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सुपेला-गदा चौक फ्लाईओवर पर व्यापारियों का विरोध, सांसद से पुनः समीक्षा की मांग!

– DIGITAL BHILAI NEWS –

  • भिलाई के प्रमुख व्यावसायिक मार्ग सुपेला चौक से गदा चौक तक प्रस्तावित लगभग 1 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर को लेकर अब विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं।
  • क्षेत्र के व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने परियोजना की उपयोगिता पर सवाल उठाते हुए सांसद दुर्ग लोकसभा श्री विजय बघेल से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपकर फ्लाईओवर निर्माण को तत्काल स्थगित करने तथा जनहित और तकनीकी दृष्टिकोण से परियोजना की पुनः समीक्षा कराने की मांग की है।
  • आइए विस्तार से जानते हैं 👇

सांसद विजय बघेल से मिलकर सौंपा ज्ञापन

👉गणेश मार्केट, सुपेला व्यापारी संघ तथा होलसेल होजियरी रेडीमेड एंड क्लॉथ मर्चेंट एसोसिएशन सहित क्षेत्र के व्यापारियों एवं नागरिकों ने सांसद दुर्ग लोकसभा श्री विजय बघेल के निज निवास कार्यालय सेक्टर-5 भिलाई में पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने प्रस्तावित फ्लाईओवर को लेकर अपनी चिंताओं से सांसद को अवगत कराया और परियोजना की उपयोगिता एवं जनहित के दृष्टिकोण से पुनः समीक्षा कराने की मांग की। सांसद विजय बघेल ने सुपेला व्यापारी संघ के पदाधिकारियों की बात सुनकर अधिकारियों से इस विषय पर पुनर्विचार करने को कहा।


व्यापारियों का दावा- वर्तमान सड़क पर आवागमन में बड़ी समस्या नहीं

👉ज्ञापन में व्यापारियों ने कहा कि सुपेला चौक से गदा चौक तक का मार्ग एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक क्षेत्र है। सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में दुकानें संचालित हैं तथा लगभग 100 से 150 फीट की सड़क होने के कारण वर्तमान में नागरिकों को आवागमन में किसी प्रकार की विशेष दिक्कत नहीं है। व्यापारियों का कहना है कि ऐसे में फ्लाईओवर निर्माण के बाद नीचे की सर्विस रोड, चौराहों और आसपास के बाजारों में यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ-साथ स्थानीय व्यापारियों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।


फ्लाईओवर की उपयोगिता पर तकनीकी समीक्षा की मांग

👉व्यापारियों ने सांसद से मांग की है कि फ्लाईओवर निर्माण शुरू करने से पहले प्रस्तावित मार्ग की यातायात आवश्यकता और परियोजना की उपयोगिता पर निष्पक्ष एवं तकनीकी रूप से पुनर्विचार किया जाए। उनकी प्रमुख मांगों में यह भी शामिल है कि यह स्पष्ट किया जाए कि प्रस्तावित मार्ग पर फ्लाईओवर वास्तव में यातायात समस्या का स्थायी एवं आवश्यक समाधान है या नहीं। साथ ही फ्लाईओवर बनने के बाद सर्विस रोड, चौराहों एवं आसपास के बाजारों में यातायात और पार्किंग की समस्या कितनी बढ़ सकती है, इसका भी अध्ययन किया जाए।

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व्यापार पर पड़ने वाले असर का स्वतंत्र सर्वे कराने की मांग

👉व्यापारियों ने निर्माण कार्य से सड़क के दोनों ओर स्थित व्यापारिक प्रतिष्ठानों, ग्राहकों की आवाजाही एवं स्थानीय व्यापार पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभाव का स्वतंत्र सर्वे कराने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि निर्माण कार्य के दौरान कई वर्षों तक यातायात अवरोध, धूल, दुर्घटना का जोखिम और व्यापारिक नुकसान जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए परियोजना शुरू करने से पहले इन सभी संभावित प्रभावों का विस्तृत आकलन किया जाना चाहिए।


