BSP कर्मचारियों के दो मुकदमों में बड़ी प्रगति! हाईकोर्ट ने SAIL प्रबंधन और श्रम विभाग पर लगाया ₹5,000 का जुर्माना, CAT में अब 15 दिसंबर को सुनवाई

– DIGITAL BHILAI NEWS –

  • भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के कर्मचारियों से जुड़े दो महत्वपूर्ण मुकदमों में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
  • एक ओर, यूनियन चुनाव से संबंधित मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने समय पर जवाब दाखिल नहीं करने पर SAIL प्रबंधन और श्रम विभाग पर ₹5,000 का जुर्माना लगाया है।
  • वहीं, दूसरी ओर वेज रिवीजन 2017 से जुड़े मामले में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT), प्रिंसिपल बेंच, नई दिल्ली में सभी पक्षों की दलीलें दर्ज होने के बाद अगली सुनवाई की तारीख 15 दिसंबर निर्धारित की गई है।
  • बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ इन दोनों मुकदमों में पक्षकार है।
  • आइए विस्तार से जानते हैं 👇

हाईकोर्ट में यूनियन चुनाव मामले पर सख्ती, SAIL प्रबंधन और श्रम विभाग पर ₹5,000 का जुर्माना

👉पहला मामला 8 अक्टूबर को भिलाई इस्पात संयंत्र में यूनियन चुनाव को लेकर बिलासपुर उच्च न्यायालय में दायर मुकदमे से संबंधित है। इस मामले में माननीय न्यायाधीश ने समय पर जवाब दाखिल नहीं करने पर सेल प्रबंधन तथा श्रम विभाग पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।

बीएकेएस यूनियन के अनुसार, इससे पता चलता है कि सेल और बीएसपी प्रबंधन के साथ-साथ श्रम आयुक्त तथा कर्मचारियों के प्रतिनिधि यूनियन चुनाव हेतु कितने गंभीर हैं।

पहले भिलाई इस्पात संयंत्र की इंटक, बीएमएस, एटक, एचएमएस, बीडब्ल्युयू यूनियनों ने संयंत्र प्रबंधन तथा उप मुख्य श्रमायुक्त को सहमति पत्र नहीं सौंपा तथा भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन की नकारात्मक मंशा जानकर बीएकेएस को न्याय हेतु माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में मुकदमा दायर करना पड़ा।

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जहाँ पर सभी विरोधी पक्ष समय मांग कर मुकदमे को लंबित करते रहे। अंत में माननीय न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए 5,000 रुपये के साथ जवाब दाखिल करने का आदेश दिया।


CAT प्रिंसिपल बेंच में वेज रिवीजन 2017 मामले की सुनवाई, अब 15 दिसंबर पर नजर

👉वहीं, बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ द्वारा कैट प्रिंसिपल बेंच, नई दिल्ली में दायर मुकदमे में सभी पक्षों ने अपना पक्ष रख दिया है। इसमें इस्पात मंत्रालय, श्रम मंत्रालय, सेल प्रबंधन तथा एनजेसीएस शामिल हैं। आज की सुनवाई में एनजेसीएस की तरफ से अधिवक्ता पेश होकर अपना पक्ष रखे। इस पर माननीय सदस्य ने उन्हें लिखित सबमिशन करने का आदेश दिया। इस मामले में अगली सुनवाई 15 दिसंबर को होगी। उस दिन सभी पक्षों के लिखित जवाब का कोरम पूरा हो जाएगा। फिर उसके बाद ट्रिब्यूनल के सदस्य फाइनल बहस की अनुमति देंगे।


वेज रिवीजन 2017 की प्रक्रिया पर BAKS अध्यक्ष अमर सिंह ने उठाए सवाल

👉इस पूरे मामले पर बीएकेएस अध्यक्ष अमर सिंह ने वेज रिवीजन 2017 की प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा:

“वेज रीविजन 2017 की पुरी प्रक्रिया ही फर्जी है । यह सिर्फ धांधली नही बल्कि एनजेसीएस की सभी यूनियने और मैनेजमेंट की मिलिभगत से खुलेआम नियमो की अवहेलना है । एनजेसीएस संविधान का खुला उल्लंघन कर किया गया फर्जी एमओयु , पर्क्स के एरियर भुगतान में किया गया भेदभाव, एमजीबी, पर्क्स लाभ में भेदभाव पर मैनेजमेंट को जवाब देना होगा ।”

— अमर सिंह, अध्यक्ष बीएकेएस


BSP कर्मचारियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं ये दोनों मामले?

👉भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों की नजर इन दोनों मामलों की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर रहेगी। यूनियन चुनाव से संबंधित मुकदमे में हाईकोर्ट का आदेश और वेज रिवीजन 2017 से जुड़े मामले में CAT की अगली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

हालांकि, वेज रिवीजन से जुड़े आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष ट्रिब्यूनल की आगे की कार्यवाही और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल, 15 दिसंबर को होने वाली सुनवाई इस मामले में अगला महत्वपूर्ण पड़ाव है।


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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

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