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PF Salary Limit: ₹15,000 से बढ़कर ₹25,000 हुई बेसिक सैलरी लिमिट, 51 लाख कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

– DIGITAL BHILAI NEWS –

  • कर्मचारियों की PF और Pension Coverage से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है।
  • केंद्रीय कैबिनेट ने EPF और EPS के लिए अनिवार्य वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने की मंजूरी दी है।
  • सरकार के मुताबिक इस बदलाव से 51 लाख से अधिक कर्मचारियों को PF बचत और पेंशन से जुड़ी सामाजिक सुरक्षा का सीधा लाभ मिलेगा
  • करीब 12 साल बाद इस सीमा में बदलाव किया गया है।
  • आइए विस्तार से जानते हैं 👇

PF

इस्पात कर्मचारी सोसायटी

₹15,000 की पुरानी सीमा अब बढ़कर ₹25,000 हुई

👉केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कैबिनेट बैठक के बाद इस फैसले की जानकारी दी। नई व्यवस्था के तहत ₹25,000 तक की Basic Salary + DA वाले कर्मचारियों को EPF के दायरे में शामिल करना अनिवार्य होगा।

इससे पहले EPF के लिए अनिवार्य वेतन सीमा ₹15,000 प्रति माह थी। ₹15,000 से अधिक Basic Salary पाने वाले कर्मचारियों के मामले में PF कवरेज कई परिस्थितियों में कर्मचारी और कंपनी की सहमति पर निर्भर करता था।

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₹25,000 की लिमिट का आसान मतलब क्या है?

👉नई व्यवस्था को समझने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह सीमा पूरे CTC या Gross Salary पर नहीं, बल्कि मुख्य रूप से Basic Salary + Dearness Allowance (DA) पर लागू होती है।

यदि किसी कर्मचारी की Basic Salary और DA मिलाकर राशि ₹25,000 या उससे कम है, तो कंपनी के लिए उसे EPF में शामिल करना अनिवार्य होगा।

वहीं, यदि Basic Salary + DA ₹25,000 से अधिक है और कर्मचारी नई नौकरी शुरू कर रहा है तथा पहले कभी EPF सदस्य नहीं रहा है, तो EPF में शामिल होना अनिवार्य नहीं होगा। हालांकि कर्मचारी और कंपनी की सहमति से EPF कवरेज लिया जा सकता है।


उदाहरण से समझिए कर्मचारी पर कितना असर पड़ेगा

उदाहरण 1: Basic + DA ₹12,000

मान लीजिए राहुल की Basic Salary और DA मिलाकर ₹12,000 है। नई व्यवस्था के तहत उसे EPF में शामिल करना अनिवार्य होगा। कर्मचारी का योगदान:

12% × ₹12,000 = ₹1,440    कंपनी की ओर से भी लगभग इसी आधार पर कुल 12% का योगदान होगा।


उदाहरण 2: Basic + DA ₹25,000

यदि किसी कर्मचारी की Basic Salary + DA ठीक ₹25,000 है, तो वह अनिवार्य EPF कवरेज की सीमा में आएगा।

कर्मचारी का योगदान: 12% × ₹25,000 = ₹3,000।   कंपनी भी इसी आधार पर योगदान करेगी।


उदाहरण 3: Basic + DA ₹40,000 और पहली नौकरी

👉अब मान लीजिए राजू पहली बार नौकरी शुरू कर रहा है और उसकी Basic Salary + DA ₹40,000 है। चूंकि वह पहले कभी EPF सदस्य नहीं रहा है और उसकी राशि ₹25,000 की सीमा से अधिक है, इसलिए EPF में शामिल होना उसके लिए अनिवार्य नहीं होगा। हालांकि कंपनी और राजू दोनों की सहमति होने पर वह EPF में शामिल हो सकता है। अनिवार्य योगदान की सीमा ₹25,000 तक होने पर कर्मचारी का योगदान: 12% × ₹25,000 = ₹3,000 यदि कर्मचारी और कंपनी सहमत हों, तो पूरी ₹40,000 की राशि पर 12% यानी ₹4,800 का योगदान भी किया जा सकता है। यह स्वैच्छिक आधार पर होगा।


अगर कर्मचारी पहले से EPF सदस्य है तो क्या होगा?

👉मान लीजिए किसी कर्मचारी की शुरुआती Basic Salary ₹12,000 थी और वह पहले से EPF सदस्य है। बाद में प्रमोशन के बाद उसकी Basic Salary + DA बढ़कर ₹50,000 हो जाती है।

ऐसी स्थिति में उसकी EPF सदस्यता जारी रहेगी। हालांकि अनिवार्य योगदान की सीमा ₹25,000 तक यानी ₹3,000 होगी। ₹25,000 से ऊपर की राशि पर योगदान कंपनी की नीति और कर्मचारी की सहमति पर निर्भर करेगा। इसलिए वे कर्मचारी जो पहले से EPF के सदस्य हैं, उनके लिए केवल वेतन बढ़ने के कारण EPF सदस्यता समाप्त नहीं होगी।


EPFO का दायरा कितना बड़ा है?

