SAIL में नई VRS Scheme… 50 वर्ष से अधिक उम्र वाले कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक रिटायरमेंट का रास्ता खुला, लेकिन कई सख्त शर्तें भी लागू..
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- भारत की सबसे बड़ी सरकारी इस्पात कंपनियों में शामिल SAIL (Steel Authority of India Limited) ने कर्मचारियों के लिए एक विस्तृत Voluntary Retirement Scheme यानी VRS Framework तैयार किया है।
- इस योजना में जहां एक ओर वरिष्ठ कर्मचारियों को स्वैच्छिक रिटायरमेंट का विकल्प दिया गया है, वहीं दूसरी ओर पात्रता, परफॉर्मेंस, सतर्कता जांच, वित्तीय देनदारियों और भविष्य की सरकारी नौकरी को लेकर कई कड़े प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।
- डॉक्यूमेंट के अध्ययन से साफ संकेत मिलते हैं कि यह केवल सामान्य रिटायरमेंट योजना नहीं, बल्कि एक संरचित “Manpower Rationalization Model” है, जिसके माध्यम से कंपनी भविष्य की जरूरतों के हिसाब से अपनी कार्यबल संरचना को संतुलित करना चाहती है।
- खास बात यह है कि इस योजना में अंतिम अधिकार पूरी तरह SAIL Management और CMD स्तर के पास रखा गया है।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇

कौन कर्मचारी VRS के लिए पात्र होंगे?
👉इस योजना के तहत केवल नियमित और स्थायी Executive एवं Non-Executive कर्मचारी ही आवेदन कर सकेंगे। पात्रता के लिए कर्मचारी को कम से कम 15 वर्ष की सेवा पूरी करनी होगी और उसकी आयु 50 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। SAIL ने यह भी स्पष्ट किया है कि Joint Venture, Subsidiary या Deputation पर की गई सेवा भी गणना में शामिल होगी, यदि वह SAIL की सहमति से हुई हो। हालांकि सभी कर्मचारियों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। Bond Period में कार्यरत कर्मचारी, Sabbatical Leave पर रहने वाले कर्मचारी, lien पर कार्यरत कर्मचारी, disciplinary penalty period वाले कर्मचारी तथा contract, casual और temporary workers इस योजना के दायरे से बाहर रखे गए हैं।
Performance के आधार पर भी तय होगी पात्रता
👉इस VRS Scheme का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील पहलू Average Credit Points यानी ACP Criteria है। SAIL ने स्पष्ट किया है कि Executive कर्मचारियों की पात्रता उनके पिछले वर्षों की Performance Appraisal के आधार पर भी तय की जाएगी। 50 से 54 वर्ष आयु वाले कर्मचारियों के लिए ACP सीमा 42.5 तक रखी गई है, जबकि 54 से 57 वर्ष आयु वालों के लिए यह सीमा 45 तय की गई है। वहीं 57 वर्ष से अधिक आयु वाले कर्मचारियों पर ACP की कोई सीमा लागू नहीं होगी। इस प्रावधान को कई लोग Performance आधारित filtering के रूप में देख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी बेहतर performance वाले अनुभवी कर्मचारियों को retain करना चाहती है, जबकि comparatively कम appraisal score वाले कर्मचारियों को voluntary exit देने की रणनीति अपना सकती है।
Compensation Formula में क्या मिलेगा?
