स्वर्गीय डॉ. ममता चंद्राकर की स्मृति में मानवीय पहल: चंद्राकर परिवार (ममता मेडिकल) ने दुर्ग गुरुद्वारा को डेड बॉडी फ्रीज़र किया डोनेट, आम नागरिकों के लिए निःशुल्क उपलब्ध

– DIGITAL BHILAI NEWS –

  • दुर्ग-भिलाई शहर में सामाजिक सहयोग और मानवीय संवेदनाओं की एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है।
  • शहर की प्रसिद्ध होम्योपैथी चिकित्सक स्वर्गीय डॉ. ममता चंद्राकर की स्मृति में उनके जन्मदिन के अवसर पर डॉ. चंद्राकर परिवार (ममता मेडिकल), दुर्ग द्वारा एक “Dead Body Freezer” शहरवासियों को समर्पित किया गया है।
  • यह सुविधा स्टेशन Road स्थित गुरुद्वारा परिसर में उपलब्ध रहेगी और जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क दी जाएगी।
  • आइए विस्तार से जानते हैं 👇

स्वर्गीय डॉ. ममता चंद्राकर की स्मृति में किया गया समर्पण

👉रविवार दोपहर करीब 12 बजे आयोजित कार्यक्रम में डॉ. चंद्राकर परिवार द्वारा यह डेड बॉडी फ्रीज़र स्टेशन रोड गुरुद्वारा को प्रदान किया गया। इस दौरान परिवार ने बताया कि स्वर्गीय डॉ. ममता चंद्राकर हमेशा सामाजिक सेवा और लोगों की मदद के लिए समर्पित रहीं। उनकी स्मृति को समाजहित से जोड़ते हुए यह सुविधा आम नागरिकों के लिए उपलब्ध कराई गई है। परिवार का कहना है कि किसी प्रियजन के निधन के बाद कई बार रिश्तेदार दूर-दराज क्षेत्रों में होने के कारण समय पर नहीं पहुंच पाते। ऐसे में मृत शरीर को सुरक्षित रखना परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई है।


जरूरतमंद परिवारों को मिलेगी बड़ी राहत

👉अक्सर देखा जाता है कि अंतिम संस्कार से पहले कई परिवारों को “Dead Body Freezer” की व्यवस्था करने में आर्थिक और व्यवस्थागत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। निजी स्तर पर फ्रीज़र की व्यवस्था काफी महंगी पड़ती है, जबकि कई बार तत्काल उपलब्धता भी नहीं मिल पाती। ऐसे में स्टेशन रोड गुरुद्वारा में यह सुविधा निशुल्क उपलब्ध होने से शहर और आसपास के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। किसी भी परिवार को आवश्यकता पड़ने पर गुरुद्वारा प्रबंधन से संपर्क कर यह सुविधा प्राप्त की जा सकेगी।


सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश

👉डॉ. चंद्राकर परिवार की इस पहल को शहर में सकारात्मक सामाजिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। आमतौर पर जन्मदिन या स्मृति दिवस पर औपचारिक आयोजन किए जाते हैं, लेकिन समाज के उपयोग से जुड़ी ऐसी स्थायी सुविधा उपलब्ध कराना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों ने भी इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की सुविधाएं जरूरत के समय लोगों के बहुत काम आती हैं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी सहारा देती हैं।

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शहर में बढ़ रही सामाजिक सहयोग की पहलें

पिछले कुछ वर्षों में दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में सामाजिक संगठनों और परिवारों द्वारा स्वास्थ्य एवं जनसुविधाओं से जुड़ी कई पहलें देखने को मिली हैं। रक्तदान शिविर, निशुल्क एम्बुलेंस सेवा और चिकित्सा सहायता जैसी सुविधाओं के बाद अब “Dead Body Freezer” की निशुल्क उपलब्धता भी उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है। इस पहल से यह संदेश भी निकलकर सामने आता है कि समाज में छोटी लेकिन उपयोगी सुविधाएं जरूरतमंद लोगों के लिए कठिन समय में बड़ा सहारा बन सकती हैं।


निष्कर्ष

स्वर्गीय डॉ. ममता चंद्राकर की स्मृति में शुरू की गई यह सेवा केवल एक उपकरण का दान नहीं, बल्कि संवेदनशील सामाजिक सोच का उदाहरण है। आने वाले समय में यह सुविधा कई परिवारों के कठिन समय में मददगार साबित हो सकती है और समाजसेवा की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में याद की जाएगी।


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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

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