सुरक्षा को लेकर ED सख्त! यूनियन की मांग पर ठेका श्रमिक होंगे सुरक्षा समितियों का हिस्सा!
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में हाल ही में सामने आई औद्योगिक दुर्घटना को लेकर अब श्रमिक संगठनों ने सक्रिय रुख अपनाना शुरू कर दिया है।
- इसी कड़ी में BSP वर्कर्स यूनियन ने ठेका श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर प्रबंधन के सामने अहम प्रस्ताव रखा, जिस पर प्रबंधन ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत अमल भी शुरू कर दिया।
- यूनियन का मानना है कि संयंत्र में हो रही अधिकांश दुर्घटनाओं का सीधा असर ठेका श्रमिकों पर पड़ रहा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
- आज के समय में ठेका श्रमिक संयंत्र की वास्तविक ‘फ्रंट फायर लाइन’ पर तैनात हैं, जहां वे सबसे अधिक जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हुए सीधे दुर्घटनाओं के खतरे का सामना कर रहे हैं।
- आइए विस्तार से जानते हैं इस खास खबर को👇
यूनियन प्रतिनिधिमंडल ने प्रबंधन से की मुलाकात
👉इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए BSP वर्कर्स यूनियन के ठेका प्रकोष्ठ का एक प्रतिनिधिमंडल यूनियन अध्यक्ष उज्ज्वल दत्ता के नेतृत्व में संयंत्र प्रबंधन के कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) राकेश कुमार से मिला। बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने संयंत्र में हाल ही में हुई दुर्घटना पर चिंता व्यक्त की और इसके पीछे के कारणों को विस्तार से रखा। यूनियन ने स्पष्ट किया कि ठेका श्रमिकों की बड़ी संख्या सीधे कार्यस्थल पर सक्रिय रहती है, जिससे वे जोखिमों के सबसे करीब होते हैं।
ठेका श्रमिकों की भागीदारी क्यों जरूरी?
👉यूनियन ने अपने प्रस्ताव में यह महत्वपूर्ण तर्क दिया कि ठेका श्रमिक कार्यस्थल की वास्तविक परिस्थितियों और सुरक्षा संबंधी कमियों को सबसे बेहतर तरीके से समझते हैं। उनके पास जमीनी अनुभव होता है, जो कई बार उच्च स्तर पर बैठकर लिए गए निर्णयों में नजर नहीं आता! ऐसे में यदि उन्हें विभागीय सुरक्षा समितियों में शामिल किया जाता है, तो सुरक्षा व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनाया जा सकता है।
मांग पर तत्काल कार्रवाई, प्रबंधन ने दिए निर्देश!
👉यूनियन के सुझाव को सकारात्मक रूप से लेते हुए कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) राकेश कुमार ने मामले पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश जारी किए। उन्होंने सुरक्षा विभाग को निर्देशित किया कि संयंत्र के सभी विभागों की सुरक्षा समितियों में ठेका श्रमिकों को शामिल किया जाए। इस निर्णय को मांग पर त्वरित अमल का उदाहरण माना जा रहा है, जिससे भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को प्रभावी रूप से रोका जा सकेगा और कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।
सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद!
👉इस पहल से यह उम्मीद जताई जा रही है कि संयंत्र में सुरक्षा मानकों को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा। जब जमीनी स्तर पर काम करने वाले श्रमिक निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे, तो संभावित खतरों की पहचान और रोकथाम अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगी।
कौन कौन रहे शामिल? –
👉इस प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष उज्ज्वल दत्ता के नेतृत्व में कार्यकारी महासचिव शिव बहादुर सिंह, यूनियन ठेका प्रकोष्ठ अध्यक्ष अमित बर्मन, ठेका प्रकोष्ठ महासचिव धनंजय गिरी, यूथ विंग के राजकुमार सिंह प्रमुख रूप से शामिल रहे, जिन्होंने इस मुद्दे को मजबूती से प्रबंधन के सामने रखा।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

