भिलाई सेक्टर-7 में इस बार दिखेगा पाषाण युग का अद्भुत संसार! 70वें वर्ष में ‘आदि युग’ की कहानी सुनाएगी दुर्गा पूजा की भव्य झांकी
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- भिलाई के सेक्टर-7 में इस बार दुर्गा पूजा सिर्फ आस्था और भक्ति का उत्सव नहीं, बल्कि इतिहास के एक ऐसे दौर की रोमांचक यात्रा कराने जा रही है, जिसके बारे में हम किताबों में पढ़ते आए हैं।
- सड़क 15-16 के मध्य स्थित सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति इस वर्ष लगातार 70वें वर्ष मां देवी की पूजा का आयोजन करने जा रही है।
- खास बात यह है कि इस बार की थीम ‘पाषाण युग’ रखी गई है, जिसमें आदि युग के मानव की जीवनशैली, रहन-सहन और जीवन संघर्ष को भव्य झांकी के जरिए जीवंत किया जाएगा।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
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70वें वर्ष में भव्य होगा दुर्गा पूजा का आयोजन
👉सेक्टर-7 सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी नौ दिनों तक भव्य दुर्गा पूजा कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। लगातार 70 वर्षों से आयोजित हो रहे इस धार्मिक आयोजन ने भिलाई ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।इस वर्ष आयोजन को और खास बनाने के लिए पाषाण युग की थीम पर विशाल झांकी तैयार की जा रही है। झांकी के माध्यम से यह दिखाने का प्रयास किया जाएगा कि आदि युग में लोग किस प्रकार जीवन यापन करते थे, उनकी जीवन शैली कैसी थी और उस समय मानव का रहन-सहन किस तरह का हुआ करता था।
60 दिनों से जुटे हैं कोलकाता के करीब 50 कारीगर
👉इस भव्य झांकी को आकार देने के लिए कलकत्ता से आए करीब 50 कारीगर पिछले लगभग 60 दिनों से लगातार काम कर रहे हैं। कारीगरों की टीम पाषाण युग की कल्पना को वास्तविक रूप देने में जुटी हुई है। झांकी में उस दौर के वातावरण, मानव जीवन और उनकी गतिविधियों को इस तरह प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है कि यहां पहुंचने वाले दर्शकों को एक अलग ही ऐतिहासिक दुनिया का अनुभव हो सके। समिति की कोशिश है कि इस बार की झांकी पिछले आयोजनों की तरह ही दर्शकों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बने।
हर साल अलग और चर्चित रहती है सेक्टर-7 की थीम
👉सेक्टर-7 दुर्गा पूजा की सबसे बड़ी खासियत हर वर्ष प्रस्तुत की जाने वाली अलग और चर्चित थीम रही है। समिति ने इससे पहले भी ऐसी झांकियां प्रस्तुत की हैं, जिन्होंने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। पिछले आयोजनों में ‘जय छत्तीसगढ़’ थीम के जरिए राज्य की संस्कृति और परंपराओं का भव्य चित्रण किया गया था। इसके बाद ‘श्रीराम जन्मभूमि’ थीम ने श्रद्धालुओं के बीच आस्था की लहर पैदा की, जबकि पिछले वर्ष ‘चार धाम’ की झांकी ने आयोजन की भव्यता को एक नई ऊंचाई दी। अब इस कड़ी में ‘पाषाण युग’ की थीम जुड़ने जा रही है।
उज्ज्वल दत्ता बोले- परंपरा के साथ हर वर्ष कुछ नया दिखाना हमारा प्रयास
👉समिति के अध्यक्ष उज्ज्वल दत्ता ने कहा कि सेक्टर-7 की दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि हर वर्ष लोगों को कुछ नया और अलग देखने का अवसर देने का प्रयास किया जाता है। पाषाण युग की थीम के माध्यम से नई पीढ़ी को मानव सभ्यता के शुरुआती दौर और उस समय के जीवन से परिचित कराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि आयोजन को भव्य बनाने के साथ-साथ समिति का प्रयास रहता है कि श्रद्धालुओं और दर्शकों को ऐसा अनुभव मिले, जिसे वे लंबे समय तक याद रखें।
सनातनी गरबा भी बनेगा आकर्षण का केंद्र
👉नौ दिनों तक चलने वाले इस भव्य आयोजन में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ रंगारंग गरबा यानी सनातनी गरबा का भी आयोजन किया जाएगा। गरबा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। दुर्गा पूजा, भव्य झांकी और गरबा का यह संगम सेक्टर-7 के पूरे आयोजन को और आकर्षक बनाने वाला है।
कई हजारों तक पहुंचती है दर्शकों की भीड़
👉सेक्टर-7 की दुर्गा पूजा को देखने के लिए सिर्फ भिलाई-दुर्ग ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों से लोग पहुंचते हैं। अपनी अलग-अलग थीम और विशाल झांकियों के कारण यह आयोजन लंबे समय से लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा है। आयोजन के दौरान उमड़ने वाली भीड़ कई हजारों में पहुंच जाती है। यही वजह है कि दुर्गा पूजा के दिनों में सेक्टर-7 का पूरा इलाका उत्सवी माहौल में बदल जाता है।
स्थानीय व्यापारियों के लिए भी बड़ा अवसर
👉इतने बड़े पैमाने पर आने वाली भीड़ का सीधा फायदा स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों को भी मिलता है। पंडाल के आसपास लगने वाले फूड स्टॉल, खिलौनों की दुकानें और विभिन्न तरह के अनोखे सामानों के स्टॉल उत्सव की रौनक बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय कारोबार को भी गति देते हैं। दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होने के कारण व्यापारी भी इसे अपने व्यवसाय के विस्तार के बेहतर अवसर के रूप में देखते हैं।
इस बार क्या खास देखने मिलेगा?
👉इस वर्ष सेक्टर-7 में आने वाले दर्शकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण पाषाण युग की भव्य झांकी होगी। करीब 60 दिनों से मेहनत कर रहे कारीगर इस थीम को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि हजारों वर्ष पुराने मानव जीवन को कलाकार किस तरह आधुनिक भव्यता के साथ प्रस्तुत करते हैं। 70वें वर्ष का यह आयोजन, पाषाण युग की अनोखी थीम, नौ दिनों की धार्मिक गतिविधियां और सनातनी गरबा—इन सभी के कारण सेक्टर-7 की दुर्गा पूजा इस बार भी भिलाई के सबसे चर्चित आयोजनों में शामिल होने जा रही है।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

