डंप किए गए लोहे के प्लेट और बीम को वाहनों में लोड कर अन्यत्र भेजने के लिए किया जा रहा था।


मुख्य सरगना अब भी फरार

👉हालांकि मामले का मुख्य आरोपी संजय सिंह अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसके अलावा गिरोह से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की भी तलाश जारी है। पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।

👉इस मामले में आरोपी चिंतानंद साहू, जितेश वर्मा, मिथेन ठाकुर एवं निर्मल सिंह को पूर्व में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है।


CISF सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल?

👉BSP से जुड़े इस मामले ने एक बार फिर प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ों रुपये के लोहे की चोरी, भारी वाहनों और मशीनों के इस्तेमाल तथा लंबे समय तक चल रहे कथित नेटवर्क ने यह बहस तेज कर दी है कि आखिर इतनी बड़ी गतिविधियां CISF सुरक्षा तंत्र की नजरों से कैसे बचती रहीं। पुलिस का मानना है कि आगे की जांच में कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

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