करोड़ों की ठगी का जाल: अब कोलकाता तक पहुंची जांच, डॉक्टर एमके खंडूजा की संपत्तियों पर पुलिस का शिकंजा तेज!
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- दुर्ग जिले में करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में आरोपी डॉक्टर एमके खंडूजा के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है।
- पुलिस ने अब doctor खंडूजा की कोलकाता स्थित संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है और इस संबंध में कोलकाता सरकार को पत्र भी भेजा गया है।
- मामले में स्मृति नगर थाने में पहले से केस दर्ज है।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
‘बीएसआर हेल्थ वेंचर’ कंपनी बनाकर लोगों से की गई थी ठगी
👉डॉक्टर एमके खंडूजा ने “बीएसआर हेल्थ वेंचर” नाम से कंपनी बनाकर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया था। आरोप है कि 15 प्रतिशत ब्याज का लालच देकर 200 से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये का निवेश कराया गया। बाद में रकम वापस नहीं मिलने पर मामला पुलिस तक पहुंचा।
चिटफंड एक्ट के तहत दर्ज हैं धाराएं, संपत्ति होगी कुर्क
👉मामले में डॉक्टर एमके खंडूजा पर चिटफंड से जुड़ी धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस अब आरोपी की चल-अचल संपत्तियों की जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि निवेशकों की रकम वापस दिलाने के लिए आरोपी की संपत्तियों को कुर्क कर नीलामी की प्रक्रिया की जाएगी।
अन्य जिलों में भी चल रही संपत्तियों की तलाश
👉पुलिस केवल कोलकाता ही नहीं बल्कि अन्य जिलों में भी डॉक्टर खंडूजा की संपत्तियों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों के मुताबिक मामले से जुड़े आर्थिक लेनदेन और निवेश की भी जांच की जा रही है।
पत्नी और बेटे को भी बनाया गया आरोपी
👉इस मामले में डॉक्टर एमके खंडूजा के बेटे और पत्नी को भी आरोपी बनाया गया है। फिलहाल डॉक्टर खंडूजा जेल में बंद है, जबकि उसकी पत्नी की तलाश जारी है। पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
निवेशकों को रकम लौटाने की तैयारी
👉पुलिस का कहना है कि ठगी से जुड़े मामलों में जब्त संपत्तियों की नीलामी कर निवेशकों को उनकी रकम लौटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