👉EPFO भारत की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक है और दुनिया के बड़े Social Security Systems में भी इसकी गिनती होती है। दिए गए आंकड़ों के अनुसार:

  • योगदान देने वाले सदस्य: लगभग 7.98 करोड़
  • योगदान देने वाले संस्थान/कंपनियां: लगभग 7.68 लाख
  • EPS के तहत पेंशनर्स: लगभग 82 लाख

ऐसे में EPF की अनिवार्य वेतन सीमा में बदलाव का असर बड़ी संख्या में कर्मचारियों और नियोक्ताओं पर पड़ सकता है।


सरकार ने PF की सीमा बढ़ाने का फैसला क्यों लिया?

👉₹15,000 की पुरानी सीमा वर्ष 2014 से चली आ रही थी। इसके बाद भारत में न्यूनतम वेतन, औसत कमाई और सरकारी या कंपनी नियमों से जुड़ी नियमित नौकरियों में वेतन स्तर में बढ़ोतरी हुई है। कई राज्यों और अलग-अलग क्षेत्रों में न्यूनतम वेतन भी पुरानी ₹15,000 की सीमा के करीब पहुंच गया था। ऐसे में कर्मचारियों की मौजूदा आय के स्तर के अनुरूप PF और Pension जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं के दायरे को अपडेट करने के लिए सीमा बढ़ाने का फैसला किया गया है।


तीन प्रमुख Social Security Schemes से जुड़ेंगे कर्मचारी

👉नई व्यवस्था का संबंध मुख्य रूप से EPFO से जुड़ी तीन योजनाओं से है।

EPF – Employees’ Provident Fund:
रिटायरमेंट के लिए नियमित PF बचत तैयार करने में मदद करता है।

EPS – Employees’ Pension Scheme:
सेवानिवृत्ति के बाद मासिक पेंशन की सुरक्षा से जुड़ी योजना है।

EDLI – Employees’ Deposit Linked Insurance Scheme:
EPF सदस्यता से जुड़ा जीवन बीमा कवर प्रदान करने वाली योजना है। इस तरह PF कवरेज बढ़ने का असर केवल रिटायरमेंट सेविंग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पेंशन और बीमा से जुड़ी सामाजिक सुरक्षा पर भी पड़ेगा।


सरकार पर कितना बढ़ेगा वित्तीय भार?

👉इस फैसले के साथ सरकार के वित्तीय खर्च में भी बढ़ोतरी का अनुमान है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सरकार का सालाना खर्च लगभग ₹10,250 करोड़ से बढ़कर ₹11,339 करोड़ हो जाएगा। अगले पांच वर्षों में इस पर कुल अनुमानित खर्च लगभग ₹56,696 करोड़ रहने का अनुमान है। इस प्रस्ताव पर Finance Committee (EFC) ने 16 जून 2026 की बैठक में सिफारिश की थी।


कंपनियों और कर्मचारियों पर क्या असर पड़ेगा?

👉नई सीमा बढ़ने से अधिक कर्मचारियों के EPFO के दायरे में आने की संभावना है। कर्मचारियों के लिए इसका प्रमुख प्रभाव नियमित PF बचत, भविष्य की रिटायरमेंट राशि और संबंधित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के कवरेज के रूप में देखा जा सकता है। दूसरी ओर, कंपनियों को अधिक कर्मचारियों के लिए EPFO से जुड़े योगदान और प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अधिक कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने से कंपनियों को कर्मचारियों को लंबे समय तक बनाए रखने, वर्कफ्लो में स्थिरता और बेहतर वर्क एनवायरनमेंट बनाने में मदद मिल सकती है।


कब से लागू होगा नया PF नियम?

👉कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और EPFO को इस निर्णय को लागू करने के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद आवश्यक अधिसूचना जारी की जाएगी और नई ₹25,000 की सीमा को लागू किया जाएगा। यानी कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब अगला  चरण आधिकारिक अधिसूचना और implementation process का है।


12 साल बाद बदली PF की सीमा, कर्मचारियों के लिए क्यों अहम है यह बदलाव?

₹15,000 से ₹25,000 की अनिवार्य वेतन सीमा में बदलाव EPFO के दायरे को मौजूदा वेतन स्तर के अनुरूप करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार के अनुसार इससे 51 लाख से अधिक कर्मचारियों को PF savings और pension से जुड़ी सामाजिक सुरक्षा का सीधा लाभ मिलेगा। हालांकि वास्तविक प्रभाव कर्मचारी की Basic Salary + DA, उसकी मौजूदा EPF membership और कंपनी की लागू नीति जैसी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।


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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

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