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भिलाई में पहली बार केंद्रीय श्रम अधिकारियों का श्रमिकों से सीधा संवाद, सांसद विजय बघेल ने उठाए कर्मचारियों के कई बड़े मुद्दे

– DIGITAL BHILAI NEWS –

  • भिलाई, 21 अगस्त 2026। भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों और श्रमिकों से जुड़े मुद्दों पर शुक्रवार को HRDC में आयोजित विशेष जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा।
  • केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की उच्चस्तरीय टीम ने श्रमिकों को चार नई श्रम संहिताओं के प्रावधानों, उनके संभावित प्रभाव, सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न विषयों की जानकारी दी
  • वहीं कार्यक्रम में मुख्य अतिथि दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल ने BSP के कर्मचारियों और श्रमिकों से जुड़े कई जमीनी मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
  • खास तौर पर नियमित कर्मचारियों की संख्या में कमी, 20 हजार से अधिक ठेका श्रमिक, सुरक्षा, मेडिकल फिटनेस, BP-Sugar के आधार पर नौकरी से वंचित किए जाने की चिंता, 2017 से लंबित Wage Revision और 39 महीने के Arrears, Higher Pension, बढ़ते Work Pressure तथा BSP Township की सुविधाओं में आई कमी जैसे मुद्दे उनके संबोधन के केंद्र में रहे।
  • आइए विस्तार से जानते हैं 👇

Labour codes


दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम

👉कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि सांसद विजय बघेल द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद BSP के अधिकारियों द्वारा उपस्थित मुख्य अतिथियों एवं केंद्रीय अधिकारियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।

कार्यक्रम में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की टीम के साथ EPFO, ESIC, Industrial Health & Safety तथा राज्य श्रम विभाग से जुड़े अधिकारी भी मौजूद रहे। केंद्रीय टीम का नेतृत्व डॉ. पी.के. जेना, निदेशक (श्रम सुधार) ने किया। उनके साथ श्री संजय कुमार तिवारी, अवर सचिव, Labour Reforms Cell तथा श्री ओ.पी. सिंह, Labour Welfare Commissioner (HQ), PMU-LRC भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में BSP के विभिन्न ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और श्रमिक बड़ी संख्या में शामिल हुए।

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सांसद विजय बघेल


BSP के प्रोसेस और CSR गतिविधियों की दी गई जानकारी

👉कार्यक्रम के प्रारंभिक चरण में Presentation के माध्यम से भिलाई इस्पात संयंत्र की कार्यप्रणाली, विभिन्न उत्पादन प्रक्रियाओं, संयंत्र की गतिविधियों तथा CSR Activities के बारे में केंद्रीय टीम एवं उपस्थित लोगों को जानकारी दी गई। इसके माध्यम से BSP की औद्योगिक भूमिका और भारत के औद्योगिक विकास में उसके योगदान को भी सामने रखा गया। इसके बाद मुख्य कार्यक्रम में श्रम संहिताओं और श्रमिक हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।


सांसद विजय बघेल ने कहा—केंद्रीय श्रम अधिकारियों का भिलाई आना सौभाग्य की बात

सांसद विजय बघेल

👉सांसद विजय बघेल ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि यह भिलाई के लिए सौभाग्य की बात है कि पहली बार केंद्रीय स्तर के श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी यहां पहुंचे हैं और श्रमिकों के हितों से जुड़े विषयों पर सीधे चर्चा कर रहे हैं।

उन्होंने केंद्रीय श्रम मंत्रालय की टीम, EPFO, ESIC, राज्य श्रम विभाग, BSP प्रबंधन, ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों और श्रमिकों का स्वागत किया। सांसद ने कहा कि SAIL के अधीन भिलाई इस्पात संयंत्र ने देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और यहां काम करने वाले श्रमिकों एवं कर्मचारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है।

उन्होंने चार नई Labour Codes को लेकर भी जानकारी साझा की और कहा कि पुराने श्रम कानूनों में सुधार करते हुए 29 कानूनों को चार श्रम संहिताओं में समाहित किया गया है। सांसद ने बताया कि 21 नवंबर 2025 को चार श्रम संहिताओं की घोषणा की गई तथा 8 मई 2026 को इन्हें अधिसूचित किया गया। इस दौरान उन्होंने श्रम संहिताओं से जुड़े विभिन्न प्रावधानों और श्रमिक हितों पर भी अपनी बात रखी।


52 हजार नियमित कर्मियों से 12 हजार तक पहुंची संख्या का मुद्दा

👉सांसद विजय बघेल ने BSP में Manpower की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एक समय भिलाई इस्पात संयंत्र में करीब 52 हजार नियमित कर्मचारी हुआ करते थे, जबकि आज यह संख्या करीब 12 हजार रह गई है।

उन्होंने कहा कि दूसरी ओर संयंत्र में 20 हजार से अधिक ठेका श्रमिक काम कर रहे हैं। साथ ही BSP का विस्तार भी हो रहा है और निजी क्षेत्र से Competition का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे माहौल में कर्मचारियों पर काम का दबाव और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बढ़ना स्वाभाविक है।


