⚠️ दुर्ग जिले में सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी का प्रयास, फर्जी नियुक्ति पत्र देकर 11 अभ्यर्थियों को बनाया निशाना!
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- दुर्ग जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर एक बड़े ठगी प्रयास का मामला सामने आया है, जिसने युवाओं के बीच चिंता बढ़ा दी है।
- स्वामी आत्मानंद स्कूल में फर्जी नियुक्ति पत्र देकर 11 अभ्यर्थियों को झांसे में लेने की कोशिश की गई, लेकिन प्राचार्य की सतर्कता से पूरा मामला समय रहते उजागर हो गया।
- आइए विस्तार से जानते हैं ये खबर 👇
फर्जी दस्तावेजों का जाल, डिजिटल सिग्नेचर तक का दुरुपयोग!
👉जांच में सामने आया कि जालसाजों ने बेहद शातिर तरीके से कूट रचित (फर्जी) दस्तावेज तैयार किए थे। इन दस्तावेजों में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के फर्जी डिजिटल हस्ताक्षर और अपर जिला मजिस्ट्रेट (ADM) के स्कैन किए गए हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया गया था।दस्तावेज इतने प्रोफेशनल तरीके से बनाए गए थे कि पहली नजर में असली और नकली में फर्क करना मुश्किल था, जिससे अभ्यर्थियों को आसानी से भ्रमित किया जा सके।
जॉइनिंग के दौरान खुला राज, प्राचार्य ने दिखाई सतर्कता!
👉मामले का खुलासा तब हुआ जब एक महिला अभ्यर्थी भिलाई स्थित स्कूल में अपनी जॉइनिंग देने पहुंची। प्राचार्य ने जब उसके नियुक्ति पत्र की जांच की, तो उसमें कई संदिग्ध बातें सामने आईं।
- टाइम स्टैम्प असामान्य था!
- कुछ स्कूलों के नाम काल्पनिक या अस्तित्व में ही नहीं थे!
- दस्तावेज की फॉर्मेटिंग आधिकारिक पैटर्न से मेल नहीं खा रही थी! – इन विसंगतियों के आधार पर प्राचार्य ने तुरंत मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी, जिससे एक बड़ी ठगी होने से बच गई!
पुलिस में मामला दर्ज, गिरोह की तलाश शुरू
👉जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस पूरे गिरोह की तलाश में जुट गई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और कितने लोगों को निशाना बनाया गया?
युवाओं के लिए प्रशासन की चेतावनी!
👉इस घटना के बाद प्रशासन ने युवाओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी नौकरी से संबंधित सभी नियुक्तियां केवल आधिकारिक वेबसाइट या वैध माध्यमों से ही जारी होती हैं। किसी भी व्यक्ति या एजेंट के झांसे में आकर पैसे या दस्तावेज साझा न करें और किसी भी संदिग्ध ऑफर की तुरंत संबंधित विभाग या पुलिस को जानकारी दें।
क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे मामले?
विशेषज्ञों के अनुसार, बेरोजगारी और सरकारी नौकरी की बढ़ती मांग का फायदा उठाकर ठग गिरोह युवाओं को निशाना बना रहे हैं। डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के कारण अब फर्जी दस्तावेज पहले से ज्यादा वास्तविक दिखने लगे हैं, जिससे धोखाधड़ी के मामलों में तेजी आई है।
निष्कर्ष
👉दुर्ग में सामने आया यह मामला एक बड़ी चेतावनी है कि सरकारी नौकरी के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े कितने संगठित और खतरनाक हो चुके हैं। प्राचार्य की सतर्कता से भले ही इस बार बड़ा नुकसान टल गया, लेकिन यह जरूरी है कि युवा पूरी तरह जागरूक रहें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

