DA 50% पार; Gratuity बढ़ी, पर Workmen के लिए पर्क्स पर सस्पेंस!

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– DIGITAL BHILAI NEWS – (DA HIKE NEWS) –

“क्या SAIL सिर्फ़ अधिकारियों को देगा लाभ?”

  • स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (SAIL) में इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA) की दर 50% की सीमा पार कर अब 51.8% हो गई है।
  • IDA का 50% से अधिक हो जाना एक महत्वपूर्ण बिंदु है, क्योंकि इसके बाद 3rd Pay Revision Committee (3rd PRC) के कुछ प्रावधान सक्रिय हो जाते हैं, जिनका सीधा असर कर्मचारियों को मिलने वाले लाभों पर पड़ता है।
  • इन्हीं में से एक है Gratuity Ceiling और Perks की सीमा में वृद्धि
  • अब कर्मचारियों के बीच नया सवाल यह है कि— क्या PRC के तहत मिलने वाले पर्क्स की बढ़ोतरी सभी पर लागू होगी या फिर केवल अधिकारियों पर?
  • आइये विस्तार से जानते है इन नियमो के बारे में👇

DA में 2.8 % की बढ़ोतरी

👉SAIL ने अपने सर्कुलर (Dated 29 October 2025) में बताया: 2017 वेतन संरचना वाले कर्मचारियों (Executives और Non-executives) का नया DA HIKE = 51.8% – पिछली तिमाही की तुलना में 2.8% की वृद्धि

👉यह वृद्धि Retro-effect से 01 October 2025 से लागू मानी जाएगी।

👉यानी अक्टूबर के वेतन से बढ़ा हुआ DA लागू होगा।

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DA 50% पार — Gratuity बढ़कर ₹25 लाख हुई

👉IDA के 50% सीमा पार करने के बाद – SAIL में Gratuity limit ₹20 लाख → ₹25 लाख कर दी गई है। यह लाभ सभी eligible categories को मिला है, जो कि 3rd PRC से जुड़े कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है।

👉SAIL की आधिकारिक वित्तीय रिपोर्ट (H1 FY-26) में बताया गया है कि Gratuity सीमा बढ़ने से कंपनी पर लगभग ₹338.44 करोड़ का अतिरिक्त संभावित बोझ पड़ेगा, इसलिए इस राशि को आधे वर्ष (अप्रैल से सितंबर) की वित्तीय गणना में “Exceptional Item” के रूप में शामिल किया गया है।

👉हालांकि यह बात भी सही है कि यह राशि Q3 से प्रभावित करनी चाहिए थी, क्योंकि सितंबर 2025 तक सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पुरानी सीमा ₹20 लाख ही मिलेगी।

👉यह सवाल उठ रहा है कि जब नया नियम 1 अक्टूबर 2025 से लागू हुआ, तो Gratuity बढ़ोतरी का बोझ H1 में क्यों दिखाया गया। यदि यह Provision न किया गया होता तो कंपनी का कर-पूर्व लाभ (PBT) ₹552.89 करोड़ की जगह लगभग ₹891 करोड़ दिखाया जा सकता था।

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3rd PRC की पृष्ठभूमि और कर्मचारी वर्गीकरण

👉भारत सरकार समय-समय पर सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं की समीक्षा के लिए Pay Revision Committees (PRC) बनाती है। इसी क्रम में 3rd PRC का गठन जून 2016 में हुआ था और इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2017 से लागू मानी जाती हैं।

👉सरकारी स्वामित्व वाली वे कंपनियाँ, जिनमें केंद्र या राज्य सरकार की 51% या उससे अधिक हिस्सेदारी होती है, उन्हें PSU कहा जाता है।

CPSE

👉यदि यह हिस्सेदारी केंद्र सरकार की हो, तो कंपनी को CPSE (Central Public Sector Enterprise) कहा जाता है। SAIL भी एक CPSE है।

👉CPSE कर्मचारियों को कुल मिलाकर चार श्रेणियों में बाँटा गया है—

  • Board-level Executives, जो कंपनी के उच्च प्रबंधन में होते हैं और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हैं।

  • Below Board-level Executives (E0–E9), जो विभागीय संचालन और प्रबंधन का काम देखते हैं, जैसे मैनेजर, AGM, DGM आदि।

