ओए-बीएसपी ने सेल सीएमडी से अधिकारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर की चर्चा
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- सेल के अधिकारियों से जुड़े लंबित एवं महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर ऑफिसर्स एसोसिएशन, भिलाई स्टील प्लांट (ओए-बीएसपी) के पदाधिकारियों ने सेल के सीएमडी डॉ. अशोक कुमार पंडा एवं बीएसपी के निदेशक प्रभारी श्री सी.आर. महापात्रा से डीआईसी ऑफिस, इस्पात भवन, भिलाई में चर्चा की।
- बैठक में अधिकारियों के हितों से जुड़े पेंशन, एचआरए, पीआरपी, प्रमोशन, वेतन विसंगति, टाउनशिप सुविधाओं सहित कई महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से उठाया गया।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
सेल के 10 हजार करोड़ रुपये लाभ के लक्ष्य को लेकर अधिकारियों ने जताई प्रतिबद्धता
👉चर्चा के दौरान सेफी चेयरमैन एवं ओए-बीएसपी अध्यक्ष श्री नरेन्द्र कुमार बंछोर ने अधिकारियों की ओर से सेल के सीएमडी डॉ. अशोक कुमार पंडा को आश्वस्त किया कि उनके विजन के अनुरूप इस वित्तीय वर्ष में 10 हजार करोड़ रुपये का लाभ अर्जित करने के लक्ष्य की दिशा में इस्पात बिरादरी निरंतर प्रयासरत है। बैठक में ओए-बीएसपी महासचिव अंकुर मिश्रा भी उपस्थित रहे।
सेल पेंशन स्कीम में संशोधन की मांग
👉ओए-बीएसपी ने सेल प्रबंधन से डीपीई दिशानिर्देशों के अनुरूप 30 प्रतिशत सेवानिवृत्ति लाभ सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया। एसोसिएशन ने मांग रखी कि डीपीई दिशानिर्देशों की भावना के अनुरूप मासिक आधार पर 9 प्रतिशत की दर से पेंशन अंशदान हस्तांतरित किया जाए।
👉ओए-बीएसपी के अनुसार सेल पेंशन योजना को समय पर लागू नहीं किया गया, जिसे द्वितीय वेतन संशोधन से संबंधित डीपीई दिशानिर्देशों के संदर्भ में गंभीर विषय बताया गया। एसोसिएशन ने कहा कि पेंशन कर्मचारी का अधिकार है, ताकि संगठन को अपने कार्यकाल के दौरान समर्पित करने के बाद कर्मचारी सम्मानजनक जीवन जी सके।
यूनिफार्म एचआरए लागू करने का आग्रह
👉बैठक में सेल में डीपीई दिशानिर्देशों के अनुरूप एक समान एचआरए लागू करने का मुद्दा भी उठाया गया। ओए-बीएसपी ने सेल प्रबंधन से अधिकारियों के लिए यूनिफार्म एचआरए पॉलिसी बनाने का आग्रह किया।
सेफी द्वारा पूर्व में भी सेल-सेफी बैठक के दौरान सेल प्रबंधन के समक्ष इस विषय को रखा जा चुका है। ओए-बीएसपी ने एक समान नीति की आवश्यकता पर जोर दिया।
2018-19 के इंक्रीमेंटल पीआरपी के भुगतान की मांग
👉ओए-बीएसपी ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के इंक्रीमेंटल पीआरपी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। एसोसिएशन के अनुसार वित्तीय वर्ष 2018-19 में पीआरपी का भुगतान पीबीटी के 3 प्रतिशत तक की राशि के रूप में किया गया था, जबकि इंक्रीमेंटल पीआरपी को मिलाकर कुल पीबीटी के 5 प्रतिशत का भुगतान किया जाना चाहिए था।
एसोसिएशन ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में सेल को कर पूर्व 759 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था, जबकि वित्तीय वर्ष 2018-19 में सेल ने कर पूर्व 3,338 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया। ओए-बीएसपी ने इसे स्पष्ट रूप से टर्नअराउंड का मामला बताते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2018-19 की पीआरपी गणना के दौरान इंक्रीमेंटल पीआरपी यानी पीबीटी के 2 प्रतिशत को शामिल नहीं किया गया।एसोसिएशन ने सीएमडी से वित्तीय वर्ष 2018-19 के इंक्रीमेंटल पीआरपी का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
