नौकरी का झांसा देकर ₹5 लाख की ठगी! चपरासी की नौकरी लगाने का दिया था भरोसा!
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- सरकारी नौकरी पाने की उम्मीद में दो लोगों ने आरोपी को ₹5 लाख दे दिए, लेकिन नौकरी नहीं मिली और रकम भी वापस नहीं की गई।
- संभाग आयुक्त कार्यालय दुर्ग में चपरासी के पद पर नौकरी लगाने का झांसा देकर की गई कथित धोखाधड़ी के करीब आठ साल पुराने मामले में थाना पुरानी भिलाई पुलिस ने आरोपी शमीम खान को गिरफ्तार किया है।
- पुलिस ने विवेचना के दौरान बैंक लेनदेन, वीडियो और लोन से संबंधित दस्तावेजों को साक्ष्य के रूप में जुटाया और आरोपी को 13 सितंबर 2026 को न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
संभाग आयुक्त कार्यालय में चपरासी की नौकरी का दिया था झांसा
👉थाना पुरानी भिलाई, जिला दुर्ग में वर्ष 2018 में दर्ज धोखाधड़ी के प्रकरण में आरोपी शमीम खान पर संभाग आयुक्त कार्यालय दुर्ग में चपरासी के पद पर नौकरी लगाने का झांसा देकर राशि लेने का आरोप है।
प्रार्थी डी. सत्य साईं, उम्र 36 वर्ष, निवासी डाक बंगला पुरैना द्वारा दिनांक 17.11.2018 को शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत के अनुसार आरोपी शमीम खान ने प्रार्थी एवं उसके परिचित सी.एच. बैकुंठ राव से नौकरी लगाने के नाम पर कुल ₹5 लाख प्राप्त किए थे। इसके बाद नौकरी नहीं लगाई गई और राशि भी वापस नहीं की गई।
शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की थी विवेचना
👉प्रार्थी की शिकायत की जांच के पश्चात पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया। विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा प्रकरण से जुड़े वित्तीय लेनदेन और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों को एकत्र किया गया।
पुलिस के अनुसार प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत यूनियन बैंक का बैंक स्टेटमेंट, लेनदेन संबंधी वीडियो एवं लोन से संबंधित दस्तावेजों को जप्त कर साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया गया।
दस्तावेज और लेनदेन के साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस
👉विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने उपलब्ध दस्तावेजों एवं वित्तीय लेनदेन से संबंधित साक्ष्यों का परीक्षण किया। पूछताछ एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की संलिप्तता सामने आने पर पुलिस टीम ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा राशि लेना स्वीकार किया गया। इसके बाद आरोपी शमीम खान को दिनांक 13.09.2026 को समय 13:40 बजे विधिवत गिरफ्तार किया गया।
आरोपी शमीम खान गिरफ्तार, न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया
👉पुलिस ने कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने ये सामग्री की जप्त
विवेचना के दौरान पुलिस ने प्रकरण से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज एवं साक्ष्य जप्त किए हैं।
- यूनियन बैंक का बैंक स्टेटमेंट।
- लेनदेन संबंधी वीडियो युक्त पेन ड्राइव।
- लोन से संबंधित दस्तावेज।
पुलिस की कार्रवाई में दस्तावेजी और वित्तीय साक्ष्य अहम
👉थाना पुरानी भिलाई पुलिस द्वारा वर्ष 2018 में नौकरी लगाने के नाम पर ₹5 लाख की धोखाधड़ी के प्रकरण में फरार/लंबित आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। पुलिस की कार्रवाई में प्रकरण से संबंधित दस्तावेजों के साथ-साथ वित्तीय लेनदेन के साक्ष्यों को भी महत्वपूर्ण आधार बनाया गया।
दुर्ग पुलिस की नागरिकों से अपील
👉दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी शासकीय अथवा निजी नौकरी में नियुक्ति दिलाने के नाम पर किसी व्यक्ति को राशि न दें एवं संबंधित विभाग एवं नियुक्ति प्रक्रिया की सत्यता अवश्य जांचें। पुलिस ने कहा है कि नौकरी लगाने का झांसा देकर धनराशि मांगने वाले व्यक्तियों की सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए, ताकि ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

