गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती पर ‘कविगुरु’ का भव्य मंचन, भिलाई में सांस्कृतिक रंगों की शानदार प्रस्तुति
– DIGITAL BHILAI NEWS –
“भिलाई में सजी सांस्कृतिक शाम, कला और साहित्य का अद्भुत संगम..”
- बहुआयामी कला प्रशिक्षण संस्था गीत वितान कला केंद्र, रुआबांधा के तत्वावधान में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी कला मंदिर सभागार, सिविक सेंटर, भिलाई में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
- आइए विस्तार से जानते है 👇
गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
👉कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुश्री मोना सेन (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम, राज्य मंत्री दर्जा) उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री ललित चंद्राकर (उपाध्यक्ष, कैबिनेट मंत्री दर्जा एवं विधायक, दुर्ग ग्रामीण) ने की।
👉विशिष्ट अतिथियों के रूप में प्रो. डॉ. संजय तिवारी (कुलपति, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय), डॉ. आर.बी. सिंह (कुलपति, कामधेनु विश्वविद्यालय) तथा श्री नील कुमार शर्मा (मुख्य महाप्रबंधक एवं व्यापार इकाई प्रमुख, एन.एस.पी.सी.एल भिलाई) की गरिमामयी उपस्थिति रही।
शुभारंभ और ‘सोनार तोरी’ का विमोचन
👉भिलाई इस्पात संयंत्र, ऑफिसर्स एसोसिएशन, एफ.एस.एन.एल, एन.एस.पी.सी.एल, बैंक ऑफ बड़ौदा भिलाई, जेना फ्लावर्स के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
👉संस्था के उपाध्यक्ष सोमेन कुंडू ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर संस्था की वार्षिक पत्रिका “सोनार तोरी” का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। साथ ही सभी अतिथियों को गुरुदेव का छायाचित्र स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट किया गया।
रवींद्र संगीत और वाद्य प्रस्तुति ने बांधा समां
👉सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ रवींद्र संगीत “सुखेर माझे तोमाय देखेछी” से हुआ, जिसकी प्रस्तुति संस्था के गायन विद्यार्थियों ने दी। वाद्य विभाग के छात्र-छात्राओं ने गिटार एवं कीबोर्ड पर “आकाश भरा सूरजो तारा” की मनमोहक धुन प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
122 कलाकारों ने जीवंत किया ‘कविगुरु’ का जीवन
👉इस अवसर पर गुरुदेव के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री ड्रामा “कविगुरु” का मंचन संस्था के 122 कलाकारों द्वारा किया गया। इस नाट्य प्रस्तुति में रवींद्र संगीत, रवींद्र नाट्यम एवं नाटिका के माध्यम से साहित्य, मानवीय चेतना, प्रकृति प्रेम, शिक्षा पद्धति, राष्ट्रवाद तथा नारी सशक्तिकरण जैसे विषयों को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया गया।
शांतिनिकेतन के दृश्यों का सजीव चित्रण
👉प्रस्तुति में शांतिनिकेतन के दृश्य—कला भवन, उपासना गृह, पाठ भवन एवं संगीत भवन—का सजीव चित्रण किया गया, जिसमें प्रकृति की गोद में शिक्षा और साधना के स्वरूप को दर्शाया गया। नाटक का निर्देशन नृत्यमणी मिथुन दास द्वारा किया गया।
संगीत, कविता और अभिनय का शानदार संगम
👉पार्श्व संगीत में चंद्रा बैनर्जी, डेनिल कोसरिया, हर्ष सोनटेके, अमन बराडे एवं रूद्रप्रसन्न जेना ने संगत दी। कविता पाठ जॉली चक्रवर्ती द्वारा तथा नाटक में आलेख पाठ रचना श्रीवास्तव एवं नीना बागची द्वारा प्रस्तुत किया गया।
आभार प्रदर्शन और सहयोगियों का योगदान
👉अंत में श्रीमती रजनी सिन्हा द्वारा सभी अतिथियों, कलाकारों, सहयोगी संस्थाओं एवं दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री नरेंद्र कुमार बंछोर, वंश बहादुर सिंह, वी.के. मोहम्मद, रमेश कुमार सोनवणे, शक्ति चक्रवर्ती, सोमेन कुंडू, प्रदीप कुमार मित्रा, सुधेंदु बागची, सुब्रत विकास चौधरी, राजकुमार ऊईके, सौरभ चक्रवर्ती, मनोज ठाकरे, शैलेश कुमार चाहंदे, अस्मिता बैनर्जी, स्वच्छ सेवा समिति भिलाई एवं ईश्वर कृपा सेवा समिति भिलाई का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

