राखी बांधने पहुंचे 4 हजार परिजन, दुर्ग पुलिस ने मौके पर ही शुरू कर दिया साइबर जागरूकता अभियान
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- रक्षाबंधन के मौके पर केंद्रीय जेल परिसर दुर्ग में जब करीब 4,000 परिजन अपने बंदी परिजनों से मिलने और उन्हें राखी बांधने पहुंचे, तो दुर्ग पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- बड़ी संख्या में मौजूद लोगों के बीच पुलिस ने साइबर जागृति अभियान चलाकर ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और OTP साझा करने से होने वाले साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताए।
- पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और साइबर अपराध होने पर तत्काल सूचना देने की अपील भी की।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
केंद्रीय जेल परिसर में पहुंचे करीब 4,000 परिजन
👉दिनांक 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के अवसर पर केंद्रीय जेल परिसर दुर्ग में निरुद्ध बंदियों से मिलने एवं उन्हें राखी बांधने के लिए उनके परिजन बड़ी संख्या में पहुंचे। इस दौरान लगभग 4,000 परिजन उपस्थित रहे।
दुर्ग पुलिस द्वारा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही उपस्थित लोगों के बीच साइबर जागृति अभियान भी संचालित किया गया। पुलिस का उद्देश्य केवल मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि आम नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना भी रहा।
ऑनलाइन ठगी से बचाव के बताए जरूरी तरीके
👉अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं साइबर टीम ने उपस्थित परिजनों को वर्तमान समय में होने वाले विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी। लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल एवं संदेश, संदिग्ध लिंक, OTP साझा करने तथा डिजिटल माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी से बचाव के संबंध में आवश्यक सावधानियां बताई गईं।
पुलिस ने लोगों को समझाया कि अनजान व्यक्तियों द्वारा किए जाने वाले कॉल या भेजे गए संदेशों पर तुरंत भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और डिजिटल लेन-देन के दौरान विशेष सतर्कता बरतें।
OTP और बैंक संबंधी जानकारी साझा नहीं करने की अपील
👉दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी, पासवर्ड, ATM संबंधी जानकारी अथवा अन्य संवेदनशील डिजिटल जानकारी साझा न करें।
पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को झांसे में लेकर उनकी गोपनीय जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि को लेकर सतर्क रहना जरूरी है।
साइबर अपराध होने पर तत्काल सूचना देने की अपील
👉जागरूकता अभियान के दौरान लोगों को यह भी बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी या अन्य साइबर अपराध होता है, तो बिना देरी किए पुलिस को इसकी सूचना दें। समय पर सूचना मिलने से आवश्यक कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है। पुलिस ने उपस्थित परिजनों को स्वयं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने के साथ-साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।
अभियान में पुलिस अधिकारियों और साइबर टीम की सक्रिय भूमिका
👉केंद्रीय जेल परिसर में आयोजित इस अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री शोभराज अग्रवाल, उप निरीक्षक संकल्प राय, साइबर टीम, थाना प्रभारी प्रमोद रुसिया पद्मनाभपूर, उप निरीक्षक चंद्रशेखर सोनी प्रभारी अंजोरा सहित पुलिस स्टाफ ने सक्रिय सहभागिता की।
पुलिस टीम द्वारा एक ओर जहां रक्षाबंधन के अवसर पर केंद्रीय जेल परिसर में पहुंचने वाले हजारों परिजनों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई, वहीं दूसरी ओर उन्हें साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक भी किया गया।
दुर्ग पुलिस की आम नागरिकों से अपील
👉दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि साइबर अपराधों से बचने के लिए हमेशा सतर्क रहें। किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाता, ATM, OTP, पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें।
पुलिस ने लोगों से संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने और किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की है, ताकि समय रहते आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा सके।
रक्षाबंधन के अवसर पर केंद्रीय जेल परिसर में आयोजित यह अभियान इस बात का संदेश भी देता है कि साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि हर नागरिक की रोजमर्रा की सावधानी से जुड़ा विषय है। हजारों परिजनों के बीच दुर्ग पुलिस की यह पहल सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ Cyber Awareness को भी प्राथमिकता देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास रही।
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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

