Sector 9 Hospital के निजीकरण पर बढ़ी हलचल: BSP Workers Union ने खोला मोर्चा, कहा- “कॉरपोरेट हॉस्पिटल का चारागाह नहीं बनने देंगे”
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- भिलाई। भिलाई के सेक्टर-9 स्थित पं. जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र को लेकर एक बार फिर निजीकरण की चर्चा तेज हो गई है।
- बीएसपी वर्कर्स यूनियन ने सेक्टर-9 हॉस्पिटल के निजीकरण की किसी भी संभावना का कड़ा विरोध करते हुए स्पष्ट किया है कि अस्पताल को निजी हाथों में सौंपे जाने की स्थिति में यूनियन कर्मचारियों, उनके आश्रितों और भिलाई के आम नागरिकों के साथ मिलकर आंदोलन करेगी।
- इस मुद्दे को लेकर यूनियन प्रतिनिधिमंडल ने सेक्टर-9 हॉस्पिटल के प्रबंधन प्रभारी एवं कार्यपालक निदेशक अजय कुमार चक्रवर्ती के साथ अधिकृत बैठक कर अपनी आपत्तियां और अस्पताल से जुड़ी समस्याएं सामने रखीं।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद कार्यपालक निदेशक के साथ यूनियन की पहली बैठक
👉बीएसपी वर्कर्स यूनियन की सेक्टर-9 हॉस्पिटल के प्रबंधन प्रभारी के साथ अधिकृत बैठक कार्यपालक निदेशक सभागार, इस्पात भवन में हुई। 1 जुलाई 2026 से सेक्टर-9 हॉस्पिटल का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद कार्यपालक निदेशक अजय कुमार चक्रवर्ती के साथ किसी यूनियन की यह पहली बैठक थी। बैठक में अस्पताल की मौजूदा व्यवस्था, निजीकरण की चर्चा, मेडिक्लेम पॉलिसी, कर्मचारियों के रेफरल केस और डॉक्टरों के व्यवहार सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
उज्ज्वल दत्ता बोले- “सेक्टर-9 हॉस्पिटल को कॉरपोरेट हॉस्पिटल का चारागाह नहीं बनने देंगे”
👉बैठक में अपने विचार रखते हुए बीएसपी वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष उज्ज्वल दत्ता ने कहा कि सेक्टर-9 हॉस्पिटल लाखों भिलाईवासियों, बीएसपी कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों के साथ-साथ संपूर्ण छत्तीसगढ़ के लिए जीवनदायिनी हॉस्पिटल है। इसे किसी भी सूरत में किसी कॉरपोरेट हॉस्पिटल का चारागाह नहीं बनने दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि सेक्टर-9 हॉस्पिटल के निजीकरण के विरोध में बीएसपी वर्कर्स यूनियन बीएसपी कर्मचारियों, उनके आश्रितों एवं भिलाई के आम जनमानस के साथ मिलकर अंतिम दम तक आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है।
निजीकरण को लेकर बैठक में क्या बताया गया?
👉चर्चा के दौरान कार्यपालक निदेशक अजय कुमार चक्रवर्ती द्वारा बताया गया कि कंपनी पॉलिसी के तहत सेक्टर-9 हॉस्पिटल के निजीकरण की प्रारंभिक चर्चा चल रही है। संतोषजनक एवं एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया पूरी करने वाले द्वारा बेहतर प्रस्ताव मिलने पर प्रबंधन सेक्टर-9 हॉस्पिटल को निजी हाथों में देने के लिए निर्णय ले सकता है।इस जानकारी के सामने आने के बाद यूनियन ने निजीकरण की किसी भी संभावित प्रक्रिया को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया और अस्पताल को वर्तमान स्वरूप में बनाए रखने की मांग दोहराई।
मेडिक्लेम पॉलिसी में भेदभाव का आरोप, यूनियन ने उठाए सवाल
👉यूनियन की ओर से कार्यपालक निदेशक के समक्ष इस बार की मेडिक्लेम पॉलिसी का मुद्दा भी उठाया गया। यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों एवं डायरेक्टर की सुविधाओं और उनके फंड में काफी भेदभाव किया गया है। यूनियन ने कहा कि एक ओर कर्मचारियों को मेडिक्लेम की सुविधा के लिए सीमित राशि निर्धारित की गई है, वहीं डायरेक्टर वर्ग के लिए मेडिक्लेम सुविधा राशि की कोई सीमा निर्धारित नहीं है।यूनियन के अनुसार यह भेदभाव इस बात को साबित करता है कि सेक्टर-9 हॉस्पिटल की वर्तमान सुविधाओं में भी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच भारी अंतर देखने को मिल रहा है।
Referral Case को आसान बनाने की मांग, डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल
👉बैठक के दौरान यूनियन की ओर से कर्मचारियों के रेफरल केस को आसान बनाने की मांग की गई। यूनियन का कहना है कि सेक्टर-9 हॉस्पिटल से कर्मचारियों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में रेफर करवाना कई बार टेढ़ी खीर साबित होता है। यूनियन ने आरोप लगाया कि कुछ डॉक्टरों की मनमानी और मोनोपोली की वजह से बीमार व्यक्ति के साथ-साथ उनके परिवारजनों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे में रेफरल की प्रक्रिया को सरल और मरीजों के हित में बनाने की जरूरत है।
अस्पताल की अव्यवस्थाओं और डॉक्टरों के रवैये पर अंकुश लगाने का आश्वासन
👉कार्यपालक निदेशक अजय कुमार चक्रवर्ती ने यूनियन प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सेक्टर-9 हॉस्पिटल में व्याप्त अव्यवस्थाओं तथा चिन्हित डॉक्टरों के रवैये और बीमार व्यक्तियों के प्रति उनके व्यवहार पर जल्द ही अंकुश लगाने का कार्य किया जाएगा। यूनियन ने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ कर्मचारियों और उनके आश्रितों को इलाज के दौरान होने वाली परेशानियों को प्राथमिकता से दूर करने की मांग रखी।
बैठक में ये यूनियन पदाधिकारी रहे मौजूद
👉यूनियन प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से यूनियन अध्यक्ष उज्ज्वल दत्ता, कार्यकारी महासचिव शिव बहादुर सिंह, अतिरिक्त महासचिव दिलेश्वर राव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमित बर्मन, शेख मेहमूद, कृष्णा मूर्ति, उप महासचिव विमल कांत पांडे, राजकुमार सिंह, प्रदीप सिंह, संदीप सिंह, वरिष्ठ सचिव धनंजय कुमार गिरी और ऋषभ घोष सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल थे।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

