साइबर ठगी से बचना है तो रहें सतर्क! दुर्ग पुलिस के अभियान में गृह मंत्री समेत जनप्रतिनिधियों ने दिया बड़ा संदेश
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- डिजिटल दौर में जहां मोबाइल और इंटरनेट ने जिंदगी को आसान बनाया है, वहीं साइबर ठगी के नए-नए तरीके भी लगातार सामने आ रहे हैं।
- ऐसे में नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस का साइबर जागृति अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है।
- इसी अभियान के तहत दुर्ग पुलिस द्वारा जिले के विभिन्न स्थानों पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
- इस दौरान माननीय उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा सहित जनप्रतिनिधियों ने भी नागरिकों से साइबर अपराध के खिलाफ सजग रहने की अपील की।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
साइबर अपराध के खिलाफ दुर्ग पुलिस का जागरूकता अभियान
👉छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा संचालित साइबर जागृति अभियान के अंतर्गत दुर्ग पुलिस जिले में लगातार विभिन्न स्थानों पर साइबर सुरक्षा संबंधी जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराधों की पहचान, रोकथाम और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करना है।
अभियान के माध्यम से लोगों को साइबर ठगी के अलग-अलग तरीकों के बारे में जानकारी दी जा रही है, ताकि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज, लिंक या ऑनलाइन ऑफर के झांसे में आने से बच सकें।
गृह मंत्री विजय शर्मा का वीडियो संदेश
👉अभियान के तहत माननीय उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्री विजय शर्मा द्वारा वीडियो संदेश के माध्यम से नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क एवं जागरूक रहने तथा साइबर जागृति अभियान से जुड़ने का संदेश दिया गया।
उन्होंने साइबर अपराधों की रोकथाम में जन-जागरूकता को महत्वपूर्ण बताते हुए नागरिकों से स्वयं सतर्क रहने के साथ-साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की।
जनप्रतिनिधियों ने भी नागरिकों से की अपील
👉साइबर सुरक्षा को लेकर वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर द्वारा भी नागरिकों को जागरूक किया गया। दोनों जनप्रतिनिधियों ने साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में संदेश देते हुए नागरिकों से छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान में सहभागी बनने तथा साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस का सहयोग करने की अपील की।
इन तरीकों से हो रही साइबर ठगी
👉वर्तमान समय में डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों का स्वरूप भी लगातार बदल रहा है। साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। दुर्ग पुलिस द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों में नागरिकों को अनजान व्यक्तियों द्वारा किए जाने वाले फोन कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी मैसेज, बैंक या KYC अपडेट के नाम पर ठगी, ऑनलाइन ऑफर तथा अन्य भ्रामक माध्यमों से होने वाली साइबर धोखाधड़ी के प्रति सतर्क किया जा रहा है।
पुलिस नागरिकों को यह समझाने का प्रयास कर रही है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर जल्दबाजी में ऑनलाइन लेन-देन करना या गोपनीय बैंकिंग जानकारी साझा करना भारी पड़ सकता है।
सुरक्षित डिजिटल व्यवहार पर दिया जा रहा जोर
👉अभियान के दौरान नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की जानकारी दी जा रही है। खास तौर पर लोगों से कहा जा रहा है कि वे किसी अनजान व्यक्ति को OTP, PIN, Password, बैंक खाता या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। इसके साथ ही संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अज्ञात व्यक्तियों के कहने पर ऑनलाइन लेन-देन करने से बचने की अपील की जा रही है।
दुर्ग पुलिस की जन-जागरूकता पहल
👉साइबर जागृति अभियान के अंतर्गत दुर्ग पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी जिले के विभिन्न स्थानों पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों तक साइबर अपराधों से बचाव और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार से जुड़ी आवश्यक जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस का उद्देश्य केवल साइबर अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि जागरूकता के माध्यम से लोगों को साइबर ठगी का शिकार होने से पहले ही सावधान करना भी है।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से की अपील
👉दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान से जुड़ें और स्वयं के साथ अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करें।
पुलिस ने नागरिकों से कहा है कि किसी अनजान व्यक्ति को OTP, PIN, पासवर्ड, बैंक खाता अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने तथा अज्ञात व्यक्तियों के कहने पर ऑनलाइन लेन-देन करने से बचें। किसी भी साइबर अपराध अथवा संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।
जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव की पहली ढाल
👉आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध से बचाव केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सतर्कता से जुड़ा विषय है। एक छोटी सी लापरवाही बैंक खाते में जमा रकम को खतरे में डाल सकती है, जबकि थोड़ी सी सावधानी बड़े नुकसान से बचा सकती है।
दुर्ग पुलिस द्वारा चलाया जा रहा साइबर जागृति अभियान इसी सोच के साथ नागरिकों को जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। साइबर अपराध के विरुद्ध जागरूकता, सतर्कता और सामूहिक सहभागिता ही प्रभावी बचाव का आधार है।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

