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प्रधानमंत्री मोदी के सामने पंथी नृत्य की प्रस्तुति देंगे तुषान्त बारले, गुजरात में 81 कलाकारों के दल का करेंगे नेतृत्व!

– DIGITAL BHILAI NEWS –

“प्रधानमंत्री मोदी सहित हजारों विशिष्ट दर्शकों के सामने पंथी नृत्य का रंग बिखेरेंगे तुषांत राष्ट्रीय एकता दिवस पर गुजरात में 81 पंथी कलाकारों के साथ करेंगे छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व..”

  • छत्तीसगढ़ की पंथी कला को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने जा रहे युवा साधक और लोक गायक तुषान्त बारले आगामी 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे।
  • लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर आयोजित इस समारोह में तुषान्त 81 उत्कृष्ट पंथी कलाकारों के विशाल दल का नेतृत्व करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष अपनी लोककला की प्रस्तुति देंगे।
  • इस आयोजन में देशभर से लगभग 8,000 से अधिक कलाकार शामिल होंगे।
  • आइए विस्तार से जानते है 👇

बना रहे हैं विशिष्ट पहचान

👉प्रसिद्ध पंथी नर्तक एवं पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित डॉ. राधेश्याम बारले के सुपुत्र तुषान्त बारले एक लोक गायक के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके हैं। वे अपने सांस्कृतिक मंच ‘अंतस’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति को देश के कोने-कोने में पहुँचाने का कार्य निरन्तर कर रहे हैं।

👉इससे पूर्व वर्ष 2025 में उन्होंने फोक कार्निवल (गुजरात), स्वदेशी मेला (बालाघाट), आदि रंग महोत्सव (नई दिल्ली), राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश), बुंदेली उत्सव (छतरपुर), पांडिचेरी, हैदराबाद, झारखंड, टाटा जमशेदपुर, तेलंगाना, गोवा, ओडिशा, महाराष्ट्र, पंजाब, जयपुर, तमिलनाडु, कर्नाटक, मैसूर और भोपाल सहित देश के लगभग सभी प्रमुख महानगरों व महोत्सवों में राज्य की लोक कला का परचम लहराया है। वे पंथी, करमा, भोजली, जस-जवारा, राउत नाचा, डंडा नाचा, सरहुल, शैला, रिलो, सुवा और गौरा-गौरी जैसे प्रसिद्ध लोकगीत एवं लोक नृत्यों की प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करते रहे हैं।


जन-जागरूकता अभियान और राज्य के शीर्ष सम्मानों से अलंकृत

👉तुषान्त बारले केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अपने गायन और कला के माध्यम से केंद्र व राज्य सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार भी कर रहे हैं। उन्होंने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, सार्वभौमिक टीकाकरण और पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों पर दर्जनों संगीतमय कार्यक्रमों की सफल प्रस्तुति दी हैं।

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👉उनकी इस अनवरत कला साधना और उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें अनेक प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों से नवाजा जा चुका है। उन्हें छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा ‘लोककला साधक सम्मान’, उपमुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा ‘छत्तीसगढ़ कला रत्न सम्मान’, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा ‘कला शिरोमणि सम्मान’ तथा पूर्व राज्यपाल अनुसुइया उइके द्वारा ‘कला श्री सम्मान’ और ‘छत्तीसगढ़ गौरव सम्मान’ सहित कई राज्य स्तरीय पुरस्कारों से विभूषित किया जा चुका है।


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रिपोर्ट : डिजिटल भिलाई न्यूज

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