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SAIL BONUS 2026: कल होगी अहम बैठक, जानिए ASPLIS की Calculation, कितनी बन सकती है Bonus राशि और नए Formula को लेकर कर्मियों की क्या है उम्मीद?

– DIGITAL BHILAI NEWS –

  • SAIL कर्मचारियों के बोनस को लेकर कल 1 अक्टूबर को दिल्ली में बड़ी बैठक होने जा रही है।
  • लेकिन इस बार असली सवाल सिर्फ यह नहीं है कि कर्मचारियों के खाते में कितने हजार रुपये आएंगे।
  • सवाल यह है कि क्या Management इस बैठक में यूनियनों के साथ Bonus पर Bargaining करेगा या फिर केवल अपनी तैयार Calculation बताकर यूनियनों को लौटा देगा?
  • SAIL के आधिकारिक पत्र की भाषा को देखें तो बैठक का उद्देश्य Calculation साझा करना और Annual Amount की जानकारी देना बताया गया है।
  • ऐसे में कर्मचारियों के बीच यह चर्चा तेज है कि क्या एक बार फिर पुराना Formula ही Bonus की रकम तय करेगा या नया और बेहतर फॉर्मूला बनेगा?
  • आइए विस्तार से जानते है 👇

कल दिल्ली में Bonus की बैठक, लेकिन क्या होगी Bargaining?

👉SAIL Corporate Office की ओर से जारी आधिकारिक पत्र के मुताबिक 1 अक्टूबर 2026 को दोपहर 1 बजे New Delhi के India Habitat Centre में ASPLIS 2026-27 को लेकर बैठक होगी। बैठक में Senior Trade Union Leaders के साथ प्रत्येक संगठन से एक प्रतिनिधि शामिल होगा।

इस्पात कर्मचारी सोसायटी

पत्र में बैठक का उद्देश्य साफ शब्दों में बताया गया है—ASPLIS 2026-27 की Calculation साझा करना और Annual Amount की जानकारी देना। यहीं से इस बैठक को लेकर सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है।

क्या Management यूनियनों के साथ Bonus Amount पर बातचीत करने जा रहा है या सिर्फ अपनी तैयार Calculation सामने रखकर राशि की जानकारी देगा? पत्र में Union की मांगों पर बातचीत, Formula में बदलाव या Bonus Amount पर Negotiation जैसे शब्द दिखाई नहीं देते। यही वजह है कि कर्मचारियों के बीच इस बैठक को लेकर उत्सुकता के साथ-साथ कई सवाल भी हैं।

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क्या फिर Management बताएगा—इतना Bonus बनता है?

👉पिछले कुछ वर्षों की प्रक्रिया को लेकर कर्मचारी पहले से सवाल उठाते रहे हैं। कर्मचारी पक्ष का कहना है कि Bonus Formula को लेकर उनकी आपत्तियों और बेहतर राशि की मांग के बावजूद ऐसे फॉर्मूला से बोनस राशि तय होती है जिसमें कर्मियों को उनका वास्तविक हक नहीं मिल पाता।

इसी वजह से कर्मचारियों को आशंका है कि इस बार भी बैठक में Management अपनी Calculation रखेगा और उसी के आधार पर Bonus Amount सामने आएगा। यदि यही प्रक्रिया रहती है, तो 1 अक्टूबर की बैठक का महत्व भी एक बार फिर “Bonus पर बातचीत” से ज्यादा “Management की मर्जी सामने आने” का हो जाता है।


₹28 हजार से ₹30 हजार तक? कर्मचारियों के बीच क्यों चल रही ऐसी चर्चा?

👉उपलब्ध पिछले Bonus Formula और कर्मचारियों के बीच चल रही चर्चाओं को देखें तो इस बार भी राशि करीब ₹30 हजार के आसपास रहने की संभावना को लेकर चर्चा है। यह राशि 1 अक्टूबर की Management Calculation सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी। लेकिन अगर मौजूदा Formula के आधार पर राशि फिर करीब ₹28-30 हजार के आसपास रहती है, तो कर्मचारियों के लिए सवाल सिर्फ रकम का नहीं होगा।

सवाल होगा—

“जब SAIL का Production और Financial Performance इतना बड़ा है, तो Bonus की Calculation आखिर उसी अनुपात में क्यों नहीं बढ़ रही?” यही सवाल इस बार Bonus डिबेट को पिछले वर्षों से अलग बना सकता है।


₹50 हजार Bonus देने पर भी SAIL पर कितना पड़ेगा बोझ?

👉कर्मचारियों की ओर से सामने रखे गए एक calculation model के अनुसार SAIL में करीब 38,694 Non-Executive employees के आधार पर अलग-अलग Bonus Amount का अनुमानित financial burden इस तरह बनता है:

प्रति कर्मचारी Bonus SAIL पर अनुमानित कुल भार
₹30,000 करीब ₹116 करोड़
₹35,000 करीब ₹135 करोड़
₹40,000 करीब ₹155 करोड़
₹45,000 करीब ₹174 करोड़
₹50,000 करीब ₹193 करोड़

यानी ₹50 हजार प्रति कर्मचारी Bonus देने पर कुल भार करीब ₹193 करोड़ बैठता है। अब इसे SAIL के Production से जोड़कर देखना और भी दिलचस्प हो जाता है। 👇


₹50 हजार Bonus का पूरा खर्च करीब ₹100 प्रति टन Production!

