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ऑनलाइन डाटा एंट्री जॉब के नाम पर ₹39.33 लाख की ठगी! उत्तराखंड से दो आरोपी गिरफ्तार, दुर्ग पुलिस की कार्रवाई

– DIGITAL BHILAI NEWS –

  • ऑनलाइन डाटा एंट्री के जरिए कमाई करने का मौका एक व्यक्ति को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाने का जरिया बन गया।
  • छत्तीसगढ़ के भिलाई में ग्रीन रेस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में डाटा एंट्री का काम दिलाने, करप्ट डाटा रिकवर करने और पेमेंट रिलीज कराने के नाम पर ₹39,33,560 की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
  • प्रार्थी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए दुर्ग पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उत्तराखंड के हल्द्वानी से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
  • पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
  • आइए विस्तार से जानते हैं 👇

₹39,33,560 की धोखाधड़ी के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार

👉दुर्ग पुलिस की थाना सुपेला अंतर्गत चौकी स्मृतिनगर पुलिस ने डाटा एंट्री कार्य, डाटा रिकवरी एवं पेमेंट रिलीज कराने के नाम पर ₹39,33,560 की धोखाधड़ी के प्रकरण में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान राम निवास और राहुल बिष्ट के रूप में हुई है। दोनों को उत्तराखंड के हल्द्वानी, जिला नैनीताल से गिरफ्तार किया गया। प्रकरण में थाना सुपेला, चौकी स्मृतिनगर में अपराध क्रमांक 935/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) एवं 3(5) में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है।

इस्पात कर्मचारी सोसायटी

इंडिया मार्ट के माध्यम से हुआ था संपर्क

👉प्राप्त शिकायत के अनुसार, दिनांक 02 जुलाई 2026 को प्रार्थी राजेश कुमार चौरसिया, उम्र 57 वर्ष, निवासी नेहरू नगर, भिलाई, थाना सुपेला, जिला दुर्ग ने लिखित शिकायत प्रस्तुत की थी। प्रार्थी के अनुसार, अक्टूबर 2025 में इंडिया मार्ट के माध्यम से मोबाइल नंबर के जरिए संपर्क स्थापित कर ग्रीन रेस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, नोएडा (उत्तर प्रदेश) में डाटा एंट्री का कार्य दिलाने की बात कही गई थी। इसके बाद कंपनी के साथ एग्रीमेंट कर मेडिकल, स्टील कारोबार, कंस्ट्रक्शन तथा इंपोर्ट-एक्सपोर्ट से संबंधित डाटा एंट्री का कार्य प्रारंभ कराया गया।


डाटा करप्ट होने की बात कहकर जमा कराई गई रकम

👉शिकायत के अनुसार, काम के दौरान डाटा करप्ट होने की बात कहकर उसे ठीक करने के लिए विभिन्न सॉफ्टवेयर टूल्स खरीदने के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में राशि जमा कराई गई। इस तरह प्रार्थी के आईडीएफसी बैंक खाते से कुल ₹39,33,560 की राशि छलपूर्वक प्राप्त कर धोखाधड़ी किए जाने का आरोप है।प्रार्थी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। प्रकरण में आरोपियों की भूमिका एवं अन्य तथ्यों की विवेचना जारी है।

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बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच से मिला सुराग

👉विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों एवं मोबाइल नंबरों से संबंधित तकनीकी जानकारी का विश्लेषण किया। इसी आधार पर पुलिस टीम को आरोपियों की लोकेशन उत्तराखंड के हल्द्वानी, जिला नैनीताल में मिली। इसके बाद पुलिस टीम हल्द्वानी पहुंची और आरोपियों की लोकेशन का पता लगाकर दोनों को हिरासत में लिया। पूछताछ एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।


कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?

👉पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों का विवरण इस प्रकार है:

  1. राम निवास, उम्र 42 वर्ष — निवासी ग्राम मजहुवा गंगापुर, जिला बरेली, उत्तर प्रदेश। वर्तमान पता त्रिमूर्ति मंदिर चौक के पास, कमलुआगांजा, थाना मुखानी, हल्द्वानी, जिला नैनीताल, उत्तराखंड।
  2. राहुल बिष्ट, उम्र 23 वर्ष — निवासी सर्वोदय कॉलोनी, फेस-03, हिम्मतपुर तल्ला, भगवानपुर, हल्द्वानी, थाना मुखानी, जिला नैनीताल, उत्तराखंड।

घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन जब्त

👉कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस कार्रवाई में थाना सुपेला एवं चौकी स्मृतिनगर पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बैंक खातों और मोबाइल नंबरों से संबंधित तकनीकी जानकारी के विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की लोकेशन का पता लगाया गया तथा उत्तराखंड पहुंचकर गिरफ्तारी और जब्ती की कार्रवाई की गई।


ऑनलाइन जॉब के नाम पर ठगी से बचने के लिए दुर्ग पुलिस की अपील

👉दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन कार्य, डाटा एंट्री जॉब अथवा घर बैठे कमाई के नाम पर किसी व्यक्ति या कंपनी पर भरोसा करने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें। पुलिस ने डाटा रिकवरी, सॉफ्टवेयर, पेमेंट रिलीज या अन्य तकनीकी सेवाओं के नाम पर अनजान व्यक्तियों द्वारा मांगी गई राशि जमा नहीं करने की सलाह दी है। यदि किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तत्काल संबंधित बैंक को सूचना दें तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 या आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।


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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

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