BSP लोहा-स्क्रैप चोरी मामले में बड़ा अपडेट: अब CBI करेगी जांच, राजपत्र में अधिसूचना जारी!
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) से जुड़े कथित लोहा-स्क्रैप चोरी मामले में अब जांच का दायरा बड़ा हो गया है।
- छत्तीसगढ़ सरकार की सहमति के बाद मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI को सौंपने की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से आगे बढ़ गई है।
- 25 सितंबर 2026 को जारी छत्तीसगढ़ राजपत्र में इसकी अधिसूचना प्रकाशित की गई है।
- मामले में अब तक 21 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें रसमड़ा स्टील कंपनी के MD और डायरेक्टर भी शामिल हैं।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇

राज्य सरकार की सहमति के बाद CBI के दायरे में आया मामला
👉छत्तीसगढ़ सरकार ने दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (Delhi Special Police Establishment) यानी CBI को पूरे छत्तीसगढ़ में अपनी शक्तियों और क्षेत्राधिकार का इस्तेमाल करने की सहमति प्रदान की है। इसके बाद अपराध क्रमांक 277/2026 से संबंधित जांच केंद्रीय जांच एजेंसी के दायरे में आ गई है। 25 सितंबर 2026 को जारी राजपत्र अधिसूचना के बाद इस मामले में CBI की आधिकारिक एंट्री मानी जा रही है। इससे पहले मामले की जांच स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही थी।
करीब 250 टन स्क्रैप बरामद होने के बाद खुला मामला
👉मामले की शुरुआत अकलोरडीही खदान पारा स्थित एके ट्रेडर्स से करीब 250 टन लौह स्क्रैप बरामद होने के बाद हुई थी। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान स्क्रैप के साथ कई वाहन और मशीनें भी जब्त की थीं। इसके बाद पुरानी भिलाई थाने में केस क्रमांक 277/2026 दर्ज किया गया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
पुलिस जांच में सामने आई स्क्रैप बाहर निकालने की कड़ी
👉जांच के दौरान पुलिस ने संजय सिंह को मामले का मास्टरमाइंड बताया और उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद जांच में बीएसपी से स्क्रैप बाहर निकालने, फ्लू डस्ट ले जाने वाले वाहनों में उसे लोड करने और आगे खपाने से जुड़ी कड़ियां सामने आने की बात कही गई। पुलिस जांच के दौरान रसमड़ा स्थित रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड में चोरी के स्क्रैप की खपत होने की बात भी सामने आई। इसी क्रम में कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर विनोद कुमार गर्ग (60) और डायरेक्टर संदीप कुमार सिंह (39) को 18 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
अब तक 21 आरोपी गिरफ्तार
👉पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अब तक 21 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें से 3 आरोपी जमानत पर बाहर हैं, जबकि 5 आरोपियों को अग्रिम जमानत मिल चुकी है।
मामले में आरोपियों की भूमिका और कथित स्क्रैप चोरी से जुड़े नेटवर्क की जांच पहले से पुलिस स्तर पर चल रही थी। अब CBI जांच के बाद इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी के स्तर पर आगे बढ़ेगी।
विधायक रिकेश सेन ने कई एजेंसियों से जांच की मांग की थी!
👉वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने इस मामले को लेकर पहले ही केंद्र और राज्य स्तर पर कई जगह पत्राचार किया था। उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृह मंत्रालय, केंद्रीय इस्पात मंत्रालय, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष समेत कई स्तरों पर मामले की जांच को लेकर पत्राचार किया था।
विधायक ने CBI के साथ-साथ ED, EOW और ACB से भी जांच की मांग की थी। अब राज्य शासन की सहमति और राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के बाद मामले में CBI जांच का रास्ता आधिकारिक रूप से खुल गया है।
विधायक बोले- राष्ट्रीय संपत्ति चोरी करने वालों पर होगी कार्रवाई
👉राज्य शासन की ओर से CBI जांच की अधिसूचना जारी होने के बाद विधायक रिकेश सेन ने देर रात एक वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि जिन्होंने बीएसपी को 40 सालों से लूटा और राष्ट्रीय संपत्ति की चोरी की, अब वे भी जांच के दायरे में आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उन लोगों को भी जवाब मिल गया है, जो यह कहते थे कि CBI जांच नहीं होगी और विधायक के साथ संगठन तथा सरकार खड़ी नहीं है।
CBI जांच से आगे क्या होगा?
👉राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के बाद अब इस मामले में जांच का दायरा स्थानीय पुलिस से आगे बढ़कर केंद्रीय जांच एजेंसी तक पहुंच गया है। CBI जांच के दौरान कथित स्क्रैप चोरी से जुड़े लोगों, वाहनों, कंपनियों और अन्य कड़ियों की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है, यह आने वाले समय में महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल, मामले में 21 आरोपियों की गिरफ्तारी, करीब 250 टन स्क्रैप की बरामदगी और अब CBI जांच की आधिकारिक शुरुआत ने BSP से जुड़े इस मामले को एक नया मोड़ दे दिया है।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