नए श्रमिक को अनुभव के बिना काम देने से दुर्घटनाओं का खतरा

👉सांसद ने श्रमिक सुरक्षा से जुड़े एक बेहद महत्वपूर्ण व्यावहारिक मुद्दे को उठाते हुए कहा कि कई बार नए श्रमिकों को ऐसे काम में लगा दिया जाता है, जिसकी उन्हें पर्याप्त जानकारी या अनुभव नहीं होता। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है।

उन्होंने कहा कि BSP जैसे बड़े और जटिल औद्योगिक संयंत्र में काम का अनुभव बेहद महत्वपूर्ण है। सुरक्षा से जुड़े कार्यों में पुराने और अनुभवी कर्मचारियों की विशेषज्ञता का बेहतर उपयोग किया जाना चाहिए, क्योंकि वे संयंत्र की कार्यप्रणाली और जोखिमों को लंबे अनुभव के आधार पर जानते हैं।

सांसद ने यह भी कहा कि किसी दुर्घटना का असर केवल श्रमिक पर नहीं पड़ता, बल्कि उसका परिणाम संबंधित अधिकारियों को भी झेलना पड़ता है। इसलिए Safety को केवल नियमों तक सीमित न रखते हुए ground-level experience और practical approach के साथ लागू करना जरूरी है।


BP और Sugar के आधार पर श्रमिकों को नौकरी से वंचित न करने की बात

👉कार्यक्रम में सांसद विजय बघेल ने BP और Sugar जैसी सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़े मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। यह मुद्दा BSP Workers Union द्वारा केंद्रीय श्रम मंत्रालय की टीम के समक्ष दिए गए पत्र में भी रखा गया था।

सांसद ने इस बात पर जोर दिया कि यदि कोई श्रमिक अपनी बीमारी के उपचार के साथ निर्धारित कार्य को सुरक्षित तरीके से करने में सक्षम है, तो केवल सामान्य स्वास्थ्य समस्या के आधार पर उसे रोजगार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने श्रमिकों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत बताते हुए कहा कि श्रमिकों को हतोत्साहित और निराश करने के बजाय उनकी क्षमता एवं स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार उचित कार्य का अवसर दिया जाना चाहिए।


Medical Fitness के लिए आंतरिक व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर

👉सांसद ने Medical Fitness और स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बाहरी संस्थाओं पर निर्भरता के बजाय BSP की अपनी आंतरिक चिकित्सा व्यवस्था और विशेषज्ञता को मजबूत करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य परीक्षण का उद्देश्य श्रमिक को काम से बाहर करना नहीं, बल्कि उसके स्वास्थ्य की रक्षा करना और उसके लिए सुरक्षित कार्य सुनिश्चित करना होना चाहिए।


2017 से लंबित Wage Revision और 39 महीने के Arrears का मुद्दा उठा

👉सांसद विजय बघेल ने BSP के Non-Executive कर्मचारियों से जुड़ा 2017 से लंबित Wage Revision का मुद्दा भी केंद्रीय अधिकारियों के सामने प्रमुखता से रखा।

उन्होंने कहा कि Wage Revision की प्रभावी तिथि वर्ष 2017 है और कर्मचारियों से जुड़े लंबित समझौते का पूरा लाभ अभी तक नहीं मिल पाया है। उन्होंने विशेष रूप से 39 महीने के Wage Revision Arrears के मुद्दे को उठाते हुए कर्मचारियों को लंबित आर्थिक लाभ दिलाने की दिशा में समाधान की जरूरत बताई।


Higher Pension और EPF-95 पर भी हुई चर्चा

👉कार्यक्रम में Higher Pension से जुड़े विषय पर भी चर्चा हुई। BSP Workers Union की ओर से केंद्रीय श्रम अधिकारियों को दिए गए पत्र में भी Higher Pension की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने की मांग रखी गई थी। सांसद ने इस विषय को भी कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हित से जोड़ते हुए जल्द समाधान की जरूरत बताई। वहीं कार्यक्रम में EPF-95 और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित जानकारी भी श्रमिकों एवं कर्मचारियों को दी गई।


केंद्रीय अधिकारियों ने Labour Codes के लागू होने और लाभों पर दी जानकारी

👉कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा केंद्रीय श्रम विभाग के अधिकारियों का Presentation और संवाद रहा। अधिकारियों ने चारों Labour Codes के संबंध में इनके लागू होने की प्रक्रिया, प्रावधान, श्रमिकों पर प्रभाव, वेतन, सामाजिक सुरक्षा, EPFO, ESIC और अन्य श्रमिक हितों से जुड़े विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम में यह भी चर्चा हुई कि नई व्यवस्था कब लागू होगी, किस प्रकार लागू होगी और इससे कर्मचारियों एवं श्रमिकों को क्या-क्या लाभ प्राप्त होंगे। Arrears से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही EPF-95 और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की जानकारी भी दी गई।


