DIG विजय अग्रवाल की सख्ती से हिला BSP स्क्रैप चोरी नेटवर्क, ईमानदारी की हो रही सबसे ज्यादा चर्चा; अब तक 12 गिरफ्तार

– DIGITAL BHILAI NEWS –

  • भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के बहुचर्चित स्क्रैप चोरी कांड में लगातार हो रही गिरफ्तारियों और करोड़ों रुपये की जब्ती के बीच एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैDIG विजय अग्रवाल
  • वर्षों से BSP में स्क्रैप चोरी और अवैध कारोबार को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई ने पूरे नेटवर्क को हिलाकर रख दिया है।
  • अब तक 12 आरोपियों की गिरफ्तारी, करीब 250 टन लौह स्क्रैप की बरामदगी और लगभग 3 करोड़ 22 लाख रुपये की संपत्ति जब्त होने के बाद आम लोगों से लेकर औद्योगिक हलकों तक DIG विजय अग्रवाल की सख्ती, निष्पक्षता और ईमानदार कार्यशैली की चर्चा तेज हो गई है
  • जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे वर्षों पुराने इस कथित नेटवर्क की नई-नई परतें भी खुलती दिखाई दे रही हैं।
  • आइए विस्तार से जानते हैं 👇

पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई ने खींचा सबका ध्यान

👉भिलाई स्टील प्लांट में स्क्रैप चोरी के आरोप और चर्चाएं कोई नई बात नहीं हैं। वर्षों से श्रमिक संगठनों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के बीच इस तरह की गतिविधियों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। हालांकि इस बार पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का पैमाना पहले की तुलना में कहीं बड़ा माना जा रहा है। जांच के दौरान लगभग 250 टन लौह प्लेट, बीम कटिंग और अन्य स्क्रैप सामग्री बरामद की गई। इसके अलावा स्क्रैप परिवहन और लोडिंग में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन, जेसीबी, हाईड्रा और अन्य मशीनरी भी जब्त की गई। कुल जब्त संपत्ति का मूल्य लगभग 3 करोड़ 22 लाख रुपये बताया गया है।


DIG विजय अग्रवाल के नेतृत्व में लगातार आगे बढ़ी जांच

👉इस पूरे प्रकरण में दुर्ग रेंज के DIG विजय अग्रवाल के नेतृत्व में जांच लगातार आगे बढ़ती रही। पुलिस ने पहले चरण में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया और फिर मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए मुख्य फरार आरोपी तक पहुंच बनाई। 16 जून को इस मामले के मुख्य फरार आरोपी संजय सिंह को उत्तरप्रदेश के देवरिया से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी अपराध दर्ज होने के बाद लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था। विशेष पुलिस टीम ने उत्तरप्रदेश पहुंचकर घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर दुर्ग लाया। इसके साथ ही एक अन्य आरोपी पिंटू उर्फ उपेंद्र ओझा को भी गिरफ्तार किया गया। इसके बाद हाल ही में दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है।


ईमानदारी और निष्पक्ष कार्रवाई की हो रही चर्चा

👉इस पूरे मामले में सबसे अधिक चर्चा DIG विजय अग्रवाल की कार्यशैली को लेकर हो रही है। पुलिस विभाग से जुड़े लोगों और आम नागरिकों के बीच यह धारणा बन रही है कि मामले को केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसकी तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। लगातार हो रही गिरफ्तारियां, मुख्य आरोपी की दूसरे राज्य से गिरफ्तारी और करोड़ों रुपये की संपत्ति की जब्ती को इसी गंभीर जांच का परिणाम माना जा रहा है। यही वजह है कि औद्योगिक क्षेत्र, सामाजिक संगठनों और आम लोगों के बीच DIG विजय अग्रवाल की ईमानदारी और निष्पक्षता की चर्चा लगातार बढ़ रही है।

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क्या वर्षों पुराने नेटवर्क की खुल रही हैं परतें?

👉जांच में अब तक सामने आए तथ्यों ने इस संभावना को बल दिया है कि यह मामला केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित नहीं हो सकता।  जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए तथ्य सामने आ रहे हैं। यही कारण है कि कई लोग इसे वर्षों से सक्रिय एक बड़े नेटवर्क की परतें खुलने के रूप में देख रहे हैं। हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

दुर्ग सांसद विजय बघेल ने भी उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

👉मामले में दुर्ग सांसद विजय बघेल ने भी इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) को पत्र लिखकर मामले की गहन जांच कराने की मांग की है।सांसद का कहना है कि यदि इतने बड़े पैमाने पर स्क्रैप चोरी हुई है तो पूरे नेटवर्क का खुलासा होना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा है कि आगामी लोकसभा सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा।


अब आगे क्या?

अब तक 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन जांच अभी जारी है। पुलिस अन्य संभावित कड़ियों और संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल BSP स्क्रैप चोरी कांड में जितनी चर्चा गिरफ्तारियों और जब्ती की हो रही है, उतनी ही चर्चा DIG विजय अग्रवाल की सख्ती, ईमानदारी और कार्रवाई की भी देखने को मिल रही है। यही वजह है कि यह मामला अब केवल एक चोरी का प्रकरण नहीं, बल्कि प्रदेश के सबसे चर्चित औद्योगिक मामलों में से एक बन गया है।


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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

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