ट्रैफिक सर्वे और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग

👉व्यापारी संघों ने वर्तमान एवं भविष्य की यातायात आवश्यकता का वैज्ञानिक एवं ट्रैफिक सर्वे कराने तथा उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है। साथ ही यह जानकारी भी सार्वजनिक करने की मांग की गई है कि परियोजना के लिए किसी वैकल्पिक यातायात व्यवस्था का अध्ययन किया गया है या नहीं।

व्यापारियों ने परियोजना की डीपीआर एवं तकनीकी रिपोर्ट भी सार्वजनिक करने की मांग रखी है, ताकि क्षेत्र के नागरिक और व्यापारी प्रस्तावित फ्लाईओवर की आवश्यकता, लागत, तकनीकी आधार और यातायात संबंधी औचित्य को समझ सकें।


करीब 500 व्यापारियों के हित प्रभावित होने की आशंका

👉ज्ञापन में कहा गया है कि लगभग 1 किलोमीटर के मार्ग पर प्रस्तावित फ्लाईओवर की आवश्यकता का पुनर्मूल्यांकन किया जाना चाहिए। व्यापारियों का कहना है कि क्षेत्र में लगभग 500 व्यापारियों के हित प्रभावित होंगे। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि कुछ व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में व्यापारियों को सड़क से हटाने जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए परियोजना की उपयोगिता, लागत, ट्रैफिक सर्वे, स्वीकृति एवं वैकल्पिक प्रस्तावों से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई है।


“विकास के विरोधी नहीं, लेकिन जनहित जरूरी”

👉व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं। वे अपने क्षेत्र में बेहतर सड़क, बेहतर यातायात व्यवस्था और विकास चाहते हैं, लेकिन उनका कहना है कि विकास ऐसा होना चाहिए जिसमें जनहित, स्थानीय व्यापार, यातायात व्यवस्था और भविष्य की आवश्यकताओं का पूरा ध्यान रखा जाए। उनका कहना है कि किसी भी बड़ी अधोसंरचना परियोजना को लागू करने से पहले उसके दीर्घकालीन प्रभावों का निष्पक्ष मूल्यांकन और प्रभावित पक्षों से वास्तविक संवाद जरूरी है।


खुली जनसुनवाई की भी मांग

👉व्यापारी संघों ने परियोजना से प्रभावित व्यापारियों एवं स्थानीय नागरिकों के साथ वास्तविक एवं पारदर्शी जनसुनवाई अथवा परामर्श आयोजित करने की मांग की है। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों की राय और उनकी व्यावहारिक समस्याओं को समझे बिना परियोजना को आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा।

प्रमुख मांगें

  • प्रस्तावित फ्लाईओवर निर्माण को तत्काल स्थगित किया जाए।
  • स्वतंत्र तकनीकी एवं ट्रैफिक सर्वे कराया जाए।
  • प्रभावित व्यापारियों एवं नागरिकों के साथ खुली जनसुनवाई की जाए।
  • परियोजना की डीपीआर एवं तकनीकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
  • परियोजना की उपयोगिता और लागत का पुनर्मूल्यांकन किया जाए।
  • वर्तमान एवं भविष्य की यातायात आवश्यकता का वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाए।
  • वैकल्पिक यातायात व्यवस्था का अध्ययन सार्वजनिक किया जाए।
  • निर्माण के दौरान होने वाले यातायात अवरोध, धूल, दुर्घटना के जोखिम एवं व्यापारिक नुकसान का आकलन किया जाए।
  • यदि फ्लाईओवर की आवश्यकता प्रमाणित न हो तो परियोजना निरस्त कर उपयुक्त वैकल्पिक यातायात व्यवस्था पर विचार किया जाए।

सांसद से क्षेत्र के हित में उचित निर्णय की उम्मीद

👉व्यापारी संघों ने सांसद विजय बघेल से आग्रह किया है कि इस गंभीर जनहित के विषय को प्राथमिकता देते हुए संबंधित विभाग एवं प्रशासन के समक्ष व्यापारियों और नागरिकों की आवाज को मजबूती से रखा जाए। व्यापारियों ने उम्मीद जताई कि परियोजना पर सभी तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं की समीक्षा के बाद क्षेत्र के हित में उचित निर्णय सुनिश्चित कराया जाएगा।


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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

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