OA-BSP की कार्यकारिणी की बैठक में एसईएसबीएफ के बोर्ड ऑफ ट्रस्टिस् के निर्णयों का किया स्वागत
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- BSP आफिसर्स एसोसिएशन के एक्सीक्यूटीव काउंसिल की बैठक दिनांक 02.03.2026 को प्रगति भवन सिविक सेंटर भिलाई में आयोजित किया गया।
- जिसमें दिनांक 2 फरवरी, 2026 को कोलकाता में आयोजित एसईएसबीएफ (सेल कर्मचारी सेवानिवृत्ति अनुलाभ निधि) के बोर्ड ऑफ ट्रस्टिस् की 50वीं बैठक में लिए गए निर्णयों का ओए-कार्यकारिणी ने स्वागत किया।
- आइए जानते है इस बैठक के बारे में विस्तार से👇

बैठक में दी गई मुख्य जानकारी✔️
👉ओए-बीएसपी के पदाधिकारियों द्वारा SESBF एवं SPS से संबंधित मुख्य बिंदुओं पर जानकारी इस बैठक में दी गई एवं एसईएसबीएफ के मैनेजमेंट ट्रस्टिस् की 86वीं बैठक व एसईएसबीएफ के बोर्ड ऑफ ट्रस्टिस् की 50वीं बैठक में लिए गए निर्णयों का सभी सदस्यों ने स्वागत किया।
✔️एसईएसबीएफ की स्थापना और उद्देश्य!
SESBF की स्थापना वर्ष 1989 में उस समय की गई थी जब कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर कोई पेंशन संबंधी लाभ उपलब्ध नहीं था। कर्मचारियों को अतिरिक्त पेंशन लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से यह कोष बनाया गया था। कर्मचारी अपने वेतन का 2 प्रतिशत प्रतिमाह एसईएसबीएफ में अंशदान करते थे। इस फंड में कंपनी के ओर से कोई भी अंशदान नहीं किया गया।

सेल पेंशन योजना (SPS) से संबंधित जानकारी!
👉भारत सरकार के लोक उद्यम विभाग (डीपीई) के निर्देशों के अनुसार, सेल पेंशन योजना (एसपीएस) की स्थापना की गई, जिसके अंतर्गत नियोक्ता के रूप में सेल को इस योजना में अंशदान करने की अनुमति दी गई। कर्मचारियों को उक्त योजना के अनुसार एन्युटी आधारित पेंशन सेवानिवृत्ति या सेवा से पृथक्करण पर प्राप्त होती है।
👉SPS के अंतर्गत सेल पेंशन ट्रस्ट का गठन किया गया, जिसने योजना के अंतर्गत प्राप्त पेंशन अंशदान को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में निवेश करने का विकल्प चुना, जो आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80सीसीडी (आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 124 में सम्मिलित किए जाने हेतु) के अंतर्गत अधिसूचित है।
एसईएसबीएफ से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय!
👉कार्मिकों के वेतन से एसईएसबीएफ के लिए मूल वेतन + महंगाई भत्ता का 2 प्रतिशत की दर से की जा रही कटौती 1 अप्रैल 2026 से (अर्थात मार्च 2026 का वेतन, जो अप्रैल 2026 में देय होगा) बंद कर दी जाएगी।
👉31 मार्च 2026 तक प्रत्येक अंशदाता के एसईएसबीएफ खाते में संचित अंशदान एवं उस पर अर्जित आय/ब्याज की शेष राशि आवश्यक औपचारिकताएँ पूर्ण करने के पश्चात संबंधित कार्मिकों के एनपीएस (NPS) खाते में स्थानांतरित की जाएगी।
👉सभी कार्मिकों को यह विकल्प प्रदान किया जाएगा कि वे स्वैच्छिक आधार पर अपने मूल वेतन + महंगाई भत्ता का 2 प्रतिशत मासिक अंशदान अपनी संबंधित एनपीएस खाते (एसपीएस के अंतर्गत) में, कंपनी द्वारा किए जा रहे नियमित/आवधिक अंशदान के अतिरिक्त, जारी रख सकें।
👉एसईएसबीएफ के ट्रस्टिस्ं ने श्री राजीव पांडेय, अध्यक्ष, एसईएसबीएफ एवं श्री पवन कुमार अग्रवाल, सचिव को सम्मिलित करते हुए प्रबंध समिति को ट्रस्ट के समापन एवं निधि के एनपीएस में अंतरण की प्रक्रियाओं/व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने तथा मध्यावधि में सेवानिवृत्त/सेवा से पृथक होने वाले कार्मिकों के मामलों का निपटान करने हेतु अधिकृत किया है।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारी
👉इस बैठक में सेफी चेयरमेन एवं ओए-बीएसपी अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार बंछोर, ओए-बीएसपी महासचिव अंकुर मिश्रा, कोषाध्यक्ष सौभाग्य रंजन साहू, सेफी नामिनी अखिलेश मिश्रा, उपाध्यक्ष रेमी थॉमस, सचिव द्वय प्रहलाद मौर्या, अनु पी सहित जोनल प्रतिनिधिगण सुष्मिता पाटला सोमेश द्विवेदी, विकास सिंहा, एम के गुलाटी, विवेक सिंह चौहान, एस के नगाले, अंकुर राठौर, एच एल सोनवानी, विनीत वर्मा, टी के सिन्हा, रोहित हरित, विनिता वर्मा, डॉ. तनुजा आनंद, डॉ. नीला, नीरजा शर्मा, के. संगीता आदि उपस्थित थे।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