सेल टाउनशिप की संपदाओं के बेहतर उपयोग पर जोर
👉ओए-बीएसपी ने भिलाई सहित सेल के सभी टाउनशिप की संपदाओं के समुचित उपयोग का मुद्दा भी उठाया। एसोसिएशन ने टाउनशिप में खाली पड़ी भूमि, भवनों और मकानों का लीजिंग एवं लाइसेंसिंग के माध्यम से उचित उपयोग करने का आग्रह किया, ताकि राष्ट्रीय संपत्तियों को अवैध कब्जों से बचाया जा सके।
इसके साथ ही लीजिंग एवं लाइसेंसिंग से जुड़े अवरोधों का शीघ्र निराकरण करने की मांग की गई, जिससे आमजन को भी राहत मिल सके। वर्तमान कार्मिकों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नए एवं सुविधायुक्त भवनों के निर्माण का आग्रह भी प्रबंधन से किया गया।
जेओ बैचों की पदोन्नति का मुद्दा
👉बैठक में जेओ बैचों की पदोन्नति से जुड़ा विषय भी रखा गया। ओए-बीएसपी ने आग्रह किया कि जेओ-2018 बैच की 6 माह की ट्रेनिंग अवधि को ई-1 से ई-2 पदोन्नति में शामिल किया जाए। इसके साथ ही 6 माह की नोशनल सीनियारिटी देते हुए सभी जेओ बैचों को कॉमन प्रमोशन साइकिल में पदोन्नत करने की मांग की गई।
जेओ-2008 और 2010 बैच की वेतन विसंगति दूर करने की मांग
👉ओए-बीएसपी पदाधिकारियों ने जेओ-2008 एवं 2010 बैच से जुड़ी वेतन विसंगति का मुद्दा भी सीएमडी के समक्ष रखा। एसोसिएशन ने बताया कि कुछ वरिष्ठ अधिकारी, जो ई-4/ई-5 स्तर पर हैं, अपने जूनियर कर्मचारियों अथवा अधिकारियों की तुलना में कम वेतन प्राप्त कर रहे हैं। इसे गंभीर वेतन असमानता बताते हुए 1 जनवरी 2023 से प्रभावी इस विसंगति को दूर करने के लिए सीएमडी से हस्तक्षेप की मांग की गई।
अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी हुई चर्चा
👉बैठक के दौरान अधिकारियों से जुड़े अन्य कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। इनमें सेल मेडिक्लेम पॉलिसी में आवश्यक सुविधाओं का विस्तार, सेल के सभी माइंस की टाउनशिप में नए मकानों का निर्माण, माइंस में कार्यरत अधिकारियों के लिए मेडिक्लेम पॉलिसी, सेल अस्पतालों में सुविधाओं में बढ़ोतरी, अधिकारियों की प्रमोशन पॉलिसी में आवश्यक सुधार एवं सीजीएम के स्वीकृत पदों की संख्या बढ़ाना शामिल रहा।
इसके अलावा 11 महीने के पर्क्स एरियर्स पर ब्याज के भुगतान, जेओ-2018 बैच की नोशनल पदोन्नति, 2007-2013 एमटीटी/एमटीए बैच की इंट्री लेवल पे-एनामली का समाधान, कोलिरिस के अधिकारियों को वर्ष 2007 से 2017 तक की सेल पेंशन सुविधा तथा जेओ-2008 एवं 2010 बैच की वेतन विसंगतियों सहित कई विषयों पर चर्चा की गई।
अधिकारियों के हितों से जुड़े मुद्दों के समाधान पर जोर
👉बैठक में ओए-बीएसपी ने अधिकारियों से जुड़े लंबित विषयों के समाधान के लिए प्रबंधन के समक्ष अपनी मांगें रखीं। पेंशन, वेतन, प्रमोशन, पीआरपी, आवास और चिकित्सा सुविधाओं जैसे मुद्दे सीधे तौर पर अधिकारियों के सेवा हित एवं भविष्य की सामाजिक सुरक्षा से जुड़े हैं। ऐसे में इन मांगों पर प्रबंधन स्तर से आगे की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ओए-बीएसपी ने सेल के प्रदर्शन और भविष्य की प्रगति में अधिकारियों की भूमिका को रेखांकित करते हुए अधिकारियों के लंबित हितों से जुड़े विषयों के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
अगली खबर पढ़े 👉 BSP कर्मचारियों के लिए EV पर विशेष प्रोत्साहन की मांग, युवा कर्मचारियों ने ₹60 हजार ब्याज-मुक्त राशि फेस्टिवल एडवांस के तहत देने का किया आग्रह
रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

