सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, देवेंद्र यादव के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका निर्णायक चरण में
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक देवेंद्र यादव के निर्वाचन को चुनौती देने वाली पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता प्रेम प्रकाश पांडेय की निर्वाचन याचिका अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है।
- सुप्रीम कोर्ट ने 25 अगस्त 2026 को दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज कर दिया है।
- इसके साथ ही मामले की सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है और अब 31 अगस्त से नियमित एवं निर्णायक सुनवाई शुरू होगी।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
वर्ष 2023 के चुनाव परिणाम को दी गई है चुनौती
👉वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में लगभग 1200 मतों के अंतर से विजयी हुए विधायक देवेंद्र यादव के निर्वाचन को प्रेम प्रकाश पांडेय ने निर्वाचन याचिका क्रमांक 9/2024 के माध्यम से चुनौती दी थी। याचिका में नामांकन और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए गए हैं, जिनकी अब अदालत में विस्तृत सुनवाई होगी।
प्रेम प्रकाश पांडेय के पक्ष को मिली बड़ी कानूनी सफलता
👉सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश को प्रेम प्रकाश पांडेय के पक्ष में महत्वपूर्ण कानूनी सफलता माना जा रहा है। इससे पहले भी याचिका को प्रारंभिक स्तर पर समाप्त कराने अथवा उसके दायरे को सीमित करने के लिए कई कानूनी प्रयास किए गए थे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। हाईकोर्ट द्वारा संबंधित आवेदन खारिज किए जाने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी हस्तक्षेप से इंकार करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि मामले का परीक्षण साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर किया जाएगा।
अब तकनीकी बहस नहीं, साक्ष्यों की होगी परीक्षा
👉कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अब तक विवाद मुख्य रूप से तकनीकी और प्रक्रियात्मक मुद्दों पर केंद्रित था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब अदालत के समक्ष प्रेम प्रकाश पांडेय द्वारा लगाए गए आरोपों तथा विधायक देवेंद्र यादव के पक्ष की दलीलों की वास्तविक जांच होगी। 31 अगस्त से शुरू होने वाली सुनवाई में दोनों पक्ष अपने-अपने दस्तावेज, गवाह और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद अदालत मामले के तथ्यों के आधार पर निर्णय की दिशा में आगे बढ़ेगी।
राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मामला
👉भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र का यह निर्वाचन विवाद प्रदेश की चर्चित कानूनी और राजनीतिक लड़ाइयों में शामिल हो चुका है। एक ओर विधायक देवेंद्र यादव का निर्वाचन दांव पर है, वहीं दूसरी ओर प्रेम प्रकाश पांडेय द्वारा लगाए गए आरोपों की न्यायिक जांच अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर रही है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट द्वारा राहत नहीं दिए जाने के बाद अब पूरा मामला ट्रायल कोर्ट में साक्ष्यों की कसौटी पर परखा जाएगा। इससे यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि निर्वाचन याचिका में लगाए गए आरोप कितने प्रमाणित हैं और उनका चुनाव परिणाम पर क्या प्रभाव पड़ता है।
31 अगस्त पर टिकी निगाहें
👉करीब दो वर्षों से चल रहे इस बहुचर्चित मामले में अब 31 अगस्त की तारीख बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद प्रेम प्रकाश पांडेय की निर्वाचन याचिका निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है और अब विधायक देवेंद्र यादव के निर्वाचन से जुड़े विवाद का परीक्षण अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होगा। फिलहाल, भिलाई की राजनीति और प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं तथा सभी की निगाहें आगामी सुनवाई पर टिकी हुई हैं।
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रिपोर्ट ; डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

