बोकारो स्टील प्लांट में बड़ा संकट! चारों ब्लास्ट फर्नेस ठप, 15 हजार से अधिक कार्मिकों की सुरक्षा पर SEFI चिंतित
– DIGITAL BHILAI NEWS –
- बोकारो स्टील प्लांट में उत्पन्न गंभीर स्थिति ने औद्योगिक व्यवस्था और कार्मिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
- स्टील एग्जीक्यूटिव्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SEFI) ने झारखंड के मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप कर संयंत्र में सामान्य स्थिति बहाल करने की मांग की है।
- SEFI अध्यक्ष नरेंद्र कुमार बंछोर ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कर्मचारियों, अधिकारियों और ठेका श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
- आइए विस्तार से जानते हैं 👇
बोकारो स्टील प्लांट में गंभीर स्थिति, SEFI ने जताई चिंता
👉स्टील एग्जीक्यूटिव्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (सेफी) के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र कुमार बंछोर ने बोकारो स्टील प्लांट में उत्पन्न गंभीर स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप कर संयंत्र में सामान्य स्थिति बहाल करने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर संयंत्र परिसर में फंसे कर्मचारियों, अधिकारियों एवं ठेका श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा औद्योगिक गतिविधियों को शीघ्र सामान्य बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया है।
चारों ब्लास्ट फर्नेस का उत्पादन ठप, अन्य इकाइयों पर भी असर की आशंका
👉श्री बंछोर ने कहा कि बोकारो स्टील प्लांट देश की एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय औद्योगिक संपत्ति है। इसका सुचारु संचालन देश की औद्योगिक प्रगति, झारखंड की अर्थव्यवस्था तथा बोकारो क्षेत्र के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस संयंत्र से हजारों परिवारों की आजीविका प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई है। ऐसे में संयंत्र में उत्पन्न मौजूदा स्थिति न केवल उत्पादन एवं आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर रही है, बल्कि कार्मिकों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने बताया कि बोकारो स्टील प्लांट के चारों ब्लास्ट फर्नेस का उत्पादन ठप हो गया है। इसके कारण इस्पात गलनशाला, कोक ओवन, ऑक्सीजन प्लांट तथा अन्य संबद्ध इकाइयों का संचालन भी प्रभावित होने की आशंका है। उत्पादन में इस प्रकार का व्यवधान संयंत्र को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ संवेदनशील औद्योगिक प्रक्रियाओं के संचालन एवं सुरक्षा के लिए भी चुनौती उत्पन्न कर सकता है।
15 हजार से अधिक कार्मिकों की सुरक्षा पर चिंता
👉श्री बंछोर ने संयंत्र परिसर के भीतर लगभग 15,000 से अधिक कर्मचारियों, अधिकारियों एवं ठेका श्रमिकों के फंसे होने की जानकारी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा, कुशलक्षेम तथा सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी औद्योगिक विवाद या आंदोलन के दौरान कार्मिकों की सुरक्षा एवं आवश्यक आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
10 अक्टूबर से जारी भूख हड़ताल, 17 अक्टूबर को मुख्य द्वार भी अवरुद्ध
👉विदित हो कि बोकारो में विस्थापित समूहों द्वारा नियोजन की मांग को लेकर 10 अक्टूबर से भूख हड़ताल की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पहले संयंत्र के मुख्य द्वार को छोड़कर अन्य द्वारों पर अवरोध उत्पन्न किया गया और 17 अक्टूबर को मुख्य द्वार भी अवरुद्ध कर दिया गया। इससे संयंत्र की सामान्य गतिविधियां गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं।
SEFI का झारखंड सरकार से निवेदन
👉सेफी ने झारखंड सरकार से अनुरोध किया है कि बोकारो स्टील प्लांट में तत्काल हस्तक्षेप कर शांति एवं सामान्य स्थिति बहाल की जाए। संयंत्र परिसर में मौजूद सभी कार्मिकों की सुरक्षा एवं सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाए। सभी प्रवेश एवं निकास द्वारों पर सामान्य आवागमन बहाल करने के साथ आवश्यक सुरक्षा एवं आपातकालीन सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री से तत्काल कार्रवाई की उम्मीद
👉श्री नरेन्द्र कुमार बंछोर ने विश्वास व्यक्त किया कि झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री इस गंभीर परिस्थिति का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देंगे। उन्होंने कहा कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई करना कार्मिकों के जीवन की सुरक्षा, औद्योगिक व्यवस्था बहाल करने तथा देश की इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्ति को संभावित नुकसान से बचाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
सेफी ने आशा व्यक्त की है कि राज्य सरकार के त्वरित हस्तक्षेप एवं सभी संबंधित पक्षों के सहयोग से बोकारो स्टील प्लांट में शीघ्र सामान्य स्थिति बहाल होगी और इस संकट का शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।
अगली खबर पढ़े 👉 भिलाई में सड़क पर गाड़ी खड़ी करने वालों पर कार्रवाई! सुपेला चौक से चंद्रा मौर्य चौक तक चला संयुक्त अभियान
रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

K.D. एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और वेब स्ट्रैटेजिस्ट हैं, जिन्हें वेब मीडिया, लोकल अफेयर्स में कई वर्षों का अनुभव है। वे स्टील इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, कर्मचारियों की नीतियों (NPS, EPFO, PRP, Leave Policy) और छत्तीसगढ़ से जुड़ी औद्योगिक खबरों को सरल और भरोसेमंद अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं। Digital Bhilai News का उद्देश्य है — औद्योगिक क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों को मूल्यवान जानकारी देना। हमारी लेखन शैली रिसर्च-आधारित और विश्लेषणात्मक होती है, जिससे हर खबर में डेटा, पृष्ठभूमि और असर दोनों शामिल रहते हैं। हम भिलाई और विभिन्न संयंत्र से जुड़ी श्रमिकों-कर्मियों के साथ हो रहे अन्याय आदि की खबरें तथ्यों, विश्लेषण और आधुनिक डिजिटल दृष्टिकोण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है।

