BSP में यूनियन-प्रबंधन बैठक: सुरक्षा, वेतन पारदर्शिता, पेंशन और न्यूनतम केंद्रीय वेतनमान लागू करने पर अहम चर्चा!
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में श्रमिकों की सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर बीएसपी वर्कर्स यूनियन (BWU) ने प्रबंधन के साथ एक अहम बैठक की।
- इस दौरान यूनियन प्रतिनिधिमंडल ने जीएम (HR-IR-CLC) विकास चंद्रा एवं एएम (HR-IR-CLC) के. शशांक राव से मुलाकात कर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा और संयंत्र की वर्तमान स्थिति पर गंभीर चर्चा की।
- बैठक में श्रमिकों के हितों से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर सहमति और आश्वासन सामने आए।
- आइए जानते है विस्तार से 👇
सुरक्षा मानकों को लेकर यूनियन की चिंता और मांग!
👉बैठक का नेतृत्व कर रहे ठेका प्रकोष्ठ के कार्यकारी अध्यक्ष अमित कुमार बर्मन ने संयंत्र में हाल ही में हुई दुर्घटनाओं पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अधिकांश घटनाओं में ठेका श्रमिक प्रभावित हो रहे हैं, जो अत्यंत चिंताजनक स्थिति है। यूनियन ने 12-सूत्रीय मांग पत्र के माध्यम से स्पष्ट किया कि प्रबंधन को सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना चाहिए। इसमें कार्यस्थलों पर मानक स्तर के सुरक्षा उपकरण (PPE) की उपलब्धता, नियमित निगरानी, और कार्य प्रारंभ से पहले अनिवार्य सुरक्षा प्रशिक्षण को प्राथमिकता देने की बात कही गई।इसके साथ ही, उच्च जोखिम वाले कार्यों में ‘वर्क परमिट सिस्टम’ लागू करने, ठेका श्रमिकों को सुरक्षा समितियों में शामिल करने और प्रत्येक दुर्घटना की निष्पक्ष जांच की मांग भी रखी गई। यूनियन ने आपातकालीन चिकित्सा और एम्बुलेंस सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
वेतन पारदर्शिता और पे-स्लिप अनिवार्यता पर जोर!
👉यूनियन के ठेका प्रकोष्ठ महासचिव धनंजय गिरी ने श्रमिकों के आर्थिक हितों को लेकर महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के लिए पे-स्लिप उपलब्ध कराना अनिवार्य किया जाना चाहिए, जिससे वेतन में किसी भी प्रकार की विसंगति को रोका जा सके। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि हाजिरी प्रणाली को अधिक सुलभ और त्रुटिहीन बनाया जाए, ताकि ठेकेदारों के स्तर पर होने वाली किसी भी प्रकार की मनमानी और त्रुटियों पर नियंत्रण लगाया जा सके।
पेंशन और NCP डेटा पर गंभीर मुद्दा!
👉उपमहासचिव मनोज डडसेना ने पेंशन से जुड़े मुद्दों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि NCP (Non-Contributory Period) डेटा का अपूर्ण होना श्रमिकों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि प्रबंधन रिकॉर्ड साझा करने और EPFO के साथ समन्वय में तेजी लाए, तो पात्र श्रमिकों को उनके अधिकारों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और उन्हें समय पर पेंशन का लाभ मिल सकेगा।
न्यूनतम मजदूरी को लेकर चर्चा और स्थिति स्पष्ट!
👉बैठक के दौरान न्यूनतम मजदूरी का मुद्दा भी प्रमुख रूप से उठाया गया। यूनियन ने केंद्र सरकार के उस निर्णय पर सवाल उठाया, जिसमें स्टील क्षेत्र के श्रमिकों को केंद्रीय वेतनमान के दायरे में शामिल किया गया है, लेकिन नए वित्तीय वर्ष के शुरू होने के बावजूद इसका लाभ श्रमिकों को नहीं मिल पाया है। इस पर प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि उनकी ओर से सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जैसे ही केंद्र सरकार या संबंधित विभाग से औपचारिक आदेश प्राप्त होंगे, श्रमिकों को बढ़े हुए वेतन का लाभ तत्काल प्रभाव से प्रदान कर दिया जाएगा।
प्रबंधन का पक्ष: सुरक्षा और डिजिटल पारदर्शिता पर जोर
👉यूनियन द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर जीएम विकास चंद्रा ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए विस्तृत आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संयंत्र में सुरक्षा ऑडिट को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों पर जवाबदेही तय की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि एक भी श्रमिक की मृत्यु अत्यंत दुखद है और इसे रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। पेंशन और एरियर के संबंध में उन्होंने बताया कि EPFO के साथ लगातार पत्राचार के चलते कई श्रमिकों के बंद अंशदान को पुनः शुरू किया गया है, जिससे उन्हें हजारों रुपये का एरियर और पेंशन मिलना शुरू हो गया है। इसके अलावा, डिजिटल पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन अटेंडेंस प्रणाली को अंतिम चरण में बताया गया, जिसके लागू होने के बाद ठेकेदारों का हस्तक्षेप कम होगा और वेतन पर्ची से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान मिलेगा।
सकारात्मक संकेत, अमल का इंतजार!
👉बैठक के अंत में अमित कुमार बर्मन, धनंजय गिरी और मनोज डडसेना ने प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। यूनियन ने प्रबंधन के सकारात्मक रुख पर संतोष जताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि ये निर्णय जल्द ही धरातल पर लागू होंगे। यह बैठक श्रमिकों की सुरक्षा, वेतन पारदर्शिता और पेंशन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों के समाधान की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि इन आश्वासनों को कितनी जल्दी और प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

