BHILAI STEEL PLANT में करोड़ों की स्क्रैप चोरी का हाईटेक खुलासा — वेज़ब्रिज से होता था वजन में हेरफेर

bhilai steel plant scam

DIGITAL BHILAI NEWS –


28 अगस्त 2025 – Bhilai Steel Plant 


भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के मटेरियल रिकवरी डिपार्टमेंट (MRD), बोरिया परिसर में बड़े पैमाने पर हाइटेक स्क्रैप लोहा चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार विभाग के वजन कांटा (Weighbridge) पर गुप्त इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगाकर वजन मशीन को कंट्रोल किया जा रहा था। नतीजतन, ट्रकों में लदा अतिरिक्त स्क्रैप लोहे का वजन कांटे पर दर्ज ही नहीं होता था और यह चोरी लंबे समय तक बाहर पहुंचाई जाती रही।

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यह खुलासा तब हुआ जब बीते शनिवार को तोल कांटे में अचानक तकनीकी गड़बड़ी आई। मेंटेनेंस इंजीनियरिंग टीम मौके पर पहुंची और जांच में पूरा खेल उजागर हो गया।

Bhilai Steel Plant


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चोरी का आकार कितना बड़ा?

❓विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इस हेराफेरी के चलते लाखों रुपये मूल्य का लोहा बाहर गया होगा।

❓कांटे से छेड़छाड़ लंबे समय से चल रही थी, इसलिए सटीक आंकड़ा निकालना लगभग असंभव है।

❓अनुमान है कि चोरी कई टन तक हो सकती है, जो बीएसपी की उत्पादन और सुरक्षा प्रणाली पर बड़ा सवाल है।


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BHILAI STEEL PLANT की सुरक्षा एजेंसियां हरकत में

जैसे ही मामला खुला, CISF, विजिलेंस, बीएसपी सिक्योरिटी और विभागीय अधिकारी तुरंत MRD कैंपस पहुंचे।

👉मौके से संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किया गया।

👉प्रबंधन ने तत्काल जीएम-लेवल की टीम बनाकर तकनीकी व प्रशासनिक जांच शुरू कर दी है।

👉अब ध्यान इस पर है कि इस काम में कितने लोग शामिल थे और मिलीभगत कहां तक फैली हुई थी।


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कर्मचारी चुप क्यों रहे?

MRD में काम करने वाले कई कर्मचारी अब घबराएं हुए है।उन्होंने पहले भी गड़बड़ियां देखी थीं। लेकिन—

❗शिकायत करने पर “बाहर निकलने पर अंजाम भुगतने” जैसी धमकियां मिलती थीं।

❗डर के कारण लोग खामोश हो गए और चोरी का खेल चलता रहा।

❗अब खुलासे के बाद वही कर्मचारी दहशत में हैं कि कहीं जांच के नाम पर उन पर ही ठीकरा न फोड़ा जाए।


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कैसे होता था हाईटेक फर्जीवाड़ा❓

✔️बोरिया स्थित वेज़ब्रिज की अधिकतम क्षमता 50 टन है।

✔️ट्रक में इससे ज्यादा स्क्रैप लोड होने पर गुप्त डिवाइस सक्रिय कर दिया जाता था।

✔️डिवाइस से मशीन के सिग्नल को कंट्रोल कर कांटे की स्क्रीन पर हमेशा “50 टन” ही दिखाया जाता।

✔️ऑपरेटर को भी असलियत पता नहीं चल पाती थी, क्योंकि डिस्प्ले पर सब कुछ सामान्य लगता था।


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प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल❓

🛑स्क्रैप की निगरानी और संरक्षण जिस विभाग का काम है, वहीं से करोड़ों की चोरी होना बीएसपी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि—

क्या जांच के बाद असली दोषियों को सज़ा मिलेगी?

या फिर यह मामला भी कई पुराने मामलों की तरह धीरे-धीरे ठंडा पड़ जाएगा?


निष्कर्ष

भिलाई स्टील प्लांट का यह “लोहा वज़न घोटाला” सिर्फ चोरी का मामला नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी और संभावित अंदरूनी मिलीभगत को भी उजागर करता है। आने वाले दिनों में जांच किस नतीजे पर पहुंचती है, उसी से तय होगा कि प्रबंधन अपनी साख बचा पाएगा या नहीं।


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रिपोर्ट : DIGITAL BHILAI NEWS 

 

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