दुर्ग केंद्रीय जेल में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन, बंदियों ने नशामुक्त जीवन अपनाने की ली शपथ
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- दुर्ग केंद्रीय जेल में बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से “नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम” का सफल आयोजन किया गया।
- कार्यक्रम के दौरान बंदियों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और पारिवारिक नुकसान की विस्तार से जानकारी दी गई।
- साथ ही उन्हें जेल से रिहा होने के बाद जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇

बंदियों को नशे के दुष्प्रभावों की दी विस्तृत जानकारी
👉कार्यक्रम में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्रीमती हिमांशु जैन ने बंदियों को संबोधित करते हुए नशे के शारीरिक, मानसिक और पारिवारिक दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके परिवार और समाज पर भी गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने बंदियों से नशे से दूर रहने और नए जीवन की सकारात्मक शुरुआत करने का आह्वान किया।

नशामुक्त जीवन अपनाने की ली शपथ
👉कार्यक्रम में मौजूद बंदियों ने नशामुक्त जीवन अपनाने तथा जेल से छूटने के बाद जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की शपथ ली। इस दौरान उन्हें सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने के लिए भी प्रेरित किया गया।

जेल अधीक्षक की मौजूदगी में हुआ आयोजन
👉यह कार्यक्रम जेल अधीक्षक मनीष सम्भाकर की मौजूदगी में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बंदियों की विभिन्न जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया, जिससे वे नशा मुक्ति और पुनर्वास से जुड़े विषयों को बेहतर ढंग से समझ सके।

समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में पहल
👉केंद्रीय जेल दुर्ग में आयोजित यह नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम बंदियों के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य बंदियों में सकारात्मक परिवर्तन लाना और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित करना है।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

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