‘ऑपरेशन विश्वास’ का असर: नाबालिग वाहन चालकों पर कार्रवाई घटी, 16 स्कूलों में 8 हजार छात्रों को किया गया जागरूक
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- दुर्ग पुलिस के ‘ऑपरेशन विश्वास’ अभियान के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगे हैं।
- नाबालिग वाहन चालकों के खिलाफ लगातार चल रही प्रवर्तन कार्रवाई, अभिभावकों की काउंसलिंग और स्कूलों में व्यापक यातायात जागरूकता कार्यक्रमों का असर देखने को मिल रहा है।
- इसी का परिणाम है कि गुरुवार को पूरे जिले में केवल 05 नाबालिग वाहन चालकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई।
- वहीं पिंक पेट्रोलिंग और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम स्कूल परिवहन सुरक्षा अभियान भी लगातार संचालित कर रही है।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
“ऑपरेशन विश्वास” के सकारात्मक परिणाम
- “ऑपरेशन विश्वास” के तहत विद्यालयों में आयोजित यातायात जागरूकता कार्यक्रमों एवं अभिभावकों की काउंसलिंग का सकारात्मक प्रभाव दिखाई देने लगा है, जिसके परिणामस्वरूप आज पूरे जिले में केवल 05 नाबालिग वाहन चालकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई।
- विगत 04 दिनों में कुल 94 नाबालिग वाहन चालकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत कार्यवाही की गई तथा उनके अभिभावकों को कंट्रोल रूम बुलाकर बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन उपलब्ध नहीं कराने संबंधी समझाइश एवं संकल्प पत्र भरवाए गए।
- जिले के 16 विद्यालयों में विशेष सड़क सुरक्षा एवं यातायात जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लगभग 8000 छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग, निर्धारित गति सीमा, यातायात संकेतों तथा नाबालिग अवस्था में वाहन नहीं चलाने संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई एवं सभी विद्यार्थियों को यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई गई।
- “ऑपरेशन विश्वास” के अंतर्गत पिंक पेट्रोलिंग एवं यातायात पुलिस की संयुक्त टीमों द्वारा जन-जागरूकता, प्रवर्तन कार्यवाही तथा विद्यालय परिवहन सुरक्षा अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही एवं सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मुख्य बिंदु
यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, दुर्ग के निर्देशन में जिलेभर में “ऑपरेशन विश्वास” के तहत नाबालिग वाहन चालकों के विरुद्ध विशेष प्रवर्तन एवं जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल वैधानिक कार्यवाही करना नहीं, बल्कि बच्चों एवं उनके अभिभावकों में सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित कर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है।
अभियान की कार्रवाई और जागरूकता प्रयास
👉अभियान के अंतर्गत प्रतिदिन जिले के प्रमुख चौक-चौराहों, विद्यालयों के आसपास एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान संचालित किया जा रहा है। बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाते पाए जाने वाले नाबालिगों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। साथ ही उनके अभिभावकों को कंट्रोल रूम बुलाकर मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों, कानूनी दायित्वों एवं सड़क सुरक्षा के संबंध में विस्तृत जानकारी दी जा रही है तथा भविष्य में नाबालिग बच्चों को वाहन नहीं देने संबंधी संकल्प पत्र भरवाए जा रहे हैं।
यातायात पुलिस के सतत प्रयासों, विद्यालय प्रबंधन एवं अभिभावकों के सहयोग का सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। आज पूरे जिले में केवल 05 नाबालिग वाहन चालकों के विरुद्ध कार्यवाही की गई, जबकि विगत 04 दिनों में कुल 94 नाबालिग वाहन चालकों पर वैधानिक कार्यवाही की जा चुकी है।
16 विद्यालयों में 8 हजार विद्यार्थियों को किया गया जागरूक
👉इसी अवधि में जिले के 16 विद्यालयों में विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें शारदा विद्यालय, मैत्री विद्या निकेतन, बेथनी विद्यालय, मानसरोवर विद्यालय, स्वामी आत्मानंद विद्यालय, फरीद नगर विद्यालय, जनता स्कूल भिलाई-03 सहित अन्य विद्यालयों के लगभग 8000 छात्र-छात्राओं को बिना लाइसेंस वाहन नहीं चलाने, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, यातायात संकेतों की जानकारी, नशे की स्थिति में वाहन नहीं चलाने तथा नाबालिग अवस्था में वाहन चलाने के दुष्परिणामों के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण के दौरान सभी विद्यार्थियों को यातायात नियमों के पालन एवं सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक रहने की शपथ भी दिलाई गई।
स्कूल परिवहन सुरक्षा एवं छात्रा संरक्षण संयुक्त अभियान
👉”ऑपरेशन विश्वास” के अंतर्गत पिंक पेट्रोलिंग एवं यातायात पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से विद्यालय परिवहन सुरक्षा अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य विद्यालय आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं, विशेषकर बालिकाओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना तथा स्कूल परिवहन वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कराना है।
अभियान के दौरान स्कूल बस, ऑटो, वैन, ई-रिक्शा एवं अन्य विद्यालय परिवहन वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीयन, फिटनेस, बीमा, परमिट एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने, बच्चों को असुरक्षित तरीके से ले जाने, चालक द्वारा मोबाइल फोन का उपयोग करने, नशे की अवस्था में वाहन संचालन अथवा अन्य गंभीर लापरवाही पाए जाने पर मोटरयान अधिनियम के तहत वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।
साथ ही छात्राओं एवं विद्यार्थियों से सुरक्षित एवं गोपनीय वातावरण में संवाद स्थापित कर किसी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न अथवा अभद्र व्यवहार संबंधी शिकायतों की जानकारी प्राप्त की जा रही है तथा प्राप्त शिकायतों पर तत्काल नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। विद्यालय प्रबंधन को सुरक्षित परिवहन व्यवस्था, चालक एवं परिचालकों की नियमित निगरानी तथा अभिभावकों के साथ सतत समन्वय बनाए रखने हेतु आवश्यक निर्देश भी दिए जा रहे हैं।
सराहनीय सहयोग
👉उक्त अभियान के सफल संचालन में यातायात पुलिस दुर्ग, पिंक पेट्रोलिंग टीम, संबंधित यातायात जोन के अधिकारी एवं कर्मचारी, विद्यालय प्रबंधन तथा सभी सहभागी शिक्षकों एवं अभिभावकों की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की अपील
👉दुर्ग पुलिस समस्त अभिभावकों से अपील करती है कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी परिस्थिति में वाहन चलाने के लिए उपलब्ध न कराएं। बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन संचालन न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि बच्चों एवं अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के जीवन के लिए गंभीर जोखिम भी उत्पन्न करता है। यातायात नियमों का पालन करें, सुरक्षित रहें एवं दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग प्रदान करें।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

