पंडवानी की अमर स्वर-साधिका डॉ. तीजन बाई को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि, भिलाई में तंबूरा स्मारक बनाने की उठी मांग
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- पद्म विभूषण से सम्मानित पंडवानी की विश्वविख्यात लोकगायिका स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई को भिलाई में आयोजित एक गरिमामय श्रद्धांजलि सभा में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
- कला-साहित्य अकादमी, छत्तीसगढ़ (कवच) के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य, कला, रंगमंच और संगीत जगत से जुड़े बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की।
- इस दौरान डॉ. तीजन बाई की लोक-सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने का संकल्प लिया गया और भिलाई में उनके नाम पर तंबूरा स्मारक स्थापित करने की महत्वपूर्ण मांग भी उठाई गई।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
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रविन्द्र निकेतन, कालीबाड़ी में आयोजित हुई श्रद्धांजलि सभा
👉पंडवानी की विश्वविख्यात साधिका, पद्म विभूषण से सम्मानित लोककला की अप्रतिम हस्ताक्षर स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई को कला-साहित्य अकादमी, छत्तीसगढ़ (कवच) द्वारा रविन्द्र निकेतन, कालीबाड़ी (हुडको), भिलाई में आयोजित एक गरिमामय श्रद्धांजलि सभा में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साहित्य, कला, रंगमंच एवं संगीत जगत से जुड़े बड़ी संख्या में लोगों ने उपस्थित होकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा उनकी लोक-सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
👉कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. तीजन बाई के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर विजय दिल्लीवार “वर्तमान”, परविंदर सिंह पूर्व महासचिव ओए-बीएसपी भिलाई, रिखी क्षत्रिय, मुमताज भाई, जय प्रकाश नायर, मणिमय मुखर्जी, शक्ति चक्रबर्ती, एल. रुद्र मूर्ति एवं बबलू विश्वास ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम का संचालन रचना श्रीवास्तव ने गरिमापूर्ण एवं प्रभावी ढंग से किया।
वक्ताओं ने डॉ. तीजन बाई के योगदान को किया स्मरण
👉श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपने विलक्षण गायन, सशक्त अभिनय और अद्वितीय अभिव्यक्ति से पंडवानी को लोकजीवन की चौपालों से उठाकर विश्व मंच तक प्रतिष्ठित किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई और अपनी कला के माध्यम से प्रदेश का गौरव बढ़ाया। वक्ताओं ने उनके निधन को भारतीय लोककला की अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और साधना आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
विजय दिल्लीवार “वर्तमान” ने साझा किए संघर्षपूर्ण जीवन के प्रेरक प्रसंग
👉वरिष्ठ साहित्यकार विजय दिल्लीवार “वर्तमान” ने अपने उद्बोधन में डॉ. तीजन बाई के संघर्षपूर्ण जीवन के अनेक प्रेरक प्रसंग साझा किए। अन्य वक्ताओं ने भी उनके सरल, सहज और आत्मीय व्यक्तित्व को स्मरण करते हुए कहा कि वे केवल महान कलाकार ही नहीं, बल्कि लोकजीवन की सच्ची प्रतिनिधि थीं।
भिलाई में तंबूरा स्मारक स्थापित करने की सर्वसम्मति से उठी मांग
👉सभा में उपस्थित सभी साहित्यकारों, कलाकारों एवं संस्कृतिप्रेमियों ने सर्वसम्मति से मांग की कि भिलाई के किसी प्रमुख चौराहे पर डॉ. तीजन बाई की स्मृति में विशाल तंबूरा स्मारक स्थापित किया जाए। साथ ही भिलाई इस्पात संयंत्र के स्थापना काल (1960–70 के दशक) में साहित्य, संगीत, रंगमंच एवं अन्य कलाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले दिवंगत कलाकारों और साहित्यकारों के नाम भी उस स्मारक पर अंकित किए जाएं, ताकि भिलाई की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को स्थायी पहचान मिल सके और नई पीढ़ी अपने सांस्कृतिक पुरोधाओं से परिचित हो सके।
बड़ी संख्या में साहित्यकार, कलाकार एवं संस्कृतिप्रेमी रहे उपस्थित
👉इस अवसर पर रचना श्रीवास्तव, शांतनु दासगुप्ता, ममता देवी, चन्द्रा बैनर्जी, मौ दत्ता, सुमिता सरकार, भाष्वोती बोस, डॉ. संस्कृति वर्मा, एल. रुद्र मूर्ति, एम. जानकीराव, जय प्रकाश नायर, मिथुन दास, परविंदर सिंह, विजय दिल्लीवार “वर्तमान”, रिखी क्षत्रिय, मुमताज भाई, त्रिलोक तिवारी, मणिमय मुखर्जी, बरुण चक्रवर्ती, रामचन्द्र सामंत, प्रदीप गोले, मुकेश पटेल, श्रवण कुमार, शक्ति चक्रबर्ती, पी.पी. बिस्वास, प्रदीप कुमार मित्रा, आशुतोष बोस, सोमा बोस, रुमा बर्धन, स्वरा, अयन दत्ता सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, कलाकार एवं संस्कृतिप्रेमी उपस्थित थे।
दो मिनट का मौन रखकर दी गई अंतिम श्रद्धांजलि
👉कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा डॉ. तीजन बाई की अमर लोककलात्मक विरासत को संरक्षित एवं संवर्धित करने का सामूहिक संकल्प व्यक्त किया।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

