BSP कैंटीन में अनियमितता का खुलासा! तय कीमत से ज्यादा वसूली, सुविधाओं पर भी सवाल — यूनियन सख्त, प्रीमियम कैंटीन पर एक साल से सिर्फ आश्वासन!
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) की कैंटीनों में बढ़ती अनियमितताओं को लेकर बुधवार को बीएसपी वर्कर्स यूनियन ने इन गड़बड़ियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया!
- लंबे समय से यूनियन अध्यक्ष उज्ज्वल दत्ता के पास कर्मचारियों की लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं, जिससे यह साफ हो गया था कि कैंटीनों की स्थिति ने कर्मियों में नाराज़गी को काफी बढ़ा दिया है।
- तय रेट लिस्ट के बावजूद अधिक कीमत वसूली, खाद्य सामग्री की खराब क्वालिटी और भीषण गर्मी में पर्याप्त सुविधाओं की कमी जैसे गंभीर मुद्दे अब खुलकर सामने आ रहे हैं।
- इसी को लेकर बुधवार को बीएसपी वर्कर्स यूनियन ने अध्यक्ष उज्ज्वल दत्ता के नेतृत्व में जीएम (I&S) एवं एचआर/वेलफेयर के. सुपर्णा के साथ अहम बैठक की।
- इस दौरान यूनियन ने इन सभी अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाते हुए प्रबंधन के सामने कर्मचारियों की समस्याओं को मजबूती से रखा।
- बैठक में यूनियन की ओर से कार्यकारी महासचिव शिव बहादुर सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शेख महमूद और उप महासचिव विमल कांत पांडेय सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
- आइए विस्तार से जानते हैं इस खबर को 👇
कैंटीन व्यवस्था पर यूनियन की सख्त आपत्ति, रेट और क्वालिटी दोनों पर सवाल!
👉15 अप्रैल 2026 को आयोजित इस अधिकृत बैठक में जीएम (I&S), एचआर/वेलफेयर और कैंटीन विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। यूनियन की ओर से स्पष्ट रूप से बताया गया कि प्लांट के विभिन्न एरिया में संचालित कई कैंटीनों में अनियमितताएं लगातार सामने आ रही हैं। मुख्य रूप से खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और मात्रा दोनों पर सवाल उठाए गए। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें निर्धारित रेट लिस्ट से अधिक कीमत पर सामान खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जबकि गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं है। यूनियन ने इस बात को गंभीरता से रखते हुए प्रबंधन के सामने ठोस उदाहरण भी प्रस्तुत किए।लॉन्ग रेल मिल और LRP कैंटीन की शिकायतों का जिक्र करते हुए बताया गया कि जहां रेट लिस्ट में दो पीस सांभर बड़ा की कीमत 9 रुपये निर्धारित है, वहीं कर्मचारियों से 15 रुपये वसूले जा रहे हैं। इसी तरह 6 रुपये वाली चाय के लिए 10 रुपये तक लिए जा रहे हैं। जब इस बारे में पूछा गया तो कैंटीन कर्मचारियों ने इसे “स्पेशल चाय” बताकर जवाब दिया, जबकि रेट चार्ट में ऐसी किसी श्रेणी का उल्लेख नहीं है। इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए यूनियन के पदाधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचे और स्थिति की पुष्टि की। इसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की।

🌡️ भीषण गर्मी में अधूरी सुविधाएं, कर्मचारियों की सेहत पर खतरा
👉बैठक में सिर्फ रेट और क्वालिटी ही नहीं, बल्कि भीषण गर्मी के बीच कर्मचारियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं पर भी सवाल उठाए गए। यूनियन ने बताया कि वर्तमान में कैंटीनों में बैठने और ठंडक की व्यवस्था केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। फैन और कूलर तो लगाए गए हैं, लेकिन बढ़ते तापमान के हिसाब से यह पर्याप्त नहीं हैं। ऐसे में कर्मचारियों को आराम से बैठकर चाय-नाश्ता करने तक में परेशानी हो रही है। यूनियन ने मांग की कि कैंटीनों में ठंडी हवा और स्वच्छ पेयजल की उचित व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही प्लांट के अंदर बने रेस्ट रूम और टॉयलेट की स्थिति को भी चिंताजनक बताया गया। साफ-सफाई और रखरखाव में लगातार कमी देखी जा रही है, जिससे कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ सकता है।
गर्मी को देखते हुए ठंडे पेय पदार्थ अनिवार्य करने की मांग!
👉यूनियन ने यह भी मांग रखी कि सभी कैंटीनों में गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए लस्सी, छाछ (बटर मिल्क), आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक जैसे ठंडे पेय पदार्थ अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएं। फिलहाल कई कैंटीनों में ये सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिससे कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रीमियम कैंटीन और बेस किचन पर फिर टली उम्मीद!
👉बैठक के दौरान यह मुद्दा भी उठा कि बेस किचन में प्रस्तावित प्रीमियम कैंटीन पिछले साल से “जल्द शुरू होने” की बात कही जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं दिखी है। यूनियन ने इस देरी पर चिंता जताते हुए कहा कि अपने ही प्लांट में कर्मचारियों के लिए एक कैंटीन शुरू करने में इतना समय लगना गंभीर विषय है। इस पर जवाब देते हुए एचआर एवं वेलफेयर विभाग की ओर से बताया गया कि प्रीमियम कैंटीन की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है और जल्द ही इसके शुरू होने की संभावना है।
125 टॉयलेट 🚻 और 95 रेस्ट रूम के संधारण का आश्वासन!
👉प्रबंधन की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि प्लांट के अंदर 125 टॉयलेट और 95 रेस्ट रूम का संधारण किया जाएगा। इससे कर्मचारियों को बेहतर और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।
बैठक में ये रहे प्रमुख लोग
👉इस महत्वपूर्ण बैठक में जीएम एचआर एवं वेलफेयर की ओर से सुपर्णा मैडम उपस्थित रहीं। वहीं यूनियन की तरफ से कार्यकारी महासचिव शिव बहादुर सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शेख मेहमूद, उप महासचिव विमल कांत पांडे सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हुए।
कर्मचारियों के अधिकारों पर बड़ा सवाल, अब कार्रवाई का इंतजार!
👉पूरे घटनाक्रम से यह साफ है कि BSP के कैंटीनों में व्यवस्थागत खामियां लंबे समय से बनी हुई हैं। रेट से ज्यादा वसूली, खराब गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दे सीधे कर्मचारियों के जीवन को प्रभावित कर रहे हैं।हालांकि प्रबंधन की ओर से आश्वासन जरूर दिया गया है, लेकिन अब नजर इस बात पर रहेगी कि इन वादों को जमीन पर कब और कैसे उतारा जाता है। यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