  • Non-unionized Supervisors, जो कार्यस्थल पर कर्मचारियों की निगरानी करते हैं, लेकिन अधिकारी पद पर नहीं होते। SAIL में इस सुपरवाइजर कैडर का आभाव है, यहाँ अधिकारी ही सुपरवाइजर का काम कर रहे है। 

  • Workmen (Unionized), जिनमें तकनीकी और श्रम आधारित पद शामिल होते हैं जैसे Technician, Fitter, Operator आदि।

👉PRC के लाभ सिर्फ Executives और Non-unionized Supervisors पर लागू होते हैं। Workmen इस दायरे से बाहर हैं। इसीलिए कुल CPSE वर्कफोर्स का केवल करीब 30% हिस्सा PRC लाभ का सीधा पात्र है।

TYPES OF WORKMEN IN PSU


PRC में Perks संबंधी प्रावधान

👉3rd PRC की धारा 3.16.13(i) के अनुसार:

  • Executives और Non-union Supervisors को मिलने वाले Perks की अधिकतम सीमा Basic Pay के 35% तक रखी गई है, यानी कंपनी चाहे तो कर्मचारियों को Basic Pay का 35% तक भत्ते और अन्य सुविधाएँ दे सकती है।

  • यदि Industrial Dearness Allowance (IDA) 50% से ऊपर चला जाए, तो PRC के अनुसार कंपनियों को इस Perks सीमा में 25% तक अतिरिक्त बढ़ोतरी करने की अनुमति है। इस प्रावधान का उद्देश्य यह है कि बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों को कुछ और राहत मिल सके।

  • इस नियम के लागू होने पर EXECUTIVES का PERKS 35% से बढ़कर लगभग 43.75% तक पहुँच सकती है, यानी (35% × 25% = 8.75% तक बढ़ोतरी संभव) लेकिन इसे लागू करना अनिवार्य नहीं है। कंपनी चाहे तो इसे लागू करे या न करे; यह पूरी तरह Board of Directors के निर्णय पर निर्भर करता है।

  • वर्तमान में SAIL कर्मचारियों Workmen (Unionized) में Perks की सीमा 26.5% है। यदि 25% की अतिरिक्त वृद्धि लागू होती है, तो यह सीमा लगभग 33.125% तक पहुँच सकती है।

PERKS ALLOWNCE DA


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Workmen का सवाल — क्या समान लाभ मिलेगा?

👉कर्मचारियों का कहना है कि जब IDA और Gratuity बढ़ोतरी का लाभ सभी कर्मचारियों को मिला है, तो Perks में बढ़ोतरी भी समान रूप से दी जानी चाहिए।

👉Workmen का तर्क है कि PRC का उद्देश्य कर्मचारियों को बेहतर लाभ देना है; ऐसे में Perks बढ़ोतरी पर दो अलग तरह के नियम बनाना उचित नहीं लगता।

👉यदि Perks बढ़ोतरी केवल Executives तक सीमित रहती है, तो यह कर्मचारियों में भेदभाव की भावना पैदा कर सकती है।

👉कर्मचारियों का यह भी कहना है कि यदि प्रबंधन स्वयं निर्णय ले और इसे सभी पर लागू करे तो स्थिति स्पष्ट और संतुलित होगी।

👉यह मामला अब नीति और समानता — दोनों ही स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।


निष्कर्ष

👉IDA बढ़कर 51.8% होने से 3rd PRC के Gratuity संबंधित प्रावधान सक्रिय हुए और Gratuity सीमा बढ़ाकर ₹25 लाख कर दी गई, जिससे कर्मचारियों को सीधा लाभ मिला।

👉अब बड़ा प्रश्न यह है कि PRC के दूसरे हिस्से — Perks बढ़ोतरी — को लेकर SAIL क्या निर्णय लेता है।

👉Perks बढ़ोतरी की अनुमति PRC में स्पष्ट है, लेकिन इसे लागू करने की जिम्मेदारी कंपनी के Board of Directors पर है।

👉कर्मचारी उम्मीद कर रहे हैं कि प्रबंधन इस मुद्दे पर सभी वर्गों को समान लाभ देने की दिशा में निर्णय लेगा।

👉आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि SAIL इस बहस को किस दिशा में ले जाता है — स्पष्ट निर्णय, चरणबद्ध बदलाव, या फिर संघर्ष।


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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज़ 

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