भिलाई में दुकान-सह-आवास के अतिरिक्त निर्माण पर हर महीने जुर्माना वसूली से व्यापारी परेशान, दीपावली बाद बड़े आंदोलन की चेतावनी!
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) क्षेत्र में दुकान-सह-आवास के आवंटनधारकों को अतिरिक्त निर्माण के नाम पर प्रतिमाह आर्थिक दंड वसूले जाने का मामला गरमा गया है।
- स्टील सिटी चेंबर ऑफ कॉमर्स, भिलाई ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रबंधन से वन टाइम पेनल्टी लेकर ऐसे निर्माणों को नियमित करने की मांग की है।
- चेंबर का आरोप है कि जब इस समस्या का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव है, तो फिर वर्षों से व्यापारियों को आर्थिक और मानसिक परेशानी क्यों झेलनी पड़ रही है?
- संगठन ने दीपावली के बाद बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
दुकान-सह-आवास के अतिरिक्त निर्माण पर प्रतिमाह वसूला जा रहा जुर्माना
👉भिलाई इस्पात संयंत्र ने भिलाई प्रशासित क्षेत्र में दुकान-सह-आवास की विधिसम्मत अनुमति देते हुए आवंटन किए हैं। आवंटनधारकों ने आवंटित क्षेत्र की भूमि पर निर्धारित ऊंचाई सीमा में किसी तरह का अतिरिक्त निर्माण कर लिया है। ऐसे निर्माणों के लिए भिलाई इस्पात संयंत्र ने पूर्व में वन टाइम पेनल्टी सिस्टम लागू करके विधिसम्मत आदेश भी जारी किया था। लेकिन लगभग 8-10 वर्षों पूर्व से बीएसपी प्रबंधन द्वारा उन नियमों को दरकिनार कर प्रतिमाह आर्थिक दंड अधिरोपित कर वसूली की जा रही है। आवंटनधारकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह राशि कब तक वसूली जाती रहेगी? जबकि भिलाई इस्पात प्रबंधन के पास वन टाइम पेनल्टी लेकर ऐसे निर्माणों को नियमित करने की योजना मौजूद है।
सीजीएम सेवाएं के साथ बैठक में उठा था मामला, एक माह बाद भी कार्रवाई की जानकारी नहीं
👉हाल ही में भिलाई स्टील सिटी चेंबर ऑफ कॉमर्स, भिलाई के पदाधिकारियों की एक बैठक भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य महाप्रबंधक (सेवाएं) एवं उनके अधीनस्थ अधिकारियों के साथ संपन्न हुई थी। इस बैठक में इस विषय पर गंभीरता से विचार-विमर्श हुआ था। बैठक के दौरान मुख्य महाप्रबंधक महोदय ने इस प्रकरण के निराकरण का आश्वासन भी दिया था। लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है, इसकी कोई जानकारी स्टील सिटी चेंबर को प्रबंधन की ओर से नहीं दी गई है।
अधिकारियों की रुचि समाधान से ज्यादा प्रतिमाह राशि वसूली में : ज्ञानचंद जैन
👉स्टील सिटी चेंबर के अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन ने कहा है कि यह प्रकरण स्थानीय स्तर पर ही हल किया जा सकता है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की रुचि प्रतिमाह राशि वसूले जाने में नजर आती है, जो दुखद एवं निंदनीय है। चेंबर ने मुख्य महाप्रबंधक, नगर सेवाएं, भिलाई इस्पात संयंत्र को पुनः पत्र भेजकर मांग की है कि ऐसे सभी प्रकरण, जो बीएसपी प्रबंधन के नियंत्रण में हैं, उनमें उपभोक्ताओं को राहत देते हुए कार्य करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए जाने चाहिए।
👉संगठन का कहना है कि शहर के आवंटनधारकों को अनावश्यक मानसिक, आर्थिक और शारीरिक पीड़ा से राहत मिलनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है तो दीपावली के बाद स्टील सिटी चेंबर, भिलाई किसी बड़े आंदोलन की राह अपना सकता है।
रिटेंशन और लाइसेंस प्रकरण का हवाला देकर प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
👉ज्ञानचंद जैन ने रिटेंशन एवं लाइसेंस के प्रकरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मामलों के निराकरण के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारी न केवल उपभोक्ताओं, बल्कि सांसद एवं अन्य जनप्रतिनिधियों को भी गुमराह करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकरण का निराकरण स्थानीय प्रबंधन कर सकता था, उसे भी मुख्यमंत्री के स्तर तक ले जाया गया। समझ से परे है कि बीएसपी प्रबंधन ने शहर के रिटेंशनधारकों अथवा लाइसेंसधारकों को पिछले एक साल से लगातार परेशान क्यों करके रखा है।
नगर निगम चुनाव से पहले समाधान की मांग, नहीं तो व्यापारियों की नाराजगी बढ़ेगी
👉चेंबर अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम चुनाव के पूर्व इस समस्या का निराकरण भिलाई इस्पात संयंत्र को कर देना चाहिए। अन्यथा डबल इंजन की सरकार को व्यापारियों की समस्याओं का निदान नहीं होने के कारण पुनः परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने मुख्य महाप्रबंधक से अनुरोध किया है कि इस प्रकरण का शीघ्र निराकरण कर शहर के व्यापारी वर्ग को भी दीपावली के उपहार के रूप में एक छोटी सी राहत प्रदान की जाए।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

