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केंद्रीय श्रम अधिकारियों के सामने BSP Workers Union ने उठाए श्रमिकों के बड़े मुद्दे, उज्ज्वल दत्ता ने मांगा ठोस समाधान

– DIGITAL BHILAI NEWS –

  • भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के बीटीआई, भिलाई में आयोजित ‘श्रम संवाद 2026’ में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधिकारियों के सामने बीएसपी के नियमित एवं ठेका श्रमिकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे प्रमुखता से उठे।
  • कार्यक्रम में मुख्य अतिथि दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल की मौजूदगी में बीएसपी वर्कर्स यूनियन ने लंबित वेज रिवीजन, 39 महीने के एरियर, Higher Pension, ठेका श्रमिकों की रोजगार सुरक्षा, मेडिकल अनफिट, औद्योगिक सुरक्षा और बीएसपी अस्पताल की स्थिति जैसे मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी।
  • आइए विस्तार से जानते हैं 👇

केंद्रीय श्रम अधिकारियों के साथ हुआ सीधा संवाद

👉कार्यक्रम में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधिकारियों के साथ-साथ EPFO, ESIC, Industrial Health & Safety सहित श्रम क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बीएसपी के अधिकारियों ने कार्यक्रम की शुरुआत में संयंत्र की उत्पादन प्रक्रिया, विभिन्न गतिविधियों और CSR कार्यों से संबंधित प्रस्तुतीकरण दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सांसद विजय बघेल ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद मुख्य अतिथियों एवं अधिकारियों का BSP प्रबंधन की ओर से पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में बीएसपी की विभिन्न ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी भी मौजूद रहे।

सांसद विजय बघेल ने अपने संबोधन में केंद्रीय श्रम अधिकारियों के भिलाई पहुंचने को महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि इस तरह के संवाद से श्रमिकों के हितों से जुड़े मुद्दों को सीधे केंद्रीय स्तर के अधिकारियों के सामने रखने का अवसर मिलता है।

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उज्ज्वल दत्ता ने उठाया लंबित वेज रिवीजन का मुद्दा

👉बीएसपी वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष उज्ज्वल दत्ता ने सबसे प्रमुखता से गैर-कार्यपालक कर्मचारियों के 2017 से लंबित वेज रिवीजन का मुद्दा उठाया।

👉उन्होंने कहा कि वेज रिवीजन की प्रभावी तिथि 1 जनवरी 2017 है, जबकि Revised Basic और DA का वास्तविक आर्थिक लाभ बाद की अवधि से मिला। ऐसे में 01 जनवरी 2017 से 31 मार्च 2020 तक के 39 महीने के Wage Revision Arrears का भुगतान अभी भी लंबित है। उन्होंने केंद्रीय श्रम अधिकारियों से इस पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट करने और लंबित वेज रिवीजन समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की मांग की।

👉यूनियन की ओर से यह भी मांग रखी गई कि गैर-कार्यपालक कर्मचारियों को Executives के अनुरूप 15 प्रतिशत MGB/Fitment Benefit दिए जाने पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए तथा Variable Perks को वर्तमान 26.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत किया जाए।


39 महीने के एरियर के साथ 58 महीने के Variable Perks का मुद्दा

👉BWU ने केवल वेज रिवीजन ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े अन्य लंबित आर्थिक लाभों को भी सामने रखा। यूनियन ने 01 जनवरी 2017 से 31 मार्च 2020 तक के 39 महीने के Basic + DA Wage Revision Arrears का पूर्ण भुगतान करने की मांग की।

इसके साथ ही 01 जनवरी 2017 से 17 नवंबर 2021 तक लगभग 58 महीने के Variable Perks के लंबित आर्थिक लाभ का निर्धारण कर भुगतान किए जाने की मांग भी रखी गई।

यूनियन ने HRA, Night Shift Allowance, Difficult Area Allowance, Mines Allowance सहित अन्य लंबित allowances को भी वेज रिवीजन समझौते में अंतिम रूप देने की मांग की।


Higher Pension पर भी जल्द समाधान की मांग

👉कार्यक्रम में Higher Pension का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। उज्ज्वल दत्ता ने बताया कि भिलाई इस्पात संयंत्र के कई पात्र सेवारत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी लंबे समय से Higher Pension की प्रक्रिया पूरी होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यूनियन ने मांग की कि SAIL की अन्य इकाइयों में अपनाई गई प्रक्रिया के अनुरूप BSP में भी पात्र कर्मचारियों को Higher Pension का लाभ जल्द प्रदान किया जाए। यूनियन ने यह भी कहा कि किसी प्रशासनिक, दस्तावेजी अथवा समन्वय संबंधी कारण से पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने न्यायोचित पेंशन लाभ से वंचित न रहें।


