मर्चेंट मिल शिपिंग यार्ड तक एप्रोच रोड निर्माण शुरू, लंबे समय से उठ रही मांग को मिला समाधान
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के मर्चेंट मिल शिपिंग यार्ड तक पहुंचने वाले कच्चे एप्रोच रोड की समस्या अब समाधान की ओर बढ़ती नजर आ रही है।
- वर्षों से कर्मचारियों और भारी वाहनों के लिए जोखिम बना यह मार्ग अब पक्का किए जाने की प्रक्रिया में है।
- 4 अप्रैल को इस सड़क निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी गई, जिससे कर्मचारियों में राहत और संतोष का माहौल है। इस मुद्दे को लेकर BSP वर्कर्स यूनियन ने लगातार प्रयास किया था।
- आइए विस्तार से जानते हैं इस खबर को 👇
लंबे समय से बनी हुई थी समस्या
👉मर्चेंट मिल शिपिंग यार्ड तक पहुंचने के लिए मुख्य सड़क से लगभग 50 मीटर का हिस्सा कच्चा था। यह छोटा सा रास्ता ही सबसे बड़ी परेशानी का कारण बन गया था। बरसात के मौसम में इस कच्चे रास्ते पर बड़े-बड़े गड्ढे बन जाते थे। इन गड्ढों में पानी और कीचड़ भर जाने से स्थिति और भी खतरनाक हो जाती थी। जब ट्रैक्टर-ट्रॉली या अन्य भारी वाहन यार्ड की ओर जाते थे, तो इन गड्ढों के कारण दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता था।
⚠️ कर्मचारियों के लिए बना हुआ था जोखिम
👉इस खराब सड़क की वजह से BSP के कर्मचारियों को रोजाना जोखिम उठाना पड़ता था। कई बार छोटे-मोटे हादसे और चोट की घटनाएं सामने आईं। हालांकि, अस्थायी समाधान के तौर पर कई बार गड्ढों में डस्ट डलवाया गया, लेकिन भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क फिर से खराब हो जाती थी। इससे समस्या ज्यों की त्यों बनी रही।
यूनियन की लगातार पहल लाई रंग
👉इस मुद्दे को लेकर BSP वर्कर्स यूनियन ने लगातार प्रयास किया। पिछले लगभग एक वर्ष से यूनियन के पदाधिकारियों ने इस समस्या को विभिन्न स्तरों पर उठाया। सीजीएम सेफ्टी से लेकर ईडी वर्क्स तक, अलग-अलग फोरम में इस एप्रोच रोड के डामरीकरण की मांग रखी गई। यूनियन का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और दुर्घटनाओं को रोकना था।
4 अप्रैल से निर्माण कार्य की शुरुआत
👉लगातार प्रयासों के बाद आखिरकार 4 अप्रैल को इस एप्रोच रोड के निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी गई। यह कदम न केवल कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को भी काफी हद तक रोकने में मदद करेगा। सड़क के पक्का बनने से भारी वाहनों की आवाजाही भी सुगम होगी और शिपिंग यार्ड की कार्यक्षमता पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
धूल और कीचड़ से मिलेगी राहत, कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा सकारात्मक असर
👉एप्रोच रोड के कच्चे होने और गड्ढों से भरे होने के कारण बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती थी जिससे मर्चेंट मिल शिपिंग यार्ड की ओर जाने वाले ट्रकों और ट्रैक्टर-ट्रॉली के टायरों में कीचड़ और धूल चिपककर यार्ड के भीतर तक पहुंच जाती थी, जिससे पूरे परिसर में धूल और मिट्टी का वातावरण फैल जाता था। यह स्थिति वहां कार्यरत कर्मचारियों के स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक बन रही थी। अब सड़क के पक्का बनने से इस समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है, जिससे न केवल स्वच्छता बेहतर होगी बल्कि कार्यस्थल का वातावरण भी सुरक्षित बनेगा। इस कार्य के शुरू होने में BSP वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों, विशेष रूप से डीजीएस विमल कांत पांडे के निरंतर प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
🙏 अधिकारियों के प्रति आभार
👉BSP वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों ने इस कार्य के लिए संबंधित अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। विशेष रूप से सीईडी विभाग के अधिकारियों, सीजीएम सेफ्टी भिलाई इस्पात संयंत्र तथा ईडी वर्क्स श्री राकेश कुमार के सहयोग को सराहा गया है, जिनके प्रयासों से यह कार्य संभव हो सका। और सभी संबंधित अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।
क्या पड़ेगा असर?
👉इस एप्रोच रोड के निर्माण से कई स्तरों पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा:
- कर्मचारियों की सुरक्षा में सुधार होगा
- दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी
- शिपिंग यार्ड तक परिवहन सुगम बनेगा
- कार्यक्षमता और समय की बचत होगी
निष्कर्ष
मर्चेंट मिल शिपिंग यार्ड तक एप्रोच रोड का निर्माण कार्य एक लंबे संघर्ष और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। यह कदम न केवल कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि औद्योगिक कार्यप्रणाली को भी अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाएगा। आने वाले समय में यह पहल एक बेहतर और सुरक्षित कार्य वातावरण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