👉SAIL ने Compensation Calculation के लिए दो अलग-अलग Formula तय किए हैं। अंतिम भुगतान इन दोनों में जो कम होगा, उसके केवल 75 प्रतिशत के रूप में किया जाएगा। पहला Formula “Gujarat Formula” कहलाता है, जिसमें पूर्ण की गई सेवा के प्रत्येक वर्ष के लिए 35 दिनों का वेतन और शेष सेवा के प्रत्येक वर्ष के लिए 25 दिनों का वेतन जोड़ा जाएगा। दूसरे Formula में retirement तक बचे महीनों के आधार पर 30 दिनों की salary के हिसाब से राशि निकाली जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि compensation calculation में केवल Basic Pay और Dearness Allowance यानी DA को ही शामिल किया जाएगा। HRA, incentive, transport allowance, medical allowance और अन्य भत्तों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। योजना के अनुसार पूरा भुगतान Lump Sum यानी एकमुश्त किया जाएगा।
PF, Gratuity, Pension और Medical सुविधाएं जारी रहेंगी
👉डॉक्यूमेंट में यह स्पष्ट किया गया है कि VRS लेने वाले कर्मचारियों को Provident Fund, Gratuity, Leave Encashment, Pension/NPS और Mediclaim जैसी सुविधाएं सामान्य retirement की तरह मिलती रहेंगी। कर्मचारी और उनके spouse को medical facilities भी admissible रहेंगी। साथ ही SAIL Travelling Allowance Rules के तहत परिवार सहित transfer benefits भी दिए जाएंगे।कंपनी accommodation को लेकर भी प्रावधान किया गया है। संबंधित Plant या Unit की policy के अनुसार कर्मचारी township accommodation retain या license पर रख सकेंगे। इसके अलावा सामान्य retirement की तरह service certificate और symbolic retirement benefits भी प्रदान किए जाएंगे।
VRS लेने के बाद दूसरी PSU में नौकरी आसान नहीं
👉इस योजना का सबसे चर्चित और विवादित clause re-employment से जुड़ा माना जा रहा है। SAIL ने स्पष्ट किया है कि VRS लेने वाला कर्मचारी दोबारा SAIL Plants, Units, Subsidiaries या Joint Ventures में नौकरी नहीं कर सकेगा। इसके साथ ही यदि कोई कर्मचारी बाद में किसी अन्य CPSE या SPSE यानी सरकारी क्षेत्र की कंपनी में नौकरी करना चाहता है, तो उसे SAIL से प्राप्त VRS Compensation वापस जमा करना होगा। हालांकि 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद Advisor के रूप में contractual engagement पर रोक नहीं होगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह प्रावधान VRS को “package लेकर दूसरी PSU join करने” का माध्यम बनने से रोकने के लिए लाया गया है।
पूरी प्रक्रिया Online Portal के माध्यम से होगी
👉SAIL ने VRS प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने का फैसला किया है। सभी कर्मचारियों को निर्धारित online portal के माध्यम से आवेदन करना होगा और हर application के लिए unique application ID generate की जाएगी। कंपनी ने साफ किया है कि किसी भी स्तर पर hard copy स्वीकार नहीं की जाएगी। Applications को “First Come First Serve” आधार पर process किया जाएगा। हालांकि यदि निर्धारित manpower target पहले ही पूरा हो जाता है तो application window तय deadline से पहले भी बंद की जा सकती है। इससे संकेत मिलते हैं कि यह scheme संभवतः target-based manpower reduction strategy का हिस्सा हो सकती है।
Vigilance और Disciplinary Clearance अनिवार्य
👉SAIL ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि vigilance या disciplinary मामलों में फंसे कर्मचारियों को आसानी से VRS नहीं मिलेगा। यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ जांच चल रही है, adverse remarks दर्ज हैं या disciplinary authority ने non-release recommend किया है, तो application reject किया जा सकता है। इसके अलावा यदि किसी कर्मचारी ने VRS launch से तीन महीने पहले resignation दिया हो, तब भी उसका आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है। “Unfit for Retention” category में आने वाले कर्मचारियों को भी इस योजना से बाहर रखा गया है।
Approval का अंतिम अधिकार Management के पास
👉डॉक्यूमेंट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह माना जा रहा है कि VRS लेना किसी कर्मचारी का अधिकार नहीं होगा। कंपनी ने साफ कहा है कि किसी भी आवेदन को accept या reject करने का पूरा अधिकार SAIL Management और Competent Authority के पास रहेगा। E-5 और उससे नीचे के अधिकारियों के मामले Plant/Unit Head या HR Head स्तर पर तय होंगे, जबकि E-6 और E-7 अधिकारियों के मामले Functional Director स्तर पर जाएंगे। E-8 और E-9 grade के अधिकारियों के लिए अंतिम निर्णय सीधे CMD, SAIL द्वारा लिया जाएगा। सबसे अहम बात यह है कि Competent Authority का निर्णय “Final and Binding” होगा और उसके खिलाफ किसी appeal की व्यवस्था नहीं होगी।
CMD को मिले व्यापक अधिकार
👉Scheme में CMD, SAIL को व्यापक अधिकार दिए गए हैं। CMD आवश्यकता अनुसार योजना की अवधि बढ़ा सकते हैं, सीमित कर सकते हैं, वापस ले सकते हैं, दोबारा लागू कर सकते हैं या नियमों में संशोधन कर सकते हैं।डॉक्यूमेंट में यह भी कहा गया है कि यह बदलाव बिना पूर्व सूचना और बिना कारण बताए भी किए जा सकते हैं।
Disclaimer:
इस खबर में दी गई जानकारी उपलब्ध दस्तावेजों और प्राप्त ड्राफ्ट के आधार पर तैयार की गई है। नियमों, शर्तों या आधिकारिक प्रक्रिया में समय-समय पर बदलाव संभव हैं। किसी भी अंतिम निर्णय या आधिकारिक पुष्टि के लिए संबंधित विभाग/SAIL द्वारा जारी आधिकारिक आदेश एवं अधिसूचना को ही मान्य माना जाए। मानवीय त्रुटि की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

