ED Works की पहल सफल, BSP Workers Union की मेहनत रंग लाई — मर्चेंट मिल एप्रोच रोड पूरी तरह तैयार
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के मर्चेंट मिल शिपिंग यार्ड तक पहुंचने वाले एप्रोच रोड का निर्माण कार्य अब पूरी तरह पूरा हो चुका है।
- लंबे समय से कर्मचारियों और भारी वाहनों के लिए परेशानी बना यह मार्ग अब पक्का और सुरक्षित बन गया है।
- सड़क तैयार होने के साथ ही कर्मचारियों में राहत और संतोष का माहौल साफ तौर पर देखा जा रहा है।
- यह कार्य को BSP वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों प्रमुख रूप से यूनियन में DGS विमल कांत पांडेय के लगातार प्रयासों से संभव हुआ है।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
पहले कच्ची सड़क बनी थी बड़ी परेशानी!
मर्चेंट मिल शिपिंग यार्ड तक पहुंचने के लिए मुख्य सड़क से लगभग 50 मीटर का हिस्सा पहले कच्चा था, जो लगातार समस्याओं का कारण बन रहा था। बरसात के दौरान इस रास्ते में बड़े-बड़े गड्ढे हो जाते थे, जिनमें पानी और कीचड़ भर जाता था। भारी वाहनों जैसे ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रकों की आवाजाही के कारण यह रास्ता और अधिक खतरनाक बन जाता था, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी।
⚠️ दुर्घटनाएं और अस्थायी समाधान नहीं दे पा रहे थे राहत!
इस खराब सड़क के चलते BSP के कर्मचारियों को रोजाना जोखिम का सामना करना पड़ता था। कई बार छोटे-मोटे हादसे भी हुए। गड्ढों को भरने के लिए डस्ट डलवाने जैसे अस्थायी उपाय किए गए, लेकिन भारी वाहनों के दबाव में सड़क फिर से खराब हो जाती थी। इससे समस्या लंबे समय तक बनी रही।
यूनियन की लगातार मांग ने दिलाया समाधान
इस गंभीर समस्या को लेकर BSP वर्कर्स यूनियन ने लगातार आवाज उठाई। लगभग एक साल तक यूनियन पदाधिकारियों ने सीजीएम सेफ्टी से लेकर ईडी वर्क्स तक अलग-अलग स्तरों पर इस मुद्दे को रखा। डामरीकरण की मांग का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और दुर्घटनाओं को रोकना था, जिसे अब आखिरकार पूरा कर लिया गया है।
अब सड़क पूरी तरह तैयार, आवाजाही हुई आसान
अब एप्रोच रोड के पूरी तरह तैयार हो जाने से भारी वाहनों की आवाजाही सुगम हो गई है। शिपिंग यार्ड तक पहुंचना अब पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और आसान हो गया है।इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि कार्यक्षमता में भी सुधार देखने को मिलेगा।
धूल और कीचड़ से भी मिला छुटकारा
पहले कच्ची सड़क और गड्ढों के कारण बरसात में ट्रकों और ट्रैक्टर-ट्रॉली के टायरों में कीचड़ और धूल चिपककर यार्ड के भीतर तक पहुंच जाती थी। इससे पूरे परिसर में धूल और मिट्टी का वातावरण बन जाता था, जो कर्मचारियों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक था। अब सड़क के पक्का हो जाने से इस समस्या से भी काफी हद तक राहत मिल गई है। कार्यस्थल का वातावरण अब पहले की तुलना में अधिक स्वच्छ और सुरक्षित हो गया है।
🙏 यूनियन ने जताया आभार
इस कार्य के पूर्ण होने पर BSP वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों ने संयंत्र के E D works श्री राकेश कुमार धन्यवाद ज्ञापित किया है जिनके सहयोग से यह महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक पूरा हुआ। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों, सीईडी विभाग के अधिकारियों, सीजीएम सेफ्टी के प्रति आभार व्यक्त किया है। विशेष रूप से डीजीएस विमल कांत पांडे के लगातार प्रयासों की सराहना की गई है, जिनकी पहल से यह कार्य संभव हो सका।
क्या पड़ा असर?
एप्रोच रोड के बनकर तैयार हो जाने से कई सकारात्मक बदलाव सामने आए हैं। कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ी है, दुर्घटनाओं का खतरा कम हुआ है और यार्ड तक परिवहन अब अधिक व्यवस्थित हो गया है। यह पहल न केवल कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्य वातावरण को भी अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

