भिलाई टाउनशिप: सामाजिक, धार्मिक और शैक्षणिक संस्थाओं के लिए बड़ी राहत, अब 1 रुपये टोकन पर होगा लीज नवीनीकरण
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- भिलाई टाउनशिप में लीज नवीनीकरण और बढ़े हुए प्रीमियम को लेकर वर्षों से चल रहे विवाद के बीच बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है।
- सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने बताया कि स्टील मंत्रालय और स्टील बोर्ड ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सामाजिक, धार्मिक और शैक्षणिक संस्थाओं के साथ-साथ व्यापारियों को भी बड़ी राहत प्रदान की है।
- इस फैसले को भिलाईवासियों की लंबे संघर्ष के बाद मिली महत्वपूर्ण जीत के रूप में देखा जा रहा है।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
18 साल पुराने विवाद पर आया बड़ा फैसला!
👉प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद विजय बघेल ने बताया कि वर्ष 2008 में स्टील बोर्ड द्वारा लिए गए कुछ निर्णयों के कारण लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया बेहद जटिल और महंगी हो गई थी। इसका असर व्यापारियों, सामाजिक संस्थाओं, धार्मिक संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों पर पड़ रहा था। जैसे-जैसे 30 वर्षों की लीज अवधि पूरी होती गई, लोगों को बढ़े हुए लीज शुल्क और अन्य प्रावधानों की वास्तविकता का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर वर्षों तक संघर्ष चला और अंततः सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप अब राहत भरा निर्णय सामने आया है।
सामाजिक, धार्मिक और शैक्षणिक संस्थाओं को मिलेगी विशेष छूट
👉नई व्यवस्था के तहत सामाजिक भवनों, शैक्षणिक संस्थाओं और धार्मिक संस्थाओं के लिए लीज नवीनीकरण अब मात्र 1 रुपये की टोकन दर पर किया जाएगा। इसके अलावा पहले जहां पूरे भूमि क्षेत्र के आधार पर किराया निर्धारित किया जाता था, अब केवल निर्धारित हिस्से के आधार पर शुल्क लिया जाएगा, जिससे इन संस्थाओं को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।
बताया गया कि इस फैसले से ऐसी संस्थाओं पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ काफी कम हो जाएगा और वे अपने सामाजिक एवं सार्वजनिक कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकेंगी।
व्यापारियों को भी मिला 75 प्रतिशत तक का लाभ
👉प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने बताया कि वर्ष 2008 की स्टील बोर्ड व्यवस्था में व्यापारियों के लिए 25 प्रतिशत प्रीमियम चार्ज, कुल भूमि मूल्य का 1 प्रतिशत लीज रेंट और 2 प्रतिशत सर्विस चार्ज निर्धारित किया गया था।
👉अब नई व्यवस्था में लीज रेंट पूरे भूमि मूल्य पर नहीं बल्कि केवल 25 प्रतिशत प्रीमियम चार्ज के आधार पर लिया जाएगा। इसके कारण व्यापारियों को लीज रेंट में लगभग 75 प्रतिशत तक का सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही लीज रेंट के नाम पर होने वाली अतिरिक्त वसूली और कम्पाउंड इंटरेस्ट जैसी व्यवस्थाओं में भी राहत प्रदान की गई है।
सांसद विजय बघेल ने बताया संघर्ष का परिणाम
👉दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल ने कहा कि वर्ष 2008 में स्टील बोर्ड द्वारा लिया गया निर्णय व्यापारियों, सामाजिक संस्थाओं, धार्मिक संगठनों और शैक्षणिक संस्थाओं के लिए बेहद कठिन परिस्थितियां पैदा करने वाला था। जब लोगों की 30 वर्ष की लीज अवधि पूरी होने लगी तब इस निर्णय के वास्तविक प्रभाव सामने आए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011-12 से विभिन्न स्तरों पर इस विषय को लेकर लगातार प्रयास किए गए। प्रभावित लोगों ने एकजुट होकर अपनी बात रखी और जनप्रतिनिधियों ने भी विभिन्न मंचों पर इस मुद्दे को उठाया। लंबे संघर्ष के बाद अब स्टील बोर्ड द्वारा पुराने निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए कई महत्वपूर्ण रियायतें दी गई हैं।
स्टील मंत्री को दिया श्रेय
👉सांसद विजय बघेल एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि केंद्रीय इस्पात मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने भिलाईवासियों को यह महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है। उन्होंने इसे भिलाई के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि लंबे समय से लंबित इस समस्या का समाधान होने से हजारों व्यापारी, सामाजिक संस्थाएं और अन्य हितधारक लाभान्वित होंगे। इस निर्णय के लिए स्टील बोर्ड, इस्पात मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी, संघर्ष में शामिल सभी व्यापारिक संगठनों और संस्थाओं को बधाई देते हुए कहा कि यह सामूहिक प्रयासों की सफलता है।
भिलाईवासियों के लिए राहत का नया अध्याय
👉भिलाई टाउनशिप में लीज नवीनीकरण से जुड़ी समस्याएं लंबे समय से चर्चा का विषय रही हैं। अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद व्यापारियों, सामाजिक संस्थाओं, धार्मिक संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर इस निर्णय को भिलाईवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि और वर्षों पुराने संघर्ष की सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
⚠️ डिस्क्लेमर
यह समाचार सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में जनप्रतिनिधियों द्वारा साझा की गई प्रारंभिक जानकारी के आधार पर प्रकाशित किया गया है। लीज नीति एवं संबंधित प्रावधानों की विस्तृत आधिकारिक जानकारी, आदेश एवं दस्तावेज़ प्राप्त होने के बाद समाचार को आवश्यकतानुसार अपडेट किया जाएगा। प्रारंभिक जानकारी होने के कारण कुछ तथ्यों में त्रुटि या परिवर्तन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
अगली खबर पढ़े 👉 पीलिया प्रभावित सेक्टर-7 के शेष इलाकों में भी बदलेगी पेयजल पाइपलाइन, सांसद विजय बघेल के प्रयासों से मिली बड़ी राहत
रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

