डिप्लोमा इंजीनियर्स संगठन में बड़ा बदलाव: कार्यकारी अध्यक्ष घनश्याम साहू ने दिया इस्तीफा, 16 सितंबर होगा अंतिम कार्यदिवस
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- डिप्लोमा इंजीनियर्स संगठन (DEAB) में उस समय महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया, जब संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष घनश्याम साहू ने निजी कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से त्यागपत्र दे दिया।
- उन्होंने अपना इस्तीफा संगठन के महासचिव एवं समस्त कार्यकारिणी सदस्यों को सौंप दिया है।
- घनश्याम साहू ने स्पष्ट किया है कि 16 सितंबर 2026 संगठन में उनके कार्य का अंतिम दिवस होगा।
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निजी कारणों का हवाला देते हुए सौंपा त्यागपत्र
👉घनश्याम साहू ने आज डिप्लोमा इंजीनियर्स संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष पद से स्वयं को मुक्त करने का निर्णय लिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र संगठन के महासचिव एवं समस्त कार्यकारिणी सदस्यों को सौंपा है। उनके अनुसार, निजी कारणों के चलते उन्होंने यह निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि 16 सितंबर 2026 संगठन में उनके कार्य का अंतिम दिवस होगा।
बता दें कि घनश्याम साहू भिलाई स्टील प्लांट के कार्मिक होने के साथ-साथ एक जाने-माने व्यक्तित्व भी हैं। साहू समाज में भी उनकी अच्छी पहचान और नाम है। वे लंबे समय से डिप्लोमा इंजीनियर्स के हितों के लिए सक्रिय रूप से कार्य करते आ रहे हैं। संयंत्र में छत्तीसगढ़ से जुड़े लोगों के बीच घनश्याम साहू ‘दाऊ’ के नाम से खासे लोकप्रिय हैं और उनका व्यापक जनसमर्थन माना जाता है। उनकी एक आवाज पर लोग मदद के लिए आगे आ जाते हैं। दूसरों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहना उनके स्वभाव का हिस्सा रहा है और अपने सरल, सहज एवं मिलनसार व्यक्तित्व के कारण वे सदस्यों और सहकर्मियों के बीच विशेष पहचान रखते हैं।
रावतपुरा मामले की जांच तक जिम्मेदारी संभालने पर बनी थी सहमति
👉घनश्याम साहू ने बताया कि कुछ दिन पूर्व संगठन के कार्यकारिणी सदस्यों एवं आम सदस्यों के बीच एक बैठक आयोजित हुई थी। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था कि रावतपुरा मामले की जांच पूरी होने तक वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष को कुछ समय के लिए अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जाए। इस संबंध में सदस्यों द्वारा हस्ताक्षर कर अपनी सहमति भी दी गई थी। अब घनश्याम साहू ने उक्त जिम्मेदारी सहित संगठन के अपने पद से स्वयं को मुक्त करने का निर्णय लिया है।
सदस्यों के हित में कई महत्वपूर्ण पहल को आगे बढ़ाया
👉घनश्याम साहू ने कहा कि संगठन में अपने कार्यकाल के दौरान सदस्यों के हित में कई महत्वपूर्ण कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया। इनमें प्रमुख रूप से सेवाकाल में ट्रेनिंग पीरियड को जोड़ने की पहल, डिप्लोमा इंजीनियर्स संगठन में सदस्यों की मेंबरशिप कटिंग प्रारंभ करवाना तथा जूनियर इंजीनियर पदनाम दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास शामिल हैं।
जूनियर इंजीनियर पदनाम को लेकर अभी भी असंतोष
👉उन्होंने कहा कि जूनियर इंजीनियर पदनाम की मांग संगठन द्वारा एंट्री लेवल से की गई थी, जबकि पदनाम एग्जिट लेवल पर प्राप्त हुआ। इसके कारण इस विषय में अभी भी कुछ असंतोष बना हुआ है और भविष्य में इस पर और प्रयास की आवश्यकता है।
इंजीनियर्स डे आयोजन और सदस्यों के सम्मान की परंपरा
👉इसके अलावा संगठन द्वारा इंजीनियर्स डे का आयोजन किया गया। वहीं, डिप्लोमा इंजीनियर सदस्यों द्वारा किए गए उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय कार्यों के लिए संस्था के माध्यम से सदस्यों को सम्मानित करने की परंपरा को भी आगे बढ़ाया गया।
पद से अलग होना संगठन से दूरी नहीं: घनश्याम साहू
👉घनश्याम साहू ने कहा कि पद से अलग होना उनके लिए संगठन या सदस्यों से दूरी बनाने जैसा नहीं है। उन्होंने संगठन के महासचिव, समस्त पदाधिकारियों, कार्यकारिणी सदस्यों एवं आम सदस्यों का सहयोग और विश्वास देने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि संगठन भविष्य में भी डिप्लोमा इंजीनियर सदस्यों के हितों के लिए मजबूती से कार्य करता रहेगा।
— घनश्याम साहू
पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष
डिप्लोमा इंजीनियर्स संगठन
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