ठेका श्रमिकों की छंटनी पर यूनियन का कड़ा रुख

👉बीएसपी वर्कर्स यूनियन ने ठेका श्रमिकों की रोजगार सुरक्षा को भी गंभीर मुद्दे के रूप में उठाया। यूनियन का कहना है कि भिलाई इस्पात संयंत्र में वर्षों से कार्यरत अनुभवी ठेका श्रमिक संयंत्र के उत्पादन और संचालन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। यूनियन ने मांग रखी कि केवल ठेका अथवा एजेंसी बदलने के कारण वर्षों से कार्यरत अनुभवी श्रमिकों को रोजगार से अलग नहीं किया जाना चाहिए। यदि किसी कार्य की आवश्यकता पहले थी और आज भी बनी हुई है तो केवल ठेकेदार बदलने के कारण अनुभवी श्रमिकों का रोजगार समाप्त नहीं होना चाहिए। उन्होंने ठेका श्रमिकों के लिए रोजगार की निरंतरता और आजीविका सुरक्षा की स्पष्ट एवं मानवीय नीति बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।


BP, Sugar और सामान्य बीमारियों पर Medical Unfit का विरोध

👉यूनियन ने सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के आधार पर श्रमिकों को रोजगार से वंचित किए जाने का मुद्दा भी उठाया। यूनियन की ओर से कहा गया कि सामान्य Blood Pressure, Diabetes/Sugar, आंखों से संबंधित सामान्य समस्या अथवा उपचार से नियंत्रित की जा सकने वाली बीमारियों के आधार पर किसी श्रमिक को सीधे Medical Unfit घोषित कर उसकी नौकरी समाप्त नहीं की जानी चाहिए। अध्यक्ष उज्ज्वल दत्ता ने मांग रखी कि यदि कोई श्रमिक अपनी बीमारी के उपचार के साथ निर्धारित कार्य को सुरक्षित रूप से करने में सक्षम है, तो उसे रोजगार से वंचित करने के बजाय आवश्यक चिकित्सा परामर्श, उपचार और वैकल्पिक कार्य अथवा उपयुक्त विभाग में समायोजन की संभावना देखी जाए।


श्रमिक सुरक्षा और अनुभव का बेहतर उपयोग जरूरी

👉कार्यक्रम में औद्योगिक दुर्घटनाओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। सांसद विजय बघेल ने इस मुद्दे को अपने संबोधन में प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि नए श्रमिकों को कई बार ऐसे कार्यों में लगा दिया जाता है, जिनकी उन्हें पर्याप्त जानकारी या अनुभव नहीं होता। इससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती है।

👉उन्होंने कहा कि जिस कार्य के लिए श्रमिक को लगाया जा रहा है, उसे उसी कार्य के अनुरूप प्रशिक्षण और जिम्मेदारी मिलनी चाहिए। साथ ही वर्षों से संयंत्र में काम कर चुके अनुभवी कर्मचारियों के अनुभव का उपयोग सुरक्षा व्यवस्था में किया जाना चाहिए।

सांसद ने यह भी कहा कि यदि संयंत्र में 20 हजार से अधिक ठेका श्रमिक काम कर रहे हैं तो सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। उत्पादन और विस्तार के दबाव के बीच श्रमिक सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।


बीएसपी अस्पताल को मजबूत करने की मांग

👉यूनियन ने पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र, सेक्टर-9 की चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग भी रखी।

यूनियन ने चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों के रिक्त पदों को भरने, कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, कैंसर उपचार एवं आपातकालीन चिकित्सा जैसी विशेषज्ञ सेवाओं को मजबूत करने तथा आवश्यक जांच, दवाइयां, ऑपरेशन और अन्य बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं अस्पताल में पर्याप्त रूप से उपलब्ध कराने की मांग की।

सांसद विजय बघेल ने भी कहा कि सेक्टर-9 अस्पताल पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने भिलाई की पुरानी व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले अलग-अलग सेक्टरों में अस्पताल और स्कूल जैसी सुविधाएं थीं, लेकिन समय के साथ इनमें कमी आई है। उन्होंने टाउनशिप के क्वार्टरों के उचित maintenance की आवश्यकता पर भी जोर दिया।