RFID और Face Reading जैसे Work Pressure पर भी सांसद ने जताई चिंता

👉सांसद विजय बघेल ने BSP में कर्मचारियों पर बढ़ते Work Pressure और कठोर Monitoring System का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने RFID, Face Reading जैसी व्यवस्थाओं के संदर्भ में कर्मचारियों पर पड़ने वाले दबाव और व्यवहारिक परेशानियों की ओर ध्यान आकर्षित किया।

उन्होंने कहा कि व्यवस्था में अनुशासन और सुरक्षा जरूरी है, लेकिन कर्मचारियों की वास्तविक परिस्थितियों और ground-level practical difficulties को भी समझना जरूरी है। केवल नियमों को कठोर बनाना समाधान नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिसमें उत्पादन, सुरक्षा और श्रमिक हितों के बीच संतुलन बना रहे।


ठेका श्रमिकों के लिए काम के अनुसार कार्य देने पर जोर

👉सांसद ने यह भी कहा कि जिस कार्य के लिए किसी ठेका श्रमिक को लाया जा रहा है, उसे उसी प्रकार के कार्य में लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस काम के लिए श्रमिक को लाया जा रहा है, उसे उसी काम में लगाया जाना चाहिए, ताकि अनुभव और कार्य की जानकारी के अभाव में दुर्घटनाओं का खतरा कम किया जा सके। उन्होंने Safety से जुड़े कार्यों में अनुभवी पुराने अधिकारियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे संयंत्र की कार्यप्रणाली और जोखिमों को बेहतर तरीके से जानते हैं।


“हमारा भिलाई अब पहले जैसा नहीं रहा”—Township सुविधाओं पर सांसद की चिंता

👉सांसद विजय बघेल ने अपने संबोधन में BSP Township की बदलती स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि “हमारा भिलाई अब पहले जैसा नहीं रहा।”

उन्होंने सेक्टर-9 अस्पताल पर बढ़ते दबाव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पहले हर सेक्टर में अस्पताल हुआ करते थे। इसी तरह पहले हर सेक्टर में स्कूल भी हुआ करते थे, लेकिन समय के साथ इन सुविधाओं में कमी आई है। उन्होंने कहा कि कई स्थान आज पहले की तरह आबाद नहीं रहे और “वीरान” जैसी स्थिति दिखाई देती है।

सांसद ने BSP के क्वार्टरों के Maintenance को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि कर्मचारियों के आवासों का रखरखाव बेहतर तरीके से किया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कर्मचारियों के लिए केवल प्लांट के अंदर की कार्य परिस्थितियां ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और Township की सुविधाएं भी महत्वपूर्ण हैं।


सभी ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद

👉कार्यक्रम में BSP की विभिन्न ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों की भी सक्रिय मौजूदगी रही। BSP Workers Union (BWU) की ओर से अध्यक्ष उज्ज्वल दत्ता सहित शिवबहादुर सिंह, शेख महमूद, अमित बर्मन, विमलकांत पांडे, दिलेश्वर राव, मनोज डडसेना, धनंजय गिरी, राजकुमार सिंह, लुमेश, दीपेश, पवन सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को श्रमिकों के वास्तविक मुद्दों पर सीधे संवाद का मंच प्रदान किया।


केंद्रीय टीम के सामने सीधे रखे गए श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दे

👉इस पूरे कार्यक्रम की खास बात यही रही कि पहली बार केंद्रीय श्रम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष BSP के कर्मचारियों और श्रमिकों से जुड़े कई जमीनी और लंबे समय से लंबित मुद्दे एक साथ रखे गए।

एक तरफ जहां केंद्रीय अधिकारियों ने नई Labour Codes और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जानकारी दी, वहीं दूसरी तरफ सांसद विजय बघेल ने Manpower, Contract Labour, Safety, Medical Fitness, श्रमिकों के BP-Sugar को लेकर अनफिट करना, Higher Pension, EPF-95, Wage Revision, 39 महीने के Arrears, Work Pressure तथा Township की स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास सुविधाओं जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर श्रमिकों की वास्तविक समस्याओं की ओर केंद्रीय टीम का ध्यान आकर्षित किया।


निष्कर्ष

भिलाई में आयोजित यह संवाद कार्यक्रम केवल नई श्रम संहिताओं की जानकारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि BSP के कर्मचारियों और श्रमिकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों को केंद्रीय स्तर तक पहुंचाने का मंच भी बना। सांसद विजय बघेल द्वारा उठाए गए मुद्दों ने खास तौर पर यह सवाल सामने रखा कि बदलते औद्योगिक माहौल, घटती नियमित manpower और बढ़ती Contract Labour व्यवस्था के बीच उत्पादन के साथ श्रमिक सुरक्षा, सम्मान, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को किस तरह सुनिश्चित किया जाए।

अब इस कार्यक्रम से जुड़े श्रमिकों और कर्मचारियों की नजर इस बात पर रहेगी कि केंद्रीय अधिकारियों के साथ हुए इस प्रत्यक्ष संवाद के बाद लंबित Wage Revision, 39 महीने के Arrears, Higher Pension, Medical Fitness, Safety, EPF-95 और BSP Township की सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर आगे क्या ठोस पहल होती है।


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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

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