👉FY2025-26 में SAIL का crude steel production करीब 19.43 million tonnes रहा। कंपनी के आधिकारिक वित्तीय आंकड़ों में revenue from operations करीब ₹1,10,810 करोड़, EBITDA करीब ₹13,146 करोड़ और PBT करीब ₹4,334 करोड़ रहा। अब यदि करीब ₹193 करोड़ के Bonus burden को 19.43 million tonnes production से जोड़ें तो राशि लगभग ₹100 प्रति टन बैठती है।

यानी करीब: ₹100 प्रति टन = 10 पैसे प्रति किलो। यहीं से कर्मचारियों की ओर से उठाया जा रहा Production-linked Bonus का तर्क सामने आता है। 👇


कर्मचारियों का Formula: ₹100 से ₹500 प्रति टन तक की मांग

👉कर्मचारियों की ओर से एक अलग calculation सामने रखी गई है, जिसमें Bonus को सीधे Production से जोड़ने का सुझाव दिया गया है। 19.4 million tonnes crude steel production को आधार मानकर:

  • ₹100/टन → करीब ₹194 करोड़
  • ₹200/टन → करीब ₹388 करोड़
  • ₹300/टन → करीब ₹582 करोड़
  • ₹400/टन → करीब ₹776 करोड़
  • ₹500/टन → करीब ₹970 करोड़

इस मॉडल में ₹100 प्रति टन का calculation लगभग ₹50 हजार प्रति कर्मचारी Bonus के आसपास पहुंचता है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह Management का approved Formula नहीं, बल्कि कर्मचारियों की ओर से सुझाया गया alternative model है। यही अंतर इस पूरे Bonus विवाद का सबसे दिलचस्प हिस्सा है—एक तरफ existing ASPLIS Formula है, दूसरी तरफ Production को सीधे Bonus से जोड़ने की मांग। और वास्तव में यही होना चाहिए।


पुराना Formula 2026 में खत्म होने वाला है, इसलिए इस बार उम्मीद क्यों ज्यादा?

👉कर्मचारियों के बीच एक और महत्वपूर्ण उम्मीद यह है कि मौजूदा ASPLIS arrangement की अवधि 2026 में समाप्त हो रही है। यही वजह है कि इस बार केवल 2026-27 की Bonus राशि ही चर्चा का विषय नहीं है। कर्मचारियों की नजर इस बात पर भी है कि आगे के लिए नया Formula कैसा होगा। अगर पुराना Formula अपनी निर्धारित अवधि पूरी कर रहा है, तो कर्मचारियों की अपेक्षा है कि नए Formula में Production, Profitability और Company Performance का ज्यादा स्पष्ट और पारदर्शी linkage दिखाई दे। यानी इस बार सवाल केवल: “कितना Bonus?” नहीं बल्कि: “अगले वर्षों में Bonus कैसे तय होगा?” भी है।


यूनियनों के सामने सबसे बड़ी चुनौती—Calculation देखने के बाद क्या होगा?

👉1 अक्टूबर की बैठक के बाद असली भूमिका अब Trade Unions की होगी। यदि Management अपनी Calculation सामने रखता है और उसमें कोई नया Formula या महत्वपूर्ण बदलाव नहीं दिखाई देता, तो यूनियनों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

क्या वे Calculation को स्वीकार करेंगे? क्या Formula बदलने की मांग करेंगे? क्या Production-linked model सामने रखेंगे? या फिर बैठक केवल Calculation साझा करने तक सीमित रह जाएगी? इन सवालों के जवाब बैठक के बाद ही सामने आएंगे।


1 अक्टूबर की बैठक में कौन-कौन सी यूनियनें होंगी?

👉1 अक्टूबर की दिल्ली बैठक में SAIL के Non-Executive कर्मचारियों के Bonus और ASPLIS Calculation को लेकर केंद्रीय ट्रेड यूनियन संगठनों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी रहेगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार CITU, INTUC, AITUC, HMS और BMS से जुड़े केंद्रीय नेता/प्रतिनिधि बैठक में शामिल होने वाले हैं।

सामने आई जानकारी में INTUC से डॉ. संजीवा रेड्डी और बीएन चौबे, AITUC से विद्यासागर गिरी और रामाश्रय सिंह, CITU से ललित मोहन मिश्र और डीवीएस रेड्डी, HMS से संजय वढावकर और राजेंद्र सिंह तथा BMS से रंजय कुमार के नाम बताए गए हैं। BMS Metal Federation की ओर से RINL से जुड़े के. श्रीनिवास राव का नाम भी सामने आया है।


लेकिन सवाल यह भी—SAIL की Units के चुने हुए प्रतिनिधि कहां हैं?

👉Bonus बैठक को लेकर दूसरा विवाद Representation का है। कर्मचारी पक्ष का आरोप है कि 1 अक्टूबर की बैठक में SAIL की विभिन्न इकाइयों के निर्वाचित यूनियन प्रतिनिधियों को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है। इसमें खास तौर पर यह सवाल उठाया जा रहा है कि जब Bonus सीधे हजारों Non-Executive कर्मचारियों से जुड़ा मुद्दा है, तो अलग-अलग Units में कर्मचारियों द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों को क्यों नहीं बुलाया गया? बल्कि ऐसे लीडर्स को बुलाया गया है जिन्हें संयंत्र में काम करने वाले हजारों कर्मियों की वास्तविक परिस्थितियों का अंदाजा ही नहीं है।


Bonus Formula के साथ अब Representation भी बड़ा मुद्दा

👉यही वजह है कि 1 अक्टूबर की बैठक को लेकर विवाद सिर्फ Bonus Amount तक सीमित नहीं है। एक तरफ कर्मचारी बेहतर और ज्यादा Performance-linked Formula की उम्मीद कर रहे हैं, दूसरी तरफ नए बोनस Formula पर भी सवाल हैं? और इसी बीच यह सवाल भी सामने है कि Bonus जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर बातचीत की मेज पर कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व किस रूप में होगा।


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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

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