अस्पताल के निजीकरण और अत्यधिक आउटसोर्सिंग पर चिंता

👉यूनियन ने अस्पताल की सेवाओं के लगातार निजीकरण अथवा अत्यधिक outsourcing की दिशा में जाने को लेकर भी चिंता व्यक्त की। यूनियन का कहना है कि जिस संस्थान को वर्षों के श्रम, संसाधनों और सार्वजनिक धन से खड़ा किया गया है, उसे कमजोर करने के बजाय और मजबूत किया जाना चाहिए। विशेष रूप से सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए बीएसपी अस्पताल की भूमिका महत्वपूर्ण बताते हुए यूनियन ने अस्पताल को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं से लैस करने की मांग की।


सांसद ने RFID और Face Reading जैसे दबाव वाले सिस्टम पर उठाए सवाल

👉सांसद विजय बघेल ने कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यदबाव और निगरानी व्यवस्था से जुड़े RFID और Face Reading जैसे सिस्टम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए होना चाहिए, लेकिन इससे कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव अथवा व्यावहारिक परेशानियां नहीं बढ़नी चाहिए। उन्होंने श्रमिकों की वास्तविक कार्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था बनाए जाने की जरूरत बताई।


केंद्रीय अधिकारियों ने श्रम संहिताओं और EPF-95 पर दी जानकारी

👉कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय श्रम अधिकारियों ने नई चार श्रम संहिताओं से जुड़े प्रावधानों, उनके लागू होने की प्रक्रिया और श्रमिकों पर संभावित प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने वेतन, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिकों से जुड़े विभिन्न प्रावधानों पर सवालों के जवाब दिए। EPF-95 से संबंधित जानकारी भी कार्यक्रम में साझा की गई।

👉वेज कोड को लेकर श्रमिकों की ओर से विशेष रूप से यह सवाल उठाया गया कि नया वेतन कब से लागू होगा, किस आधार पर वेतन निर्धारित होगा और क्या लागू होने की तिथि से एरियर का भुगतान किया जाएगा। केंद्रीय अधिकारियों ने बताया कि वेतन संबंधी अंतिम निर्धारण और संबंधित प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है तथा प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए प्रावधानों के अनुसार इसका लाभ मिलेगा।


सभी ट्रेड यूनियनों की रही मौजूदगी

👉श्रम संवाद में भिलाई की विभिन्न ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। BSP Workers Union की ओर से अध्यक्ष उज्ज्वल दत्ता के साथ शिव बहादुर सिंह, शेख महमूद, अमित बर्मन, विमल कांत पांडे, दिलेश्वर राव, मनोज डी. सेना, राजकुमार सिंह, लुमेश, दीपेश, पवन सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

👉कार्यक्रम में श्रमिक संगठनों की मौजूदगी ने यह स्पष्ट किया कि नई श्रम संहिताओं और केंद्रीय श्रम नीतियों को लेकर कर्मचारियों के बीच कई व्यावहारिक सवाल हैं, जिनका समाधान केवल नियमों की जानकारी देने से नहीं बल्कि कार्यस्थल की वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया जाना जरूरी है।


अब सवाल कार्रवाई का, सिर्फ चर्चा का नहीं

भिलाई में हुआ श्रम संवाद 2026 श्रमिकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को एक मंच पर लाने में सफल रहा। खासकर BSP Workers Union की ओर से उठाए गए 39 महीने के Wage Revision Arrears, 58 महीने के Variable Perks, Higher Pension, 15% MGB/Fitment Benefit, 35% Variable Perks, ठेका श्रमिकों की रोजगार सुरक्षा, Medical Unfit और बीएसपी अस्पताल जैसे मुद्दे लंबे समय से कर्मचारियों की चिंता का विषय रहे हैं।

अब श्रमिकों की नजर इस बात पर रहेगी कि केंद्रीय श्रम मंत्रालय, SAIL/BSP प्रबंधन और संबंधित संस्थाएं इस संवाद में उठाए गए मुद्दों पर आगे क्या ठोस कदम उठाती हैं और लंबित मामलों के समाधान की दिशा में कितनी तेजी दिखाई जाती है।


अगली खबर पढ़े 👉 भिलाई में पहली बार केंद्रीय श्रम अधिकारियों का श्रमिकों से सीधा संवाद, सांसद विजय बघेल ने उठाए कर्मचारियों के कई बड़े मुद्दे



रